छत्तीसगढ़: हिंसक हुए हाथी, सेल्फी ले रहे दो लोगों समेत तीन की ले ली जान, इस माह नौ को रौंदा

पीटीआई, रायपुर Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 17 Sep 2021 04:47 PM IST

सार

छत्तीसगढ़ के जंगल में हाथियों के हमले की घटनाएं बढ़ गई हैं। वन विभाग व ग्रामीणों की चेतावनी की अनदेखी करने के कारण तीन और लोगों की हाथियों के हमले में मौत हो गई। 
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार

छत्तीसगढ़ पर भी खतरे मंडराते रहते हैं। सियासी हमले, नक्सली हमले व अब हाथियों के हमले से प्रदेश जूझ रहा है। राज्य के महासमुंद, जशपुर व बालोदा जिलों में हाथियों के हमले की ताजा घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही इस माह अब तक हाथी नौ लोगों की जान ले चुके हैं। गुरुवार को मारे गए तीन में से दो लोगों की मौत हाथियों के साथ सेल्फी लेने के दौरान उनके भड़क उठने व हमला करने से हुई। 
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स्वास्थ्य विभाग के 48 वर्षीय एक कर्मचारी की मौत महासमुंद जिले के कोना गांव में हाथियों के साथ सेल्फी लेने के दौरान हुई। यह घटना गुरुवार शाम को हुई। हाथियों ने उसे पटक-पटक कर मार डाला। 


इसी तरह एक अन्य घटना खट्टी गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र के चपरासी अजय तिवारी के साथ हुई। वह जब काम निपटा कर घर लौट रहा था तो उसे रास्ते में ग्रामीणों से खबर मिली कि जंगल में हाथियों की आवाजाही हो रही है, वह आगे न जाए। इसके बाद भी वह जंगली रास्ते पर बढ़ा और रास्ते में हाथियों के साथ सेल्फी लेने लगा, लेकिन तभी अचानक गजराज उत्तेजित हो गए और उन्होंने उसे अपने पैरों तले रौंद डाला। महासमुंद जिले में एक माह में चार लोगों की हाथियों के हमले में मौत हो चुकी है। 

एक अन्य घटना जशपुर जिले में हुई वीरेंद्र एक्का नामक व्यक्ति को खारी बहार व जूनवैन गांव के बीच हाथियों ने मार डाला। वह गुरुवार देर शाम मोटर साइकल से जंगली रास्ते से जा रहा था। वन विभाग व जंगल से सटे गांवों के लोग राहगीरों को दिन अस्त होने के बाद जंगली रास्तों से नहीं जाने की सलाह देते हैं, लेकिन लोग नहीं मानते हैं और जान से हाथ धो बैठते हैं। 
जशपुर के अनुविभागीय वन अधिकारी श्रीकृष्ण जाधव ने बताया कि इलाके में हाथियों की आवाजाही की कोई सूचना नहीं थी। लगता है हाथी पड़ोसी राज्य ओडिशा से जशपुर में घुस आए। इसके बाद वनकर्मी गांवा में पहुंचे व लोगों को अलर्ट किया। हाथियों ने इलाके में फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। 

हाथियों के हमले में मृत लोगों के आश्रितों को 25-25 हजार रुपये की तत्काल सहायता प्रदान की गई। शेष मुआवजा राशि कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वितरित की जाएगी। 
 

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