आठ महीने बाद खुला हत्या का राज: पैसों के लालच में सरपंच ने साथियों के साथ मिलकर ग्रामीण को मारा, चार गिरफ्तार
हल्बा पुलिस ने आठ माह पुराने हत्या मामले में सरपंच सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जमीन बिक्री के पैसों के गबन का राज खुलने के डर से मिलन पटेल को जहर देकर मारा गया था।
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कांकेर जिले के नरहरपुर के थाना हल्बा ने आठ माह पुराने हत्या के मामले को सुलझाया है। पुलिस ने इस मामले में सरपंच सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि जमीन बिक्री के पैसों के गबन का राज खुलने के डर से हत्या की गई थी। मृतक मिलन पटेल को शराब में जहर मिलाकर पिलाया गया था।
थाना प्रभारी ने बताया कि 28 जुलाई 2025 को ग्राम डुमरपानी के मिलन पटेल ने जहर का सेवन किया था। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 30 जुलाई 2025 को उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मृतक की पुत्री जागेश्वरी पटेल ने गांव के वतन पटेल पर संदेह व्यक्त किया था। पूछताछ में वतन पटेल ने बताया कि मिलन पटेल को मारने के लिए उसे 10 हजार रुपये दिए गए थे। कड़ी पूछताछ पर वतन पटेल ने सोनाराम सिन्हा, बिहारी लाल शोरी और सरपंच कंशराम नेताम का नाम लिया। इन सभी ने मिलकर मिलन पटेल को जहर देने की साजिश रची थी। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
जमीन बिक्री में हेरफेर
अप्रैल माह में मिलन पटेल ने अपनी जमीन 16 लाख 50 हजार रुपये में बेची थी। सरपंच कंशराम नेताम, सोनाराम सिन्हा और बिहारी लाल शोरी इस बिक्री में साक्षी और सहयोगी थे। इन आरोपियों ने जमीन बिक्री से मिली रकम में हेरफेर किया था। खरीदी बिक्री की वास्तविक राशि मिलन पटेल और उनके परिजनों से छुपाई गई थी। क्रेता द्वारा मिले चेक भी सरपंच कंशराम नेताम ने अपने कब्जे में रखे थे। शिकायत के बाद यह चेक मृतक की पुत्री को दिए गए। मृतक की बेटी को जमीन बिक्री की जानकारी मिली तो उसने मामले की शिकायत की।
हत्या की साजिश
सरपंच को हेरफेर उजागर होने का डर था। इसलिए सरपंच कंशराम नेताम ने 27 जुलाई 2025 को बिहारी लाल और सोनाराम को अपने घर बुलाया। उन्हें 10 हजार रुपये, दो पौवा शराब और जहर की डिब्बी दी गई। यह सब वतन पटेल को देकर मिलन पटेल को पिलाकर हत्या करने की साजिश रची गई। वतन पटेल ने पहले मना किया, लेकिन बड़े लालच के बाद वह मान गया।
जहर देकर हत्या
आरोपियों ने वतन पटेल को 10 हजार रुपये और जमीन बिक्री से मिलने वाले अतिरिक्त पैसों का लालच दिया। वतन पटेल 10 हजार रुपये, शराब और जहर की डिब्बी लेकर मिलन पटेल के घर गया। उसने मिलन पटेल को एक स्टील के गिलास में शराब के साथ जहर घोलकर पिला दिया। जहर पीने से मिलन पटेल का स्वास्थ्य खराब हो गया। 29 जुलाई 2025 को मिलन पटेल की मृत्यु हो गई। पुलिस ने सरपंच कंशराम नेताम, सोनाराम सिन्हा, बिहारी लाल शोरी और वतन पटेल को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपी व घटना की जानकारी देते पुलिस