Korba: बढ़ती महंगाई के खिलाफ एटक-सीटू का जोरदार प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी, आंदोलन की दी चेतावनी
मंगलवार को एटक और सीटू ने बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल व आवश्यक वस्तुओं की कीमतों के विरोध में संयुक्त प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से अंकुश लगाने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
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मंगलवार को दीपका में ट्रेड यूनियन एटक और सीटू ने संयुक्त प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देश में लगातार बढ़ रही महंगाई, पेट्रोल-डीजल और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के विरोध में था। प्रगति नगर कॉलोनी स्थित शॉपिंग सेंटर में श्रमिकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
उन्होंने महंगाई पर तत्काल अंकुश लगाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसका सीधा असर दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर पड़ रहा है। इससे आम जनता और श्रमिक वर्ग का घरेलू बजट बिगड़ गया है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने राहत नहीं दी तो मजदूर संगठन बड़ा आंदोलन करेंगे। एटक के सचिव विनोद कुमार यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम आदमी महंगाई की मार झेल रहा है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इससे मजदूर और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। सरकार को महंगाई रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
सीटू के क्षेत्रीय सचिव धरमलाल टंडन ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने श्रमिक वर्ग की कमर तोड़ दी है। खाने-पीने की वस्तुओं से लेकर परिवहन तक हर चीज महंगी हो गई है। उन्होंने सरकार से जल्द राहत देने की मांग की, वरना मजदूर सड़कों पर उतरेंगे। जेसीसी सदस्य अजय राठौर ने कहा कि केंद्र सरकार महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने तत्काल कीमतों में कमी करने की बात कही।
आंदोलन की चेतावनी और शामिल श्रमिक
प्रदर्शन में संतोष पटेल, गया प्रसाद चंद्रा, दिलीप कुमार, धर्मेंद्र ताम्रकार सहित सैकड़ों श्रमिक शामिल हुए। मनबोध, निशांत वर्मा, विजय विश्वकर्मा, मन राखन और सी.के. सोनी भी मौजूद थे। ठेका श्रमिक अध्यक्ष सुनील नायक, राजू प्रसाद, महेंद्र कांत कुर्रे और रणविजय भी शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि महंगाई से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। श्रमिक नेताओं ने 15 दिन में कीमतें कम न होने पर गेवरा-दीपका क्षेत्र में चक्काजाम और खदान बंद आंदोलन की चेतावनी दी।