लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun ›   Uttarakhand Jawan Missing Parkash Singh Rana posted on China border

कब लौटेगा सुहाग: सुबह उम्मीद और शाम खत्म होती है मायूसी के साथ, प्रकाश सिंह राणा की कहानी रुला देगी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 19 Aug 2022 03:34 PM IST
सार

अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा पर सातवीं गढ़वाल राइफल्स में तैनात देहरादून के प्रकाश सिंह राणा की पत्नी और बच्चों की आंखें आज भी रास्ते को ताकती रहती हैं। मई माह में वह सीमा में पेट्रोलिंग के दौरान लापता हो गए थे। तबसे उनका कोई पता नहीं चल पाया है। 

नायक प्रकाश राणा
नायक प्रकाश राणा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

मां और उसके दो मासूम बच्चे हर रोज रास्ते पर टकटकी लगाए बैठे रहते हैं। हर दिन इसी उम्मीद के साथ सुबह होती है कि शायद आज ही पापा आ जाएं या उनकी कोई सूचना मिल जाए। लेकिन सूरज के ढलते ही घर में एक मायूसी सी छा जाती है और मां अपने आंसुओं को छिपाते हुए बच्चों को यही दिलासा देती है कि पापा जल्द ही घर आ जाएंगे।



यह दास्तां है अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा पर सातवीं गढ़वाल राइफल्स में तैनात देहरादून के प्रकाश सिंह राणा के घर की। मूल रूप से रुद्रप्रयाग के चिलौनी गांव के रहने वाले और वर्तमान में अंबीवाला सैनिक कॉलोनी देहरादून में निवासरत प्रकाश सिंह राणा की पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश के चीन सीमा पर ठाकला पोस्ट पर हुई थी।


मई माह में वह सीमा में पेट्रोलिंग के दौरान लापता हो गए थे। 29 मई को उनकी बटालियन के सूबेदार मेजर ने पत्नी ममता राणा को लापता होने की सूचना दी थी। बताया गया कि पेट्रोलिंग के दौरान पैर फिसलने से वह चीन सीमा की तरफ गिर गए थे। सेना की ओर से कई दिनों तक लापता जवान की खोजबीन की गई, लेकिन कोई पता नहीं चला।
 

बच्चों के सवालों का नहीं किसी के पास जवाब
प्रकाश सिंह राणा के एक दस साल का बेटा अनुज और एक सात की बेटी अनामिका है। दोनों बच्चे अक्सर पूछते रहते हैं कि पापा कब आएंगे, लेकिन किसी के पास इसका जवाब नहीं है। पत्नी ममता राणा भी हर दिन इसी आस में रहती हैं कि काश आज ही उनके पति का कुछ पता चल जाए। वह पति की सलामती के लिए हर रोज प्रार्थना करती हैं। ममता राणा ने बताया कि पलटन वालों से बात होती है, लेकिन वह कहते हैं कि अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। 


 

सेना ने बंद कर दिया है वेतन
ममता राणा ने बताया कि अभी तक सेना की ओर से परिवार को उनके पति का पूरा वेतन दिया जा रहा था। लेकिन, अब सेना ने वेतन देना बंद कर दिया है। बताया कि अब सेना के अफसर पेंशन के कागजात तैयार करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि वेतन बंद होने से उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
 

जनप्रतिनिधि भी भूले परिवार को
जवान के लापता होने की सूचना पर तमाम जनप्रतिनिधि उनके घर पहुंचे थे। मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक ने वादा किया था कि वह लापता जवान को ढूंढने के लिए सेना के अधिकारियों के साथ बात करेंगे। लेकिन अब सभी जवान और उसके परिवार को भूल चुके हैं।
 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00