{"_id":"6a1671f85c256aa430075e56","slug":"heatwave-fury-continues-after-hundreds-of-bats-died-of-heat-stroke-2-3-bats-now-dying-daily-confirmed-in-postmortem-korba-news-c-1-1-noi1487-4327703-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरबा: हीट स्ट्रोक से चमगादड़ों की मौत का सिलसिला जारी, रोजाना दो से तीन चमगादड़ों की मौत हो रही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरबा: हीट स्ट्रोक से चमगादड़ों की मौत का सिलसिला जारी, रोजाना दो से तीन चमगादड़ों की मौत हो रही
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 10:11 AM IST
विज्ञापन
korba
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नौतपा शुरू होते ही जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन बेहाल कर दिया है। इंसानों के साथ अब बेजुबान जानवर भी प्रचंड गर्मी की चपेट में आ गए हैं। पाली विकासखंड के नौकोनिया तालाब किनारे 23 मई को दिल दहला देने वाला मंजर सामने आया था, जब सैकड़ों चमगादड़ मृत मिले थे।
इस घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया था। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मृत चमगादड़ों को देखकर हर कोई सन्न रह गया। हालात ये हैं कि हीट स्ट्रोक से चमगादड़ों की मौत का सिलसिला अब भी थमा नहीं है। रोजाना दो से तीन चमगादड़ों की मौत हो रही है, हालांकि पहले के मुकाबले आंकड़ा अब कम हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पाली रेंजर योगेश्वर बंजारे ने बताया कि घटना सामने आने के बाद डॉक्टरों की टीम ने मृत चमगादड़ों का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि सभी की मौत हीट स्ट्रोक से हुई है। अधिक तापमान और लू के कारण चमगादड़ गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पा रहे।
Trending Videos
रेंजर ने बताया कि चमगादड़ रात के वक्त विचरण करने के बाद तड़के सुबह अपने स्थान पर लौट जाते हैं। लेकिन इस बार भीषण गर्मी के कारण जो चमगादड़ अधिक धूप वाले स्थान पर बैठ जाते हैं, वे हीट स्ट्रोक की चपेट में आ रहे हैं। तेज धूप और लू के कारण उनके शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं हो पा रहा।
घटना के बाद वन विभाग और ग्रामीणों की नजर लगातार क्षेत्र पर बनी हुई है। वन विभाग के कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं। विभाग द्वारा हीट स्ट्रोक से मरे चमगादड़ों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके बाद उन्हें उचित स्थान पर जलाया जा रहा है ताकि संक्रमण न फैले।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार इतनी बड़ी संख्या में चमगादड़ों को मरते देखा है। नौकोनिया तालाब किनारे पेड़ों पर सैकड़ों चमगादड़ रहते थे। अब कई पेड़ खाली नजर आ रहे हैं। गर्मी का असर इस कदर है कि सुबह होते ही चमगादड़ पेड़ से नीचे गिर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार चमगादड़ों के शरीर का तापमान 40 डिग्री से ऊपर जाते ही उनके लिए खतरा बढ़ जाता है। इस समय कोरबा का तापमान 45 डिग्री के आसपास चल रहा है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं बीमार या मृत चमगादड़ दिखें तो तत्काल सूचना दें। विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।