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ISI की नई चाल: भारत में दहशत फैलाने की साजिश, नए चेहरों का इस्तेमाल, हरियाणा भी निशाने पर

सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 05 Aug 2022 06:45 AM IST
सार

कुरुक्षेत्र की ही तरह कुछ समय पहले पंजाब के गुरदासपुर में खेत से विस्फोटक मिला था। वह किसने, कैसे पहुंचाया और आगे कहां पहुंचाया जाना था, जांच एजेंसियों के लिए अभी तक यह पहेली बना हुआ है। कुरुक्षेत्र में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी से जांच एजेंसियां गुरदासपुर जैसे मामलों की जड़ तक भी पहुंचने की कोशिश करेगी।

सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई न केवल पंजाब में आतंकवाद को जिंदा करने के लिए नापाक कोशिश लगातार कर रही है बल्कि अब पंजाब के रास्ते अन्य राज्यों में भी विस्फोटक भेजकर अशांति फैलाना चाहती है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को गच्चा देने के लिए बार- बार वह योजना को बदलती है। 



हथियारों व विस्फोटक सामग्री की खेप एक साथ बरामद न हो, इसलिए सीमा क्षेत्र से उठाने से लेकर मंजिल तक पहुंचाने के लिए हर कदम पर नया चेहरा इस्तेमाल किया जा रहा है और इन चेहरों का आपसी कनेक्शन या मोबाइल पर संपर्क भी नहीं है। विस्फोटक सप्लाई करने का तरीका भी अब इस तरह का इजाद किया गया है कि खेतों या सूनसान जगह पर उसे छोड़ दिया जाता है जहां से आगे उसे कैरियर उठाकर ले जाते हैं। 


कुरुक्षेत्र की ही तरह कुछ समय पहले पंजाब के गुरदासपुर में खेत से विस्फोटक मिला था। वह किसने, कैसे पहुंचाया और आगे कहां पहुंचाया जाना था, जांच एजेंसियों के लिए अभी तक यह पहेली बना हुआ है। कुरुक्षेत्र में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी से जांच एजेंसियां गुरदासपुर जैसे मामलों की जड़ तक भी पहुंचने की कोशिश करेगी।

गुरुवार को कुरुक्षेत्र में दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे (जीटी रोड) पर मिर्ची ढाबे के पास एक संदिग्ध व्यक्ति की निशानदेही पर एसटीएफ की टीम ने आरडीएक्स बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने पंजाब के तरनतारन निवासी शमशेर सिंह को गिरफ्तार किया है। वह इसे कहां से लेकर आया था, आगे कहां पहुंचाना था, इस कड़ी को जोड़ना आसान नहीं है।  

लुधियाना की अदालत में हुए ब्लास्ट में गगनदीप सिंह खुद मारा गया था। पुलिस गगनदीप के मोबाइल कॉल्स से लेकर पूरा खाका खंगालकर थक गई कि उसको विस्फोटक सामग्री किसने मुहैया करवाई थी लेकिन पता नहीं चला। पिछले दिनों एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने गैंगस्टर सुरमुख सिंह समू व दिलबाग को दबोचा तो सामने आया कि इनमें से दो गैंगस्टरों ने गगनदीप सिंह को सामग्री दी थी। दोनों तक सामग्री किसने पहुंचाई थी, इसे लेकर भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

मोहाली विस्फोट की जांच में भी एजेंसियों को परेशानी आ रही थी। पांच आतंकियों को गिरफ्तार तो किया गया लेकिन उन तक रॉकेट लॉन्चर किसने पहुंचाया  इसे लेकर माथापच्ची चल रही थी। हाल ही में खुलासा हुआ कि हथियार पहुंचाने में लॉरेंस बिश्नोई का हाथ था लेकिन सीमा पार से हथियार लॉरेंस तक कैसे पहुंचा, इसका उत्तर अधिकारियों के पास नहीं है। यानी सीमा पर रॉकेट लॉन्चर किसने गिराया? सीमा क्षेत्र से किसने उठाया और किसने आगे गैंगस्टरों तक पहुंचाया?

कुछ समय पहले भी हरियाणा में चार आतंकी बसताड़ा टोल प्लाजा के पास गिरफ्तार किए गए थे, जिनके पास से विस्फोटक समेत अन्य हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था। इन्हें ड्रोन के जरिये पाकिस्तान से पहुंचाया गया। आरोपियों की पहचान गुरप्रीत, अमनदीप, परमिंदर और भूपिंदर के रूप में हुई थी। ड्रोन के जरिये हथियार आए थे लेकिन वह किसने उठाए, आगे कहां सप्लाई हुए और तेलंगाना में किसे दिए जाने थे, इसका पता नहीं चल पाया।  

पाक से कमांड कर रहा रिंदा काफी लोगों के संपर्क में 
आईबी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पाक में हरिंदर रिंदा सीधा काफी लोगों के संपर्क में है और वह वहां से बैठकर कमांड कर रहा है। एक दूसरे का नंबर तक साझा नहीं किया जा रहा है, जिससे नेटवर्क ध्वस्त करने में परेशानी आ रही है। दूसरा उनका संपर्क विदेशी सर्वर के एप से होता है, जिसका नंबर भी डिस्पले नहीं होता और पता भी नहीं चलता कि कॉल किस नंबर से आई थी? इससे जांच में दिक्कत आती है।
 
इन मामलों में पुलिस के हाथ खाली
  • 8 मई को अमृतसर स्थित अजनाला के गांव गुज्जरपुरा निवासी बलजिंदर सिंह उर्फ बिंदू और गांव खानोवल निवासी जगतार सिंह उर्फ जग्गा आईईडी टाइमर, डेटानेटेर, बैटरी और छर्रे बरामद हुए। इसमें करीब डेढ़ किलो आरडीएक्स था। दोनों चेहरे नए थे और पहली बार पैसों के लालच में हथियारों को सप्लाई में लग गए थे। दोनों को सप्लाई किसने किया था ? यह अभी सामने आना बाकी है।
 
  •  इसी साल जनवरी माह में अमृतसर स्थित अटारी-बाघा के समीप गांव धनोए कलां से एसटीएफ ने पांच किलो आईईडी बरामद किया था, जिसमें 2.7 किलो आरडीएक्स शामिल है। भारत-पाक सीमा से लगभग दो किलोमीटर पहले बच्चीविंड रोड स्थित डेरा बाबा गुलाब शाह के पास खेत में बारूद की खेप छिपाकर रखी गई है। यह खेप भारत में कैसे आई? किसने उठाकर खेतों में छिपाई, इसका पता अभी भी नहीं चल पाया है। आगे कहां सप्लाई की जानी थी ? यह सब सामने आना बाकी है।
 
  • कुछ समय पहले गुरदासपुर के गांव गाजीकोट से साढ़े 3 किलो से ज्यादा आरडीएक्स, 40 मिमी अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (यूबीजीएल) के साथ दो 40 मिमी ग्रेनेड, 9 डेटोनेटर और आईईडी के लिए टाइमर के दो सेट बरामद कर मलकीत सिंह, सुखप्रीत सिंह उर्फ सुख घुमन, थरनजोत सिंह उर्फ थन्ना और सुखमीतपाल सिंह उर्फ सुख बिखारीवाल के खिलाफ केस दर्ज किया था, इन तक पाक से हथियार व विस्फोटक कैसे पहुंचा, अभी जांच जारी है।
 
  • नौ माह पहले दीनानगर में आतंकी सुखविंदर सोनू निवासी अमृतसर गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से एक किलो आरडीएक्स बरामद हुआ था। इसको आरडीएक्स कैसे पहुंचाया गया ? कौन कौन शामिल था, इसके बारे में पुलिस के हाथ खाली हैं।
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