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Bihar: कोशी नदी में पलटी ओवरलोड नाव, मची चीख-पुकार! 20-25 लोग थे सवार, 6 गंभीर घायल, प्रशासन पर उठे सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2026 05:59 PM IST
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सार
Supaul: सुपौल जिले के सरायगढ़ भपटियाही प्रखंड में कोशी नदी में क्षमता से अधिक लोगों को लेकर जा रही एक निजी नाव असंतुलित होकर पलट गई। हादसे के समय नाव पर 20 से 25 लोग सवार थे।
घटनास्थल पर मौजूद अधिकारी
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विस्तार
सुपौल के सरायगढ़ भपटियाही प्रखंड अंतर्गत सरायगढ़ पंचायत के चिकनी गांव के पास एनएच-27 पर स्थित सुरक्षा गाइड बांध के किनारे कोशी नदी में मंगलवार की सुबह एक बड़ा नाव हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि निजी नाव पर सवार होकर करीब 20 से 25 लोग कोशी नदी के पार मूंग की फसल और पशुओं के लिए घास लाने जा रहे थे। इसी दौरान क्षमता से अधिक भार होने के कारण नाव अचानक असंतुलित होकर नदी के बीचों-बीच पलट गई।
ग्रामीणों और नाविकों ने बचाईं जानें
नाव पलटते ही चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, नाविक और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे में घायल 6 लोगों को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन के अनुसार, सभी लोग सुरक्षित हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही सीओ, आरओ और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद एनडीआरएफ को भी रेस्क्यू के निर्देश दिए गए। स्थानीय ग्रामीणों, नाविकों, आपदा मित्रों और प्रशासन ने मिलकर सभी को सुरक्षित निकाला। प्रशासन के अनुसार हादसे के वक्त नाव पर 15-20 लोग सवार थे, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों और नाविक के मुताबिक छोटी नाव पर क्षमता से अधिक 20-25 लोग सवार थे।
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6 घायलों की हालत गंभीर
नदी से सुरक्षित निकाले गए लोगों में से 6 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायगढ़ भपटियाही में भर्ती कराया गया। यहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ. शहनवाज आलम ने सभी का प्राथमिक उपचार किया। वहीं स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें सदर अस्पताल सुपौल रेफर कर दिया गया। इनमें बनैनियां निवासी बीबी नूरजहां (45), बीबी शमीना (35), सुनीता देवी (50), जुही प्रवीण (10), राजो खातून (10) और नाजनीन प्रवीण (10) शामिल हैं।
महिलाएं और बच्चे भी थे नाव पर सवार
हादसे के वक्त नाव पर अलविदा खातून (13), रहमत खातून (8), चांदनी खातून (11) और सैजूल खातून (65) समेत अन्य ग्रामीण भी सवार थे, जो मूंग की फसल और घास लाने जा रहे थे। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने इन सभी को पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकालने का दावा किया है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही प्रखंड प्रमुख विजय कुमार यादव, सीओ धीरज कुमार, आरओ राकेश रंजन, भपटियाही थाना के एसआई बलदेव प्रसाद और सीआई दशरथ मडैया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तुरंत घायलों को अस्पताल भिजवाया और जांच शुरू की। साथ ही सुरक्षा के लिहाज से आपदा मित्रों और एनडीआरएफ की टीम को कोशी नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के आवश्यक निर्देश दिए।
नाविक और सीओ ने बताया हादसे का कारण
नाविक तस्लीमुद्दीन और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'एक छोटी नाव पर करीब 20 से 25 लोग सवार थे, जो उसकी क्षमता से काफी अधिक था। इसी कारण नाव असंतुलित हो गई। हालांकि, तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर सभी को बाहर निकाल लिया गया।' वहीं सीओ धीरज कुमार ने कहा, 'लोग नाव पर सवार होकर मूंग और घास लाने जा रहे थे। इसी दौरान किनारे पर उतरते समय यह घटना घटी। नाव पूरी तरह डूबी नहीं थी, बल्कि असंतुलित होकर पलटी थी। सभी लोग सुरक्षित हैं और कुछ घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वर्तमान में नाव बहाली की आधिकारिक प्रक्रिया नहीं की गई है। जिला प्रशासन से निर्देश मिलते ही सरकारी स्तर पर नाव बहाली शुरू कर दी जाएगी। बाढ़ग्रस्त गांवों को लेकर बाढ़ अनुश्रवण समिति की बैठक भी आयोजित की गई है।'
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नाव निबंधन अंतिम चरण में, निगरानी के दिए गए निर्देश
आपदा एडीएम मो. तारिक ने बताया कि पांच अंचल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आते हैं। यहां नाव निबंधन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कुल 582 लाइफ जैकेट की व्यवस्था भी की गई है। नाव की सरकारी बहाली के लिए कहा गया है और अलग से किसी निर्देश की आवश्यकता नहीं है। जहां हादसा हुआ, वहां पानी काफी कम था। नाव पलटी नहीं, बल्कि संतुलन बिगड़ने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सभी सीओ को नावों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। निजी नावों पर भी ओवरलोडिंग रोकने के लिए आपदा मित्रों और पुलिस की सहायता ली जाएगी।