कुंडली बॉर्डर हत्याकांड: पंजाब के युवक की बर्बर हत्या का एक आरोपी गिरफ्तार, हाथ काट बैरिकेड से लटकाया था शव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 15 Oct 2021 08:36 AM IST

सार

मृतक लखबीर सिंह पंजाब के तरनतारन के गांव चीमा खुर्द का रहने वाला था। मजदूरी करने वाला लखबीर तीन बेटियों का पिता था। 
मृतक लखबीर और आरोपी सर्वजीत।
मृतक लखबीर और आरोपी सर्वजीत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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हरियाणा के सोनीपत में कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानून विरोधी आंदोलन स्थल पर गुरुवार रात को पंजाब के एक व्यक्ति की हाथ-पैर काटकर व तेजधार हथियार से हमला कर बर्बरता से हत्या कर दी गई। व्यक्ति को बुरी तरह पीटा गया और उसका दाहिना हाथ भी काट दिया। इसके बाद व्यक्ति को 100 मीटर घसीटकर ले जाने के बाद किसान आंदोलन के मंच से कुछ दूर बैरिकेड पर बांध दिया। वायरल वीडियो में कथित रूप से निहंगों ने व्यक्ति पर धार्मिक ग्रंथ से बेअदबी का आरोप लगाकर हत्या की जिम्मेदारी ली है। वारदात के करीब 15 घंटे बाद शुक्रवार देर शाम को निहंग सर्बजीत सिंह ने पुलिस टीम के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
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मृतक की पहचान पंजाब के तरनतारन जिले के गांव चीमा खुर्द निवासी 35 वर्षीय लखबीर सिंह पुत्र हरनाम सिंह के तौर पर हुई है। वह तीन बेटियों का पिता था। फिलहाल उसकी पत्नी बेटियों सहित लखबीर से अलग रह रही है। पता लगा है कि लखबीर सिंह जब 6 माह का था तो हरनाम सिंह ने उसे गोद लिया था, जबकि रिश्ते में हरनाम सिंह उसके फूफा हैं।  


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हत्या की सूचना पाकर पहुंची पुलिस को शव उतारने में लगे ढाई घंटे
कुंडली बॉर्डर के पास हत्या की सूचना पुलिस को शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे मिली थी। पुलिस वहां तुरंत पहुंच गई, लेकिन शव को उतारकर लाने में ढाई घंटे का समय लग गया। लोगों ने वहां पर जमकर हंगामा कर दिया था। बाद में किसान नेताओं के मनाने पर वह शव उतारे जाने को लेकर तैयार हो सके। 

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शुक्रवार सुबह पांच बजे वारदात का पता चलने पर एएसआई संदीप की टीम मौके पर पहुंची थी। वहां पर उन्हें शव के पास तक नहीं जाने दिया गया। बाद में किसान नेता बलदेव सिरसा मौके पर पहुंचे और उनके कहने पर वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को शव उतारने दिया। ऐसे में साफ है कि कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा प्रदर्शन अब कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनने लगा है। यहां तक कि आंदोलन क्षेत्र में पुलिस का प्रवेश भी आंदोलनकारियों की मर्जी से होता है। 

किसान आंदोलन के दौरान पहले भी हो चुकी हैं हिंसक घटनाएं
कुंडली बॉर्डर पर जारी आंदोलन के बाद क्षेत्र में पहले भी कई हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें निहंगों पर मुकदमे भी दर्ज हुए हैं। 
- 12 अप्रैल को कुंडली बार्डर पर निहंग ने युवक शेखर पर तलवार से जानलेवा हमला किया। 
- 12 जून को सेरसा गांव के पंच रामनिवास पर हमला कर उन्हें घायल किया गया। 
- 3 अगस्त को सीआरपीएफ जवान पर जानलेवा हमला, 10-15 अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर मुकदमा दर्ज हुआ। 
- 2 अक्तूबर को लंगर में दाल लेने गए युवक राजू पर तलवार से हमला, गंभीर रूप से घायल।
- मनौली के कार सवार किसान पर जानलेवा हमला, गाड़ी तोड़ी गई।
- कुंडली के दुकानदार पर दुकान में घुसकर हमला किया।

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