IPL 2022 में दो नई टीमें: जानें इससे टूर्नामेंट में क्या-क्या बदलाव होंगे, बाकी फ्रेंचाइजी पर इसका क्या असर होगा?

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई Published by: स्वप्निल शशांक Updated Tue, 26 Oct 2021 12:03 AM IST

सार

अगले साल से आईपीएल में 10 टीमें खेलती दिखेंगी। गोयनका ग्रुप ने लखनऊ फ्रेंचाइजी 7090 करोड़ रुपये और सीवीसी कैपिटल पार्टनर्स ने अहमदाबाद फ्रेंचाइजी 5625 करोड़ रुपये में खरीदी है।
आईपीएल 2022 में 10 टीमें
आईपीएल 2022 में 10 टीमें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आईपीएल के अगले सीजन से 10 टीमें खेलेंगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोमवार को दो नई फ्रेंचाइजी का एलान किया। ये फ्रेंचाइजी होंगी- अहमदाबाद और लखनऊ। आईपीएल 2021 में आठ टीमें खेली थीं। दो नई टीमों के आने से अब टूर्नामेंट के फॉर्मेट में बदलाव हो सकते हैं। साथ ही खिलाड़ियों और मैचों की संख्या भी बढ़ जाएगी। साथ ही दो नई टीमें आने से अगले सीजन से बीसीसीआई की कमाई भी बढ़ जाएगी। 
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अब अगले साल से आईपीएल में 10 टीमें खेलती दिखेंगी। गोयनका ग्रुप ने लखनऊ फ्रेंचाइजी 7090 करोड़ रुपये और सीवीसी कैपिटल पार्टनर्स ने अहमदाबाद फ्रेंचाइजी 5625 करोड़ रुपये में खरीदी है। गोयनका ग्रुप इससे पहले भी आईपीएल का हिस्सा रह चुका है। उन्होंने 2016 और 2017 में राइजिंग सुपर जाएंट्स फ्रेंचाइजी खरीदी थी।

 

आईपीएल में पहली भी 10 टीमें खेल चुकीं
यह पहली बार नहीं है जब आईपीएल के एक सीजन में दस टीमें खेलेंगी। इससे पहले 2011 में भी दस टीमें खेल चुकी हैं। उस वक्त पुणे वॉरियर्स और कोच्चि टस्कर्स हिस्सा लेने वाली दो नई टीमें थीं। 2012 में कोच्चि को बैन कर दिया गया था। अगले दो सीजन यानी 2012 और 2013 में नौ टीमों ने हिस्सा लिया था। 2014 में लीग एक बार फिर से आठ टीमों के टूर्नामेंट पर लौट आई थी।

आइए जानते हैं क्या-क्या बदलाव होने वाले हैं...

1. 10 टीमों के आने से फॉर्मेट में बदलाव होगा। अब 2011 के फॉर्मेट पर फिर से मैच होंगे। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बीसीसीआई ने पहले ही कहा था कि टीमें बढ़ने से फॉर्मेट में बदलाव करना होगा। ऐसे में 2011 फॉर्मेट के अनुसार 10 टीमें दो-दो के ग्रुप में बांटी जाएंगी। 

2. मैचों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। 2014 में आठ टीमों के फॉर्मेट में लौटने के बाद से राउंड रॉबिन फॉर्मेट में मैच खेले जा रहे थे। इस फॉर्मेट में कुल मिलाकर 60 मैच होते थे। 56 मैच लीग स्टेज में और चार मैच प्लेऑफ के होते थे। अब दो टीमों के बढ़ने से 74 मैच खेले जाएंगे। एक टीम 14 ही मैच खेलेंगी, लेकिन फॉर्मेट बदल जाएगा।

3. खिलाड़ियों की संख्या भी बढ़ जाएगी। अभी फिलहाल एक टीम में ज्यादा से ज्यादा 25 खिलाड़ियों को रखने की इजाजत है। दो टीमों के आने के बाद 25-25 के हिसाब से 50 और खिलाड़ी टूर्नामेंट खेलने आएंगे। नए खिलाड़ियों के आने से टूर्नामेंट की रौनक बढ़ेगी।

4. नए टीमों के आने से घरेलू क्रिकेटर्स को भी फायदा होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि मौजूदा समय में एक टीम में सिर्फ आठ विदेशी खिलाड़ी रखे जा सकते हैं। दो नई टीमों में 50 नए खिलाड़ियों में सिर्फ 16 विदेशी खिलाड़ी होंगे। बाकी के 34 खिलाड़ी घरेलू क्रिकेटर्स होंगे। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों का सामना करने का मौका मिलेगा और इससे भारतीय क्रिकेट को नए-नए टैलेंट मिलेंगे। 

5. विदेशी खिलाड़ियों को भी फायदा होगा, क्योंकि सिमित संख्या में विदेशी खिलाड़ियों के होने से उन्हें कुछ ही फ्रेंचाइजी खरीद पाती थी। अब 16 नए विदेशी खिलाड़ियों को टीम खरीद सकेंगी। जो रूट और एरॉन फिंच जैसे खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने का मौका मिल सकता है। इससे पिछले सीजन या उससे पहले अनसोल्ड रहे खिलाड़ियों को जगह मिलना तय है।

6. दो नई टीमों को नए-नए कोच मिलेंगे। इससे क्रिकेटर्स को उनसे नया कुछ सीखने को मिलेगा और इसका फायदा उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो सकता है। 

7. दो नई टीमों के आने के बाद अब इसके लिए नवंबर या दिसंबर में मेगा ऑक्शन भी होगा।
  • मेगा ऑक्शन हर तीन साल पर होता रहा। पिछला मेगा ऑक्शन 2018 में हुआ था, क्योंकि चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स 2 साल का बैन झेलने के बाद लीग में वापस आई थीं। इस मेगा ऑक्शन में 182 स्लॉट के लिए 13 देशों के 578 खिलाड़ियों को चुनने के लिए 8 टीमों ने बोली लगाई थीं। अगले साल दो और टीमें लीग से जुड़ जाएंगी। ऐसे में मेगा ऑक्शन होना तय है।
  • मौजूदा नियम के हिसाब से मेगा ऑक्शन में फ्रेंचाइजी को ज्यादा से ज्यादा पांच खिलाड़ियों को रिटेन करने की इजाजत होती है। बाकी सभी खिलाड़ी ऑक्शन में शामिल होते हैं। इन्हें कोई भी फ्रेंचाइजी नीलामी में खरीद सकती है। इसमें नए सिरे से टीमें बनती हैं। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार चार खिलाड़ियों को रिटने करने का नियम आ सकता है।
  • मौजूदा नियम के मुताबिक, तीन खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजी शुरुआती राउंड में और दो खिलाड़ियों को ऑक्शन के दौरान राइट टू मैच कार्ड से रिटेन कर सकती हैं। फ्रेंचाइजी द्वारा रिटेन किए गए तीन खिलाड़ियों में दो विदेशी प्लेयर भी हो सकते हैं। हालांकि अब नए नियम में चार खिलाड़ियों को रिटेन करने पर दो भारतीय-दो विदेशी या फिर तीन भारतीय और एक विदेशी को रिटने किया जा सकता है।
  • इसके अलावा फ्रेंचाइजी राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल कर भी पिछले स्क्वॉड में शामिल खिलाड़ियों को ला सकती हैं। सभी फ्रेंचाइजी के पास दो राइट टू मैच कार्ड होते हैं। हालांकि, अब नए रिटेंशन पॉलिसी में राइट टू मैच कार्ड होगा या नहीं, यह तय नहीं है।

8. नई रिटेंशन पॉलिसी भी आएंगी। इससे पता चल सकेगा कि कितने खिलाड़ियों को रिटेन किया जा सकता है यानी टीम उन्हें पहले से ही अपनी टीम से जोड़ सकती है। एक दो दिनों में इसकी घोषणा भी हो जाएगी। 

9. बीसीसीआई को काफी फायदा होने वाला है। ऐसा इसलिए क्योंकि बोर्ड को पहले उम्मीद थी कि दो नई टीमों से उन्हें 3500 करोड़ रुपये का फायदा होगा, लेकिन बीसीसीआई को सिर्फ लखनऊ फ्रेंचाइजी पर इसकी दोगुनी रकम मिली है। बीसीसीआई को दो नई टीमों से 12,715 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। अब इससे ब्रॉडकास्टर की कमाई भी बढ़ जाएगी। साथ ही वह बीसीसीआई को ज्यादा फीस देंगे। 

10. दो नई टीमों के आने से मैचों की संख्या बढ़ेगी और फैंस को मनोरंजन हो सकेगा। इस कोरोना के समय में फैंस घर में रहकर मैच का लुत्फ उठा सकेंगे।
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