खाद किल्लत की आशंका: आपूर्ति पर भारी पड़ रही मांग, स्टॉक कर रहे किसान, 23 तक डीएपी की आएंगी तीन स्पेशल ट्रेनें

अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 20 Oct 2021 11:20 PM IST

सार

प्रदेश में बिजाई सीजन के दौरान डीएपी की मांग बढ़ रही है। बिक्री केंद्रों पर आते ही खाद कुछ ही समय में बिक जा रहा है। ऐसे में आशंका है कि डीएपी खाद की किल्लत के डर से किसानों ने खाद खरीदकर घर रखना शुरू कर दिया है। सरकार का मानना है कि कालाबाजारी करने वालों ने अफवाह फैलाई की प्रदेश में डीएपी खाद की किल्लत है, जबकि प्रदेश में खाद की पर्याप्त मात्रा है।
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खाद-सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में डीएपी खाद की किल्लत बनी हुई है, जिससे आपूर्ति पर मांग भारी पड़ रही है। खाद किल्लत की आशंकाओं के बीच किसान हाथों-हाथ सेंटरों से खाद खरीद स्टॉक कर रहे हैं। अक्तूबर माह में प्रदेश की अनुमानित मांग 58 हजार मीट्रिक टन थी, इसके मुकाबले 20 दिन में ही 51 हजार मीट्रिक टन डीएपी आ चुका है।

पहले से मौजूद 53 हजार एमटी खाद को मिलाकर कुल एक लाख एमटी से अधिक स्टॉक में से 71 हजार मीट्रिक टन की बिक्री हो चुकी है। अब डीएपी का स्टॉक 32 हजार मीट्रिक टन रह गया है। बढ़ती मांग को देखते हुए हरियाणा सरकार ने केंद्र को 31 अक्तूबर तक 16 और रैक (41 हजार एमटी) खाद की मांग भेजी है। आगामी 3 दिन में डीएपी की तीन स्पेशल ट्रेनें आने का भी दावा किया है।

 
इस समय प्रदेश में धान कटाई का सीजन चल रहा है। प्रदेश में 12 लाख हेक्टेयर में धान की बिजाई की गई थी। इसमें से आधे के अधिक रकबे में धान की कटाई चुकी है, जबकि शेष में बासमती किस्म की धान खड़ी है।

दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखीदादरी, हिसार समेत अन्य जिलों में जरूर सरसों बिजाई चल रही है। अब हर जिले में डीएपी की मांग बढ़ गई है। रबी के सीजन में डीएपी की कुल लागत 3 लाख एमटी के करीब होती है, लेकिन इस बार समय से पहले डीएपी अधिक मांग आपूर्ति पर भारी पड़ रही है। सरकार को आशंका है कि किसान बिना बिजाई ही डीएपी का स्टॉक कर रहे हैं। 
 
रॉ मेटिरियल हुआ महंगा, उत्पादन घटा
खाद बनाने के लिए रॉ मेटिरियल ज्यादातर विदेशों से आता है। कोरोना की बंदिशों के चलते इस बार कच्चा माल कम आया। दूसरा चीन से सप्लाई नहीं आ रही है। इसलिए खाद कंपनियों के पास पहले के मुकाबले इस बार कम कच्चा माल पहुंचा तो उत्पादन भी कम है। कच्चे माल की कीमतें भी काफी बढ़ गईं हैं। इफको के प्रदेश विपणन अधिकारी डा. पुष्पेंद्र वर्मा का कहना है कि रोजाना एक रैक डीएपी आने की औसत है। किसान खाद का घरों में स्टॉक करें, जब बिजाई करनी हो, तभी ही खाद खरीदें।
 
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प्रदेश में ये है खाद उपलब्धता की स्थिति
श्रेणी            लागत      पहले से स्टॉक       आया          कुल           बेचा         शेष स्टॉक 
डीएपी            3 लाख        53063            51500     104563      71779       32784
यूरिया           11 लाख      136683           93691      230374     53065       177309
एसएसपी       1 लाख          62864           8649         71513      23251        48262
एनपीकेएस     0.50 लाख    11046           4962          16008      8157         7851
(नोट : ब्यौरा मीट्रिक टन में है।)

किल्लत नहीं, कालाबाजारी करने वालों ने फैलाई अफवाह
प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने माना कि पिछले साल जो जरूरत थी, उसके मुकाबले डीएपी का स्टॉक मौजूद है। कुछ कालाबाजारी करने वालों ने अफवाह फैलाने का काम किया है। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई के लिए सभी डीसी को बोला है। 
 
रेवाड़ी, हिसार और झज्जर में आएंगी डीएपी की ट्रेनें
कृषि मंत्री ने दावा किया कि 21 से 23 अक्तूबर के बीच प्रदेश में 9100 टन डीएपी खाद की तीन स्पेशल ट्रेनें आएंगी। इनमें से एक रेवाड़ी, दूसरी हिसार और तीसरी झज्जर में पहुंचेंगी। वहीं, साथ 31 अक्तूबर तक 16 और रैक डीएपी की मांग केंद्र को भेजी है।
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