Toyota: ह्यूंदै से एक कदम आगे निकली टोयोटा! ईवी में मिलेगा असली मैनुअल कार जैसा 'इंजन स्टॉल' का मजा
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टोयोटा की पेटेंटेड मैनुअल गियर-शिफ्टिंग टेक्नोलॉजी ड्राइवर की स्किल्स का पता लगाती है। और जरूरत के हिसाब से सही सेफ्टी सिस्टम लागू करती है। जानें यह कैसे करती है काम।
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Toyota EV Manual Gearbox Patent: अक्सर ड्राइविंग के शौकीन और पुराने मिजाज के लोग शिकायत करते हैं कि इलेक्ट्रिक कारों (ईवी) में उन्हें वह असली रफ्तार और आवाज का मजा नहीं मिलता। उनकी सबसे बड़ी शिकायत यह होती है कि इन गाड़ियों में मैनुअल गियरबॉक्स नहीं होता। इसी कमी को दूर करने के लिए दुनिया की कई बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अपनी कारों में नकली या 'फॉल्स मैनुअल शिफ्टर' देना शुरू कर दिया है।
उदाहरण के लिए, ह्यूंदै आईओनिक 5 एन (Hyundai Ioniq 5 N) में एक नकली गियरशिफ्टर दिया गया है, जो मैनुअल मोड में रेव लिमिटर तक पहुंचने का अहसास कराता है। लेकिन अब जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा (Toyota) इससे भी एक कदम आगे निकल गई है। टोयोटा ने एक ऐसा नया पेटेंट फाइल किया है, जो इलेक्ट्रिक वाहन को ड्राइवर के ड्राइविंग कौशल को परखने वाले एक बेहतरीन टूल में बदल देगा।
टोयोटा का यह नया ईवी गियरबॉक्स पेटेंट क्या है?
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पेटेंट की तारीख: जापानी कार कंपनी टोयोटा ने इस तकनीक के लिए जनवरी 2026 में पेटेंट फाइल किया है।
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सिस्टम की खासियत: पेटेंट के अनुसार, इस कंट्रोल सिस्टम में एक नकली मैनुअल गियरबॉक्स होगा, जिसमें क्लच पेडल और एक शिफ्टर दिया जाएगा।
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इंजन स्टॉल तकनीक: यह सिस्टम इलेक्ट्रिक व्हीकल के अंदर ठीक वैसे ही 'इंजन स्टॉल' (झटके के साथ इंजन बंद होना) की स्थिति पैदा करेगा, जैसी पारंपरिक पेट्रोल-डीजल (ICE) इंजन वाली मैनुअल कारों में होती है।
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ह्यूंदै से आगे: टोयोटा की यह नई तकनीक ह्यूंदै आईओनिक 5 एन के फेक गियरशिफ्ट का ही एक अगला और विकसित रूप है।
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लंबे समय से टेस्टिंग: टोयोटा पिछले तीन वर्षों से इस फेक मैनुअल गियरबॉक्स को टेस्ट कर रही है। अब इस नए पेटेंट के आने से यह साबित हो गया है कि यह सिस्टम विकास के बेहद एडवांस स्टेज में पहुंच चुका है।
इलेक्ट्रिक कारों में टोयोटा का यह मैनुअल शिफ्टिंग सिस्टम कैसे काम करता है?
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ड्राइवर की गलती पर एक्शन: पेटेंट से पता चलता है कि यदि ड्राइवर गाड़ी को गलत तरीके से चलाता है, जैसे गलत स्पीड पर गलत गियर चुनना, तो यह सिस्टम तुरंत काम करने लगता है।
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मोटर और ब्रेक का तालमेल: गलत ड्राइविंग की स्थिति में, ईवी अपने इलेक्ट्रिक मोटर को बंद कर देती है और तुरंत ब्रेक लगा देती है। इससे ठीक वैसा ही 'इंजन स्टॉल' महसूस होता है जैसा पारंपरिक ईंधन कारों में होता है।
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झटके का अहसास: यह सिस्टम उस तेज और झटकेदार मोशन को भी हूबहू पैदा करता है, जिसका सामना ड्राइवर किसी भी पारंपरिक मैनुअल गियरबॉक्स वाली आईसीई (ICE) कार में करता है।
इस नई तकनीक से क्या होगा?
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कौशल की परख: कुल मिलाकर कहा जाए तो, टोयोटा की यह पेटेंटेड तकनीक न सिर्फ वाहन चालक के ड्राइविंग स्किल के स्तर को मापती है। बल्कि जरूरत पड़ने पर उचित सुरक्षा प्रणालियों (सेफ्टी सिस्टम) को भी लागू करती है।
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गिमिक बनाम हकीकत: जहां एक तरफ ह्यूंदै आईओनिक 5 एन (Hyundai Ioniq 5 N) का फेक गियर शिफ्टिंग सिस्टम महज एक दिखावा या 'गिमिक' जैसा लगता है। वहीं टोयोटा और लेक्सस (Lexus) मिलकर कुछ ऐसा बना रहे हैं जो कहीं ज्यादा वास्तविक, व्यावहारिक और दिलचस्प है।