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उत्तराखंड में इलेक्ट्रिक कार बनाएगा महिंद्रा ग्रुप, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर

न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 08 Oct 2018 08:47 AM IST
इंवेस्टर्स समिट में जानकारी देते मंत्री मदन कौशिक
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ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में अग्रणीय समूह महिंद्रा एंड महिंद्रा उत्तराखंड में इलेक्ट्रिक कार बनाएगा। यह समूह प्रदेश में इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन का निर्माण कर रहा है। यह बात प्रदेश सरकार के शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने ऑटोमोबाइल और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर पर आधारित सत्र की अध्यक्षता करने के बाद कही।



उन्होंने बताया कि निवेश को लेकर उद्यमियों में भारी उत्साह है। मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में प्रदेश लंबी छलांग लगाने को बेताब है। कई कंपनियां जो प्रदेश में मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयां संचालित कर रही हैं, उन्होंने इन्हें या तो विस्तार देने या नया कारोबार शुरू करने की इच्छा जाहिर की है। 


कौशिक ने कहा कि सत्र में 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड के प्रति अपने अनुभवों का साझा किया। उन्होंने कहा कि 2003 से पहले उत्तराखंड को देवभूमि के तौर पर एक पहचान थी। 15 साल में प्रदेश की मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है और अब और लंबी छलांग लगाने को राज्य तैयार बैठा है।

प्रदेश में ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। पंत नगर और हरिद्वार की बात करते हैं। बजाज आटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हीरो मोटर्स कापर्स, अशोक लीलैंड, ब्रौक मैन सरीखे नामी उद्यम हैं, जो प्रदेश में अपनी कारोबार इकाइयों को या तो विस्तार देंगे या अलग से कोई न कोई इकाई स्थापित करेंगे।
 

फार्मास्युटिकल का देश का एक बड़ा हब बनाएंगे 

कुछ कंपनियों ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण को लेकर इकाई स्थापित करने की इच्छा जताई। महेंद्रा एंड महेंद्रा प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन का निर्माण करेगा। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में वीडियोकॉन, एवरेडी समेत कई नामी कंपनियों से वार्ता हुई है। इससे युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर खुलेंगे।

उन्होंने कहा फार्मास्युटिकल के क्षेत्र में उत्तराखंड को देश का एक बड़ा हब बनाना है। प्रदेश में 300 से अधिक फार्मास्युटिकल की छोटी व बड़ी इकाइयां हैं। इनसे एक लाख से अधिक लोग  रोजगार से जुड़े हैं। इंडिया ग्लाइकोन, मैन कांइड, सन केयर्स फार्मास्युटिकल, जुबिलैंड सरीखी बड़ी कंपनियों के अलावा छोटी कंपनियां भी निवेश को उत्सुक हैं। 

एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि एमओयू के बाद अब निवेश को लेकर विचार आया है। सभी प्रतिनिधियों को प्रदेश की नीतियां उपलब्ध करा दी गई हैं। प्रदेश सरकार उद्यमियों को ऐसा वातावरण देने जा रही है कि  कोई निवेशक प्रदेश से बाहर नहीं जाएगा। 
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