‘मिनी पंजाब’ में फसलों की सिंचाई का संकट

ब्यूरो/शाहजहांपुर Updated Sat, 30 Apr 2016 12:20 AM IST
‘मिनी पंजाब’ में फसलों की सिंचाई का संकट
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भीषण गर्मी में किसानों के सामने फसल तैयार करने का संकट खड़ा हो गया है। तहसील क्षेत्र में फसल सिंचाई में राहत देने वाले तमाम सरकारी नलकूपों के बंद होने और विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण किसानों का भरोसा टूट रहा है। 
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किसानों की मेहनत से फसलों की अच्छी पैदावार होने के कारण प्रदेश भर में पुवायां तहसील को ‘मिनी पंजाब’ के नाम से जाना जाता है। लेकिन शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं होने के कारण यहां के किसानों की स्थिति बदहाल हो चली है। पिछले वर्षों में बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों, मसूर आदि फसलों के खराब होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अब नलकूप विभाग की लचर कार्यशैली के कारण पुवायां, बंडा और खुटार के किसान परेशान घूम रहे हैं। सरकारी नलकूप न चलने के कारण किसान सिंचाई के लिए पंपिग सेट का सहारा लेने को विवश हैं। यह स्थिति तब है जब डीएम ने सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने और तालाबों में पानी भरने के निर्देश दे चुके हैं।

पुवायां में तो हाल सबसे ज्यादा खराब
ब्लाक क्षेत्र में कुल 84 नलकूपों में आठ बंद चल रहे हैं। गांव नाहिल का 36 नंबर नलकूप नाहिल का ही 31 नंबर, भटपुरा चंदू का 66 नंबर, पुरेना का 71 नंबर, लखनापुर का 107 नंबर, बुझिया का 26 नंबर, बेला का 43 नंबर, बख्तयारपुर का 121 नंबर, ककरहा के स्कूल में बने नलकूप ठप पड़े हैं। किसान तमाम बार नलकूप सही कराए जाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी कोई ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। 
खुटार में 32 में दो नलकूप बंद
खुटार ब्लाक क्षेत्र के गांव कढ़ैया का 13 नंबर नलकूप ठप पड़ा है। गांव प्रसादपुर का नलकून रेता दे रहा है। अन्य कई नलकूपों पर भी समस्या है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किसान पंपिग सेट से सिंचाई कर फसलों को जिंदा रख रहा है, इसमें डीजल आदि की मद में भारी खर्च आ रहा है। 
बंडा में तो कई साल से बंद पड़े नलकूप
ब्लाक क्षेत्र के गांव नवदिया बंकी का 154, बनिगवां का आठ नंबर, पिपरिया घासी का 20 नंबर, रायटांडा का 160 नंबर, लालपुर का 144 नंबर नलकूप बिजली लाइन, ट्रांसफार्मर आदि नहीं होने के कारण बंद पड़े हैं। भारी रकम खर्च कर बनवाए गए नलकूपों से किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। 
बंद नलकूपों से हो रहे लाखों के वारे-न्यारे
पुवायां। नलकूप विभाग के एक कर्मचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सरकारी आंकड़ों पर में नलकूप भवनों की रंगाई, मरम्मत, नाली की सफाई आदि के नाम पर हर वर्ष विभाग से लाखों की रकम के वारे-न्यारे हो रहे हैं। जबकि क्षेत्र में नलकूपों की दशा देखकर स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां का किसान किन हालातों से अपनी फसलों को तैयार करता होगा। 

नलकूप आपरेटर पर सिंचाई नहीं करने देने का आरोप
पुवायां। नगर के मोहल्ला तरती बाजार निवासी शिव शर्मा ने डीएम को भेजी गई शिकायत में बताया कि उनकी भूमि गांव इमलिया में है। सरकारी नलकूप के आपरेटर सत्यप्रकाश वर्मा साठगांठ के चलते बड़े किसानों को सिंचाई करने देते हैं लेकिन छोटे किसानों को पानी नहीं देते हैं। इससे फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। नलकूप आपरेटर सत्यप्रकाश वर्मा का कहना है कि डीएम के आदेश पर तालाब में पानी भरे जाने के कारण सिंचाई में कुछ समस्या रही। नलकूप पानी भी कम दे रहा है। शिव शर्मा से दो दिन बाद सिंचाई कर लेने को कहा था तो उनका बटाईदार गाली गलौज करने लगा। केवल बड़े किसानों को ही सिंचाई का मौका देने का आरोप निराधार है।

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