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Delhi AIIMS: एम्स में मरीजों के लिए आएंगे 50 बैटरी वाहन, हजारों मरीजों को होगा फायदा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 04 Oct 2022 12:53 AM IST
सार

मरीजों की पर्ची बनाने के दौरान कर्मचारी फोन का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। एम्स निदेशक ने कहा है कि ऐसी सूचना मिली है कि पंजीकरण के दौरान आउटसोर्स कर्मचारी फोन पर बात करते हैं जिससे मरीजों की पर्ची बनाने में देरी होती है। 

एम्स दिल्ली
एम्स दिल्ली - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली में उपचार करवाने आ रहे मरीजों को जल्द ही एक जगह से दूसरे जगह जाने के लिए बेहतर परिवहन की सुविधा मिलेगी। एम्स प्रशासन ने मुफ्त बैटरी बस सुविधा में 50 अतिरिक्त बसों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। इस पहल के बाद सेवाओं में विस्तार होगा, साथ ही यहां आने वाले हजारों मरीजों को फायदा होगा। 

एम्स निदेशक प्रो. डॉ. एम श्रीनिवास ने एक आदेश जारी करते हुए कहा कि वर्तमान में बैटरी बसों की संख्या कम है। मरीजों को होने वाली समस्या को देखते हुए 50 अतिरिक्त बसों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही संख्या बढ़ने के बाद मरीजों को मिल रही सुविधा का जायजा भी लिया जाए, जिससे भविष्य में योजना तैयार हो सकें। 

बता दें कि एम्स में प्रतिदिन 50 हजार से भी अधिक मरीज व तिमारदार आते हैं। इनमें से ज्यादातर मरीज बुजुर्ग, दिव्यांग, काफी बीमार व जरूरतमंद होते हैं जो पैदल नहीं चल पाते। जबकि उपचार करवाने के लिए इन्हें 2-4 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ जाता है। वर्तमान में यहां बैटरी गाड़ी चलती है, लेकिन संख्या कम होने के कारण सभी को सुविधा नहीं मिल पाती। 

सर्जिकल ब्लॉक में बनेगी पर्ची 
सर्जिकल ब्लॉक में उपचार करवाने आ रहे मरीजों की पर्ची 10 अक्टूबर से सर्जिकल ब्लॉक में ही बनेगी। वर्तमान में मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए राजकुमारी अमृत कौर ओपीडी में आना पड़ता है। निदेशक ने निर्देश दिया है कि 10 अक्टूबर तक सर्जिकल ब्लॉक में ही पर्ची बनाने की सुविधा विकसित की जाए। 

फोन का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे कर्मचारी 
मरीजों की पर्ची बनाने के दौरान कर्मचारी फोन का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। एम्स निदेशक ने कहा है कि ऐसी सूचना मिली है कि पंजीकरण के दौरान आउटसोर्स कर्मचारी फोन पर बात करते हैं जिससे मरीजों की पर्ची बनाने में देरी होती है। इस समस्या को देखते हुए निदेशक ने इंजार्च को निर्देश दिया है कि 16 अक्टूबर तक फोन को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाए जिससे पंजीकरण कक्ष में आने से पहले कर्मचारियों का फोन सुरक्षित जमा किया जा सकें। 
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