उत्तराखंड में कोरोना: मंगलवार को मिले 12 नए संक्रमित, एक मरीज की हुई मौत 

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 21 Sep 2021 06:56 PM IST

सार

Corona cases in Uttarakhand Today:  प्रदेश में मंगलवार को सात जिलों चमोली, चंपावत, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है।
कोरोना वायरस की जांच
कोरोना वायरस की जांच - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 12 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, एक मरीज की मौत हुई है। जबकि 28 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। सक्रिय मामलों की संख्या घटकर  249 पहुंच गई है। जबकि सोमवार को प्रदेश में 267 सक्रिय मरीज थे। 
विज्ञापन


उपलब्धि: उत्तराखंड में कोविड टीका लगवाने वालों का आंकड़ा एक करोड़ पार, 94 फीसदी को लगी पहली डोज


स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, मंगलवार को 17277 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। सात जिलों चमोली, चंपावत, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है। वहीं, अल्मोड़ा, बागेश्वर और नैनीताल में एक-एक, देहरादून में चार, हरिद्वार में दो और ऊधमसिंह नगर में तीन संक्रमित मरीज मिले हैं। 

प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 343405 हो गई है। इनमें से 329679 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7391 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश की रिकवरी दर 96 प्रतिशत और संक्रमण दर 0.07 प्रतिशत दर्ज की गई है। 

प्रसूूता की मौत, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

ऋषिकेश के एक अस्पताल में लापरवाही के चलते एक प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन में लापरवाही के चलते प्रसूता की मौत हुई है। महिला के पति ने एक नामी महिला डॉक्टर के खिलाफ नगर कोतवाली में शिकायत दी है। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

नगर कोतवाल महेश जोशी ने बताया कि राजकिशोर पांडे निवासी आदर्श ग्राम, कुम्हार बाड़ा, ऋषिकेश ने पुलिस का शिकायत दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि अवधूत आश्रम मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में उसकी गर्भवती पत्नी संजू पांडे का इलाज चल रहा था। अस्पताल की नामी महिला डॉक्टर की ओर से तीन सितंबर को कराई गई पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड जांच में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ पाए गए थे। 15 सितंबर को प्रसव के लिए उसने पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया। महिला डॉक्टर ने सामान्य प्रसव के लिए उससे दवाएं मंगाई।

आरोप है कि सामान्य प्रसव की पूरी संभावना के बावजूद महिला डॉक्टर ने ऑपरेशन कर डिलीवरी पर जोर दिया। ऑपरेशन के तुरंत बाद उसकी पत्नी को खांसी होने लगी। महिला डॉक्टर ने दवा दी। लेकिन इसके बाद उसकी पत्नी की हालत और खराब हो गई। रात को एक बजे खांसी के साथ पत्नी की सांस भी फूलने लगी। ऑक्सीजन लेवल 85 तक पहुंच गया। इसके बाद महिला डॉक्टर ने महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया।

16 सितंबर सुबह पांच बजे वह पत्नी को लेकर देहरादून स्थित एक बड़े अस्पताल में पहुंचा। यहां उसकी पत्नी की कोरोना और अन्य पैथोलॉजी जांच की गई। जांच रिपोर्ट में दिल की बीमारी या उससे संबंधित दुष्परिणाम की बात सामने आई। 17 सिंतबर दोपहर को प्रसूता की इलाज के दौरान मौत हो गई। शिकायकर्ता का आरोप है कि ज्यादा फीस वसूलने के चक्कर में महिला डॉक्टर ने उसकी पत्नी का आपरेशन किया। ऑपरेशन में लापरवाही के चलते ही उसकी पत्नी की मौत हुई। वहीं नगर कोतवाल महेश जोशी ने बताया कि मामले की जांच की की जा रही है।   
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00