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EV Charging: नई स्पेस टेक्नोलॉजी सिर्फ पांच मिनट में इलेक्ट्रिक कारों को कर सकती है चार्ज, नासा का खुलासा

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Fri, 07 Oct 2022 07:39 PM IST
नासा
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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA (नासा) ने कहा कि भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए नासा द्वारा वित्त पोषित एक नई तकनीक पृथ्वी पर सिर्फ पांच मिनट में एक इलेक्ट्रिक कार को चार्ज कर सकती है। जिससे ऐसे वाहनों को अपनाने का रास्ता आसान हो जाएगा।

अमेरिका में पर्ड्यू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर लंबी अवधि के माइक्रोग्रैविटी वातावरण में टू-फेज फ्लूइड फ्लो (दो-चरण द्रव प्रवाह) और हीट ट्रांसफर (गर्मी हस्तांतरण) प्रयोगों को सक्षम करने के लिए फ्लो बॉयलिंग एंड कंडेनसेशन एक्सपेरिमेंट (एफबीसीई) विकसित किया।

नई "सबकूल्ड फ्लो बॉयलिंग" तकनीक के परिणामस्वरूप अन्य तरीकों की तुलना में गर्मी हस्तांतरण प्रभावशीलता में काफी सुधार हुआ है और इसका इस्तेमाल अंतरिक्ष में भविष्य की प्रणालियों के तापमान को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है। 
Electric Car
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इस तकनीक को पृथ्वी पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने कहा यह एक इलेक्ट्रिक कार को खरीदने को और ज्यादा आकर्षक बना सकता है।

इस समय, चार्जिंग समय व्यापक रूप से काफी अलग हैं। सड़क पर किसी चार्जिंग स्टेशन पर 20 मिनट से लेकर घर पर चार्जिंग करने पर घंटों तक लग जाते हैं।

लंबे समय तक चार्जिंग का समय और चार्जर का स्थान, ये दोनों ही उन लोगों की प्रमुख चिंताओं का कारण है जो इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर विचार कर रहे हैं।

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग समय को पांच मिनट तक कम करना - पूरी इंडस्ट्री का लक्ष्य हो सकता है। इसके लिए 1,400 एम्पीयर पर करंट प्रदान करने के लिए चार्जिंग सिस्टम की जरूरत होगी। 
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Electric Vehicle Charger
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इस समय, एडवांस्ड चार्जर सिर्फ 520 एम्पीयर तक की करंट प्रदान करते हैं, और उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध ज्यादातर चार्जर 150 एम्पीयर से कम की करंट सप्लाई करते हैं।

हालांकि, 1,400 एम्पीयर प्रदान करने वाले चार्जिंग सिस्टम मौजूदा सिस्टम की तुलना में काफी ज्यादा गर्मी पैदा करेंगे, और तापमान को कंट्रोल करने के लिए बेहतर तरीकों की जरूरत होगी।

हाल ही में, टीम ने NASA FBCE प्रयोगों से सीखी गई तकनीक को इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्रक्रिया में लागू किया। 
Electric Vehicle Charger
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इस नई तकनीक का उपयोग करते हुए, dielectric (डायइलेक्ट्रिक) - नॉन-इलेक्ट्रिकली कंडक्टिंग (गैर-विद्युत रूप से संचालन) - लिक्विड कूलेंट को चार्जिंग केबल के जरिए पंप किया जाता है, जहां यह कंरट-वाहक कंडक्टर द्वारा पैदा हुई गर्मी को सोंख लेता है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि सबकूल्ड फ्लो बॉयलिंग के जरिए टीम ने 24.22 किलोवाट गर्मी को हटाकर आज बाजार में उपलब्ध सबसे तेज इलेक्ट्रिक वाहन चार्जर्स का 4.6 गुना करंट हासिल किया है। 
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Electric Vehicle Charger
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उन्होंने कहा कि चार्जिंग केबल 2,400 एम्पीयर प्रदान कर सकती है, जो एक इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करने में लगने वाले समय को पांच मिनट तक कम करने के लिए जरूरी 1,400 एम्पीयर से कहीं ज्यादा है।

शोधकर्ताओं ने कहा, "इस नई तकनीक के इस्तेमाल से किसी वाहन को चार्ज करने में लगने वाले समय में अभूतपूर्व कमी आई है और इससे दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की राह में आने वाली प्रमुख बाधाओं में से एक को दूर किया जा सकता है।"
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