अभिषेक राव: हाथ से नहीं दांतों से चलाता है तीरकमान, निशाना अचूक

प्रवीण शर्मा/अमर उजाला, रोहतक Updated Mon, 16 May 2016 11:52 AM IST
बिना एक हाथ के निशाना भेद देता है नागपुर का अभिषेक
बिना एक हाथ के निशाना भेद देता है नागपुर का अभिषेक - फोटो : अमर उजाला
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बचपन में ही एक हाथ खराब हो गया था। पर महाभारत के एकलव्य की तरह हिम्मत नहीं हारा अभिषेक और दांतों को ‌हथियार बना लिया। नागपुर के इस होनहार लड़के को रोहतक के राजीव गांधी स्टेडियम में जिसने भी दांतों से निशाना साधते देखा, हैरान रह गया।
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यहां चल रही पैरा नेशनल चैंपियनशिप में अभिषेक राव ठावरे ने जब एक हाथ में धनुष थाम दांतों से तीर खींचा तो दर्शक हैरान रह गए। दांतों से तीर खींचने वाले देश के एकमात्र इस तीरंदाज ने अपने अचूक निशानों की बदौलत प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल किया। 


अभिषेक जब एक साल के थे तो गलत इंजेक्शन के कारण उनका एक हाथ खराब हो गया। अभिषेक के पिता नागपुर में एक प्राइवेट ट्रांसपोर्ट कंपनी में मजदूरी करते हैं। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण माता-पिता अपने लड़के का उचित इलाज नहीं करा पाए। अभिषेक ने बताया कि गरीबी और दिव्यांगता के बावजूद घर वालों ने उसे कभी भी कमजोर नहीं पड़ने दिया। एक दिन अभिषेक को किसी ने तीरंदाजी में अवसर तराशने की सलाह दी। लेकिन दिक्कत यह थी कि अभिषेक का एक हाथ बिल्कुल भी काम नहीं करता था। एक दिन उसकी मुलाकात तीरंदाज विलास धवने से हुई। उन्होंने अभिषेक की जिज्ञासा को देखते हुए उसे मुंह से तीर चलाने की सलाह दी।

मां ने गिरवी रख दिए गहने
अभिषेक ने घर आकर अपनी माता-पिता को तीरंदाजी में भविष्य बनाने की इच्छा बताई। पहले तो दोनों खुश हुए, लेकिन जब अभिषेक ने धनुष खरीदने के लिए ढाई लाख रुपये की बात कही तो दोनों के चेहरे उतर गए। थोड़ी देर बाद मां अंदर गई और घर में रखे अपने जेवर डेढ़ लाख रुपये में गिरवी रख आई। बाकी एक लाख रुपये का इंतजाम विलास धवने ने किया।

लेते हैं फीजियो की मदद
धनुष का तार खींचते समय एक सामान्य आदमी के भी हाथ धूज जाते हैं, इसके बावजूद अभिषेक दांतों से इस तीर को खींच लेता है। अभिषेक ने बताया कि शुरू में तो बहुत दिक्कत हुई, लेकिन अब आदत हो गई है। समय-समय पर फीजियो की भी मदद लेते हैं।

पदक डाले झोली में
अभिषेक ने नागपुर यूनिवर्सिटी में हुई सीनियर चैंपियनशिप में दो गोल्ड और बडौदरा में हुई चैंपियनशिप में एक सिल्वर मेडल हासिल किया। अब अभिषेक का लक्ष्य किसी भी तरह जून में चैक गणराज्य में होने वाले पैरा वर्ल्ड कप में जगह बनाना है।

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