BYD DM-i हाइब्रिड तकनीक भारत में पेश: 'इलेक्ट्रिक-फर्स्ट' अप्रोच के साथ 1,200 किमी से ज्यादा की रेंज!
बीवाईडी इंडिया ने भारतीय बाजार के लिए अपनी वैश्विक हाइब्रिड तकनीक पेश की है, जो एक बार के चार्ज और ईंधन में लंबी दूरी तय करेगी। जानें कैसे काम करती है यह तकनीक।
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विस्तार
बीवाईडी इंडिया (BYD India) ने मंगलवार, 9 जून को भारत में अपनी मशहूर DM-i (डीएम-आई) (डुअल मोड इंटेलिजेंट) तकनीक को आधिकारिक तौर पर प्रदर्शित कर दिया है। यह कंपनी का विश्व स्तर पर स्थापित प्लग-इन हाइब्रिड सिस्टम है, जिसे अब भारतीय बाजार के लिए पेश किया गया है। यह तकनीक भारत में बीवाईडी की भविष्य की उत्पाद योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। कंपनी का दावा है कि इस तकनीक की मदद से वाहन 1,200 किलोमीटर से भी ज्यादा की कंबाइंड (संयुक्त) ड्राइविंग रेंज देने में सक्षम होंगे।
पारंपरिक हाइब्रिड सिस्टम से कैसे अलग है बीवाईडी का डीएम-आई?
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इलेक्ट्रिक-फर्स्ट दृष्टिकोण: पारंपरिक हाइब्रिड सिस्टम मुख्य रूप से पेट्रोल इंजन पर निर्भर करते हैं। लेकिन बीवाईडी का डीएम-आई सिस्टम 'इलेक्ट्रिक-फर्स्ट' दृष्टिकोण पर काम करता है।
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ज्यादातर समय ईवी मोड: अधिकांश ड्राइविंग परिस्थितियों में यह वाहन पूरी तरह से इलेक्ट्रिक पावर का उपयोग करके चलता है।
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इंजन की भूमिका: इंजन केवल तभी काम में आता है जब वाहन को अतिरिक्त ऊर्जा (एनर्जी) या अधिक रेंज की आवश्यकता होती है। यह लंबी यात्राओं के लिए इलेक्ट्रिक वाहन की दक्षता (एफीशिएंसी) और पारंपरिक पावरट्रेन की सुविधा को एक साथ जोड़ता है।
इस तकनीक का मुख्य इंजन सेटअप कैसा है और यह कैसे काम करता है?
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मुख्य इंजन: इस पूरे सेटअप के केंद्र में बीवाईडी का 1.5-लीटर का 'श्याओयुन' (Xiaoyun) पेट्रोल इंजन है। जो 43.04 प्रतिशत की थर्मल एफीशिएंसी का दावा करता है।
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काम करने के अलग-अलग मोड्स: यह पावरट्रेन ड्राइविंग की जरूरतों के हिसाब से कई अलग-अलग मोड्स में काम कर सकता है:
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ईवी मोड (EV Mode): इस मोड में वाहन पूरी तरह से केवल बैटरी की पावर पर चलता है।
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सीरीज हाइब्रिड मोड (Series Hybrid Mode): इसमें इंजन एक जनरेटर की तरह काम करता है जो बैटरी को चार्ज करता है। जबकि इलेक्ट्रिक मोटर पहियों को घुमाने (ड्राइव करने) का काम करती है।
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पैरेलल हाइब्रिड मोड (Parallel Hybrid Mode): जब गाड़ी पर अधिक लोड (वजन या खिंचाव) होता है, तो इंजन सीधे तौर पर वाहन को आगे बढ़ाने (प्रोपल्शन) में अपना योगदान देने लगता है।
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इस हाइब्रिड सिस्टम के परफॉर्मेंस और सेफ्टी के दावे क्या हैं?
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शानदार पिकअप: बीवाईडी के अनुसार, डीएम-आई तकनीक से लैस वाहन महज 5.5 सेकंड से भी कम समय में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकते हैं।
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कम ईंधन की खपत: एनईडीसी (NEDC) टेस्ट परिस्थितियों के तहत यह सिस्टम केवल 4.8 लीटर प्रति 100 किमी की ईंधन खपत (फ्यूल कंजम्पशन) का दावा करता है।
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बेहतर रिफाइनमेंट: कंपनी का यह भी दावा है कि यह सिस्टम एक प्योर इलेक्ट्रिक वाहन की तरह ही बेहद कम शोर (कम नॉइज लेवल) और स्मूथ परफॉर्मेंस प्रदान करता है।
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ब्लेड बैटरी का सपोर्ट: इस पूरी तकनीक को बीवाईडी की प्रसिद्ध 'ब्लेड बैटरी' का मजबूत सपोर्ट हासिल है। जिसका इस्तेमाल सभी डीएम-आई मॉडल्स में किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक सुरक्षा, दक्षता और रिफाइनमेंट इस नए हाइब्रिड सिस्टम के मुख्य स्तंभ हैं।
प्लग-इन हाइब्रिड सेगमेंट में बीवाईडी का इतिहास क्या रहा है?
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शुरुआती सफर: प्लग-इन हाइब्रिड सेगमेंट में बीवाईडी का अनुभव साल 2008 से है, जब कंपनी ने अपनी F3DM कार पेश की थी। कंपनी इसे दुनिया का पहला बड़े पैमाने पर उत्पादित होने वाला प्लग-इन हाइब्रिड वाहन मानती है।
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वैश्विक बाजार पर कब्जा: तब से लेकर अब तक, बीवाईडी दुनिया भर में 80 लाख से ज्यादा प्लग-इन हाइब्रिड वाहन बेच चुकी है। वर्तमान में वैश्विक पीएचईवी (PHEV) बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत से भी अधिक है।
भारत के लिए बीवाईडी की आगे की क्या रणनीति है?
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ग्राहकों का आंकड़ा: भारत में इस तकनीक का आगमन बीवाईडी की भविष्य की रणनीति में एक बड़ी भूमिका निभाएगा। कंपनी ने हाल ही में देश में 14,000 ग्राहकों का आंकड़ा पार किया है।
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पोर्टफोलियो का विस्तार: बीवाईडी भारत के बढ़ते 'न्यू एनर्जी व्हीकल' सेगमेंट में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। इलेक्ट्रिक-फोकस्ड ड्राइविंग, लंबी दूरी की क्षमता और हाइब्रिड लचीलेपन के मेल के साथ, डीएम-आई तकनीक भारत में बीवाईडी के भविष्य के पोर्टफोलियो का एक मुख्य हिस्सा बनेगी।
कंपनी का आधिकारिक बयान
बीवाईडी इंडिया में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल बिजनेस के हेड राजीव चौहान ने कहा, "डीएम-आई तकनीक का आना भारतीय उपभोक्ताओं के लिए सस्टेनेबल मोबिलिटी (टिकाऊ परिवहन) को अधिक बहुमुखी और सुलभ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है। दैनिक उपयोग के लिए 'इलेक्ट्रिक-फर्स्ट' ड्राइविंग की सुविधा देकर और लंबी दूरी की यात्राओं को सहजता से सपोर्ट करके, डीएम-आई तकनीक भारत में सस्टेनेबल मोटरिंग को अपनाने के रास्ते में आने वाली कुछ सबसे बड़ी बाधाओं को दूर करती है। इस नवाचार (इन्नोवेशन) के साथ, हम भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक नई तकनीक लेकर आ रहे हैं, और टिकाऊ परिवहन की दिशा में एक स्मार्ट और अधिक लचीला रास्ता भी तैयार कर रहे हैं।"