चंडीगढ़। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 27 मार्च को सेक्टर-9 में बनी चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की नई इमारत का उद्घाटन किया था। सीएचबी ने आनन-फानन में उद्घाटन तो करा दिया लेकिन इमारत में न तो बिजली कनेक्शन है, न ही ये पूरी तरह से अभी तैयार है, इसलिए दो महीने से इमारत बंद पड़ी है। वर्तमान में इमारत के स्वचालित गेट को टेप से चिपकाकर बंद किया गया है।
सीएचबी ने 60 करोड़ रुपये की लागत से इस इमारत को तैयार किया है। इमारत का निर्माण कार्य भी काफी देरी से पूरा हुआ है। सात मंजिला ग्रीन इमारत के तीन मंजिल ही अभी पूरी तरह से तैयार हो पाए हैं। गृहमंत्री ने जब उद्घाटन किया था, उस दौरान भी इमारत में काम चल रहा था। सीएचबी के अधिकारियों का कहना है कि कई तरह के क्लीयरेंस लेना बाकी है, इसलिए विभागों को शिफ्ट करने में देरी हुई है। सीएचबी के अनुसार वर्तमान ए ब्लॉक से सीएचबी के सभी ऑफिस इसी नई इमारत में शिफ्ट होंगे। इसके बाद सीएचबी पुरानी इमारत को किराए पर देने की योजना बना रहा है, लेकिन इसकी प्रक्रिया भी काफी धीमी गति से चल रही है। अगले हफ्ते से कुछ विभागों को नई इमारत में शिफ्ट करने का काम शुरू होगा। इस ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण कार्य 131420 स्क्वायर फुट एरिया में पूरा किया गया है। इसमें एनर्जी सेविंग के साथ ही कई तरह के नए फीचर्स शामिल किए गए हैं।
दो बेसमेंट पार्किंग में 221 वाहनों को पार्क करने की क्षमता
इमारत में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के साथ सोलर पैनल सिस्टम भी लगाया गया है। इसके अलावा एनर्जी एफिशिएंट वीआरवी सिस्टम, सीडी मॉनिटरिंग बेस्ड कार पार्किंग वेंटिलेशन सिस्टम, एलईडी एफिशिएंट इंटीरियर लाइटिंग और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाया गया है। एसटीपी से ट्रीट होने वाले पानी को बिल्डिंग में ही इस्तेमाल किया जाएगा। बिल्डिंग में दो बेसमेंट पार्किंग में 221 वाहनों को पार्क करने की क्षमता होगी जिसमें से केवल 33 वाहन ही सरफेस पर पार्क किए जा सकेंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए चार्जिंग स्पॉट भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा बिल्डिंग मैनेजमेंट सेंटर बनाया गया है, जिससे इस सेंटर में बैठा कर्मी पूरी बिल्डिंग के एयर कंडीशनर, लाइटिंग और अन्य सेवाओं को नियंत्रित कर सकेगा।
चंडीगढ़। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 27 मार्च को सेक्टर-9 में बनी चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की नई इमारत का उद्घाटन किया था। सीएचबी ने आनन-फानन में उद्घाटन तो करा दिया लेकिन इमारत में न तो बिजली कनेक्शन है, न ही ये पूरी तरह से अभी तैयार है, इसलिए दो महीने से इमारत बंद पड़ी है। वर्तमान में इमारत के स्वचालित गेट को टेप से चिपकाकर बंद किया गया है।
सीएचबी ने 60 करोड़ रुपये की लागत से इस इमारत को तैयार किया है। इमारत का निर्माण कार्य भी काफी देरी से पूरा हुआ है। सात मंजिला ग्रीन इमारत के तीन मंजिल ही अभी पूरी तरह से तैयार हो पाए हैं। गृहमंत्री ने जब उद्घाटन किया था, उस दौरान भी इमारत में काम चल रहा था। सीएचबी के अधिकारियों का कहना है कि कई तरह के क्लीयरेंस लेना बाकी है, इसलिए विभागों को शिफ्ट करने में देरी हुई है। सीएचबी के अनुसार वर्तमान ए ब्लॉक से सीएचबी के सभी ऑफिस इसी नई इमारत में शिफ्ट होंगे। इसके बाद सीएचबी पुरानी इमारत को किराए पर देने की योजना बना रहा है, लेकिन इसकी प्रक्रिया भी काफी धीमी गति से चल रही है। अगले हफ्ते से कुछ विभागों को नई इमारत में शिफ्ट करने का काम शुरू होगा। इस ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण कार्य 131420 स्क्वायर फुट एरिया में पूरा किया गया है। इसमें एनर्जी सेविंग के साथ ही कई तरह के नए फीचर्स शामिल किए गए हैं।
दो बेसमेंट पार्किंग में 221 वाहनों को पार्क करने की क्षमता
इमारत में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के साथ सोलर पैनल सिस्टम भी लगाया गया है। इसके अलावा एनर्जी एफिशिएंट वीआरवी सिस्टम, सीडी मॉनिटरिंग बेस्ड कार पार्किंग वेंटिलेशन सिस्टम, एलईडी एफिशिएंट इंटीरियर लाइटिंग और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाया गया है। एसटीपी से ट्रीट होने वाले पानी को बिल्डिंग में ही इस्तेमाल किया जाएगा। बिल्डिंग में दो बेसमेंट पार्किंग में 221 वाहनों को पार्क करने की क्षमता होगी जिसमें से केवल 33 वाहन ही सरफेस पर पार्क किए जा सकेंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए चार्जिंग स्पॉट भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा बिल्डिंग मैनेजमेंट सेंटर बनाया गया है, जिससे इस सेंटर में बैठा कर्मी पूरी बिल्डिंग के एयर कंडीशनर, लाइटिंग और अन्य सेवाओं को नियंत्रित कर सकेगा।