हरियाणा: दूध व्यवसाय से जोड़े जाएंगे दो लाख परिवार, 5000 नए वीटा बूथ खोलने का सरकार ने तैयार किया प्रस्ताव

अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 21 Oct 2021 12:31 AM IST

सार

हरियाणा में बेरोजगारी कम करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। सरकार कोशिश कर रही है कि लोग नौकरी के अलावा व्यवसाय को भी रोजगार के रूप में पहचाने।
सीएम मनोहर लाल।
सीएम मनोहर लाल। - फोटो : एएनआई
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि दो लाख परिवारों को दूध व्यवसाय से जोड़ा जाएगा। हर हित स्टोर की तर्ज पर पांच हजार नए वीटा बूथ खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। पशुधन बीमा योजना के लिए बीमा कंपनियों पर निर्भर नहीं रहेंगे। सरकार अपने स्तर पर ट्रस्ट बनाएगी, जिसके तहत पशुधन का बीमा होगा।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने बुधवार को चंडीगढ़ में अपने आवास सहकारिता व पशुपालन एवं डेयरी प्रकोष्ठ के प्रतिनिधियों से संवाद में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा, प्रदेश में हर वर्ष पांच लाख बच्चे पैदा होते हैं, उनमें से 50 प्रतिशत अपने पैतृक व्यवसाय से जुड़ जाते है और अन्य पढ़ाई पूरी करने के उपरांत नए व्यवसाय को तलाशते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता का सरकारीकरण नहीं होना चाहिए। इसके माध्यम से एक व्यक्ति अपने साधन के हिसाब से उतनी कमाई नहीं कर सकता जितनी सहकारिता से जुड़कर की जा सकती है। आज प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दूध की उपलब्धता 1142 ग्राम हो गई है जो वर्ष 2014 में 740 ग्राम थी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि सहकारिता मुख्यमंत्री के हृदय में है। किसानों को बाजार को पहचाना होगा। ग्राहक को क्या चाहिए इस विजन पर काम करें।

10 लाख लोगों को चाहिए रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार पहचान पत्र के तहत 18 से 60 वर्ष के हर सदस्य का डाटा रखा जाएगा। उसमें यह होगा कि वह क्या काम करता है। 67 लाख परिवारों की पहचान हो चुकी है। ढाई करोड़ लोगों ने पंजीकरण करवाया है। 10 लाख ऐसे लोगों ने पंजीकरण करवाया हैं, जिन्हें रोजगार चाहिए। ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया करवाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, उनको घर द्वार पर विकल्प दिया जाएगा। इसके लिए रोजगार मेलों का आयोजन करेंगे।

यह भी पढ़ें : मदद: उत्तराखंड को पांच करोड़ देगी हरियाणा सरकार, सीएम ने की घोषणा, दवाइयां, कपड़े और टेंट भी भेजे जाएंगे

पैक्स की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए गए। मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पैक्स मुख्यालय गांव से 10 किलोमीटर से अधिक दूरी पर नहीं होना चाहिए। छोटे-बड़े कितने गांव एक पैक्स के अधीन आते हैं इसकी एक योजना तैयार की जाए। सभी 750 पैक्स में गांवों को नए सिरे से जोड़ा जाए। पैक्स का कम्प्यूटीकरण किया जा रहा है। इन्हें घाटे से उभारने के लिए केंद्र सरकार ने पहल की है  नाबार्ड ने पांच करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई है, शेष राशि राज्य सरकार वहन करेगी।
 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00