{"_id":"6a27df735cdf967411058a1c","slug":"popular-haryanvi-singer-pepsi-sharma-dies-of-suspected-heart-attack-in-ghaziabad-village-2026-06-09","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पेप्सी शर्मा: बचपन से था मटका बजाने का शौक, नागिन डांस प्रतियोगिता का वीडियो हुआ था वायरल; चर्चित नाम बन गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेप्सी शर्मा: बचपन से था मटका बजाने का शौक, नागिन डांस प्रतियोगिता का वीडियो हुआ था वायरल; चर्चित नाम बन गए
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 09 Jun 2026 03:29 PM IST
विज्ञापन
सार
लोकगीतों से लोगों का दिल जीतने वाले पेप्सी शर्मा के सीने में पहली बार दर्द उठा था। रविवार को पेप्सी मां को देखने गांव आए थे। ग्रामीणों के साथ बैठे हुए थे तभी उनके सीने में दर्द हुआ। परिजन उन्हें स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए। उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था। उसके कुछ देर बाद खाना खाते समय उनका निधन हो गया।
Popular Haryanvi Singer
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
हरियाणवी लोकगीत ‘पतला दुपट्टा तेरा मुंह दिखे’ से देशभर में पहचान बनाने वाले गाजियाबाद स्थित निवाड़ी के गांव पतला निवासी प्रसिद्ध रागनी गायक यशपाल शर्मा उर्फ पेप्सी शर्मा (39) का रविवार को निधन हो गया। वह अपनी बीमार मां का हालचाल जानने नोएडा से गांव आए थे। परिवार के अनुसार, खाना खाते समय सीने में तेज दर्द होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई है। रविवार देर रात गांव में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पेप्सी शर्मा छह भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दो भाई चालक हैं और एक गांव में खेती करते हैं। एक भाई की दुकान है और एक नगर पंचायत में संविदाकर्मी हैं। उनकी पत्नी रेनू और नौ वर्षीय पुत्री तरुणा नोएडा के डेल्टा सेक्टर में उनके साथ रहती हैं, जबकि सात वर्षीय पुत्र हेमंत गांव में दादा-दादी के पास रहता है।
पेप्सी शर्मा छह भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दो भाई चालक हैं और एक गांव में खेती करते हैं। एक भाई की दुकान है और एक नगर पंचायत में संविदाकर्मी हैं। उनकी पत्नी रेनू और नौ वर्षीय पुत्री तरुणा नोएडा के डेल्टा सेक्टर में उनके साथ रहती हैं, जबकि सात वर्षीय पुत्र हेमंत गांव में दादा-दादी के पास रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाई ऋषिपाल शर्मा ने बताया कि उनकी मां माया देवी बीमार चल रही हैं। रविवार को पेप्सी मां को देखने गांव आए थे। ग्रामीणों के साथ बैठे हुए थे तभी उनके सीने में दर्द हुआ। परिजन उन्हें स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए। उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था।
परिवार के अनुसार, घर लौटने के करीब आधे घंटे बाद वह परिवार के साथ भोजन कर रहे थे, तभी दोबारा सीने में तेज दर्द उठा। आनन-फानन उन्हें मोदीनगर के जीवन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रशंसक शामिल हुए।
घर में शादी की तैयारियां, छा गया मातम
पेप्सी शर्मा के बड़े भाई रतिपाल की पुत्री काजल की शादी 18 जून को होनी है। परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं और पेप्सी स्वयं भी तैयारियों में सक्रिय थे। अचानक हुई इस घटना से परिवार और गांव में शोक की लहर है।
पेप्सी शर्मा के बड़े भाई रतिपाल की पुत्री काजल की शादी 18 जून को होनी है। परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं और पेप्सी स्वयं भी तैयारियों में सक्रिय थे। अचानक हुई इस घटना से परिवार और गांव में शोक की लहर है।
बचपन से था मटका बजाने का शौक
भाई ऋषिपाल शर्मा ने बताया कि पेप्सी शर्मा ने कक्षा 11 के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। बचपन से उन्हें मटका बजाने का शौक था। घरवालों से छिपकर वह रागनी गायक पालिराम की टीम में साज बजाने लगे थे। धीरे-धीरे उनकी पहचान बनी और वह हरियाणवी लोकसंगीत की दुनिया का चर्चित नाम बन गए। उन्होंने लंबे समय तक हरियाणवी कलाकार सपना चौधरी के साथ मंच साझा किया। उत्तर प्रदेश से होने के बावजूद उन्हें हरियाणवी गीतों और लोक संस्कृति से गहरा लगाव था। यही कारण रहा कि उन्होंने अपने अधिकांश गीत और प्रस्तुतियां हरियाणवी भाषा में दीं।
भाई ऋषिपाल शर्मा ने बताया कि पेप्सी शर्मा ने कक्षा 11 के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। बचपन से उन्हें मटका बजाने का शौक था। घरवालों से छिपकर वह रागनी गायक पालिराम की टीम में साज बजाने लगे थे। धीरे-धीरे उनकी पहचान बनी और वह हरियाणवी लोकसंगीत की दुनिया का चर्चित नाम बन गए। उन्होंने लंबे समय तक हरियाणवी कलाकार सपना चौधरी के साथ मंच साझा किया। उत्तर प्रदेश से होने के बावजूद उन्हें हरियाणवी गीतों और लोक संस्कृति से गहरा लगाव था। यही कारण रहा कि उन्होंने अपने अधिकांश गीत और प्रस्तुतियां हरियाणवी भाषा में दीं।
अपनी दमदार आवाज और पारंपरिक रागनियों के कारण वे हरियाणा के लोक संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय नाम बन गए। सपना चौधरी के साथ ‘पतला दुपट्टा तेरा मुंह दिखे’ गीत ने उन्हें लोकप्रियता के शिखर पर पहुंचा दिया। यूट्यूब पर इस वीडियो को 55 मिलियन से अधिक बार देखा जा चुका है। इसके अलावा ‘या सपने में सपना आगी’ और ‘खटक गया सूट तेरा काला’ जैसे गीत भी काफी लोकप्रिय हुए। वह लोकनृत्य और मंचीय प्रस्तुतियों के लिए भी जाने जाते थे तथा कई टीवी कार्यक्रमों में भी हिस्सा ले चुके थे।
नागिन डांस प्रतियोगिता का वीडियो हुआ था वायरल
परिजनों के अनुसार एक रागनी प्रतियोगिता में नागिन डांस प्रस्तुति के दौरान उन्होंने सपना चौधरी को भी पीछे छोड़ दिया था। दोनों कलाकारों का वह वीडियो सोशल मीडिया और यूट्यूब पर काफी चर्चित रहा।
परिजनों के अनुसार एक रागनी प्रतियोगिता में नागिन डांस प्रस्तुति के दौरान उन्होंने सपना चौधरी को भी पीछे छोड़ दिया था। दोनों कलाकारों का वह वीडियो सोशल मीडिया और यूट्यूब पर काफी चर्चित रहा।
28 मई को हापुड़ में दी थी अंतिम प्रस्तुति
भाई ऋषिपाल ने बताया कि पेप्सी शर्मा का अंतिम कार्यक्रम 28 मई को हापुड़ में हुआ था। 23 और 27 जून को गांव पतला में उनके दो कार्यक्रम प्रस्तावित थे, जिनकी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। रविवार को गांव पहुंचने के बाद उन्होंने इन कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की थी।
भाई ऋषिपाल ने बताया कि पेप्सी शर्मा का अंतिम कार्यक्रम 28 मई को हापुड़ में हुआ था। 23 और 27 जून को गांव पतला में उनके दो कार्यक्रम प्रस्तावित थे, जिनकी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। रविवार को गांव पहुंचने के बाद उन्होंने इन कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की थी।
पहली बार हुआ सीने में दर्द
भाई ऋषिपाल ने बताया कि पेप्सी शर्मा एकदम स्वस्थ थे। गांव आने के बाद दोस्तों से मिलने भी गए थे। उन्हें कभी दिल की बीमारी नहीं रही। सभी भाई और बच्चे पेप्सी शर्मा को भाई कहकर बुलाते थे।
भाई ऋषिपाल ने बताया कि पेप्सी शर्मा एकदम स्वस्थ थे। गांव आने के बाद दोस्तों से मिलने भी गए थे। उन्हें कभी दिल की बीमारी नहीं रही। सभी भाई और बच्चे पेप्सी शर्मा को भाई कहकर बुलाते थे।
जेल गए और जज के कहने पर पप्पी से पेप्सी कर लिया नाम
ग्रामीणों के अनुसार, करीब 20 वर्ष पहले एक मामले में जेल जाने के दौरान उनका नाम पप्पी शर्मा था। परिवार का कहना है कि अदालत में नाम को लेकर हुई चर्चा के बाद महिला जज ने पप्पी नाम के स्थान पर पेप्सी नाम रखने के लिए कहा। इस पर उन्होंने अपना नाम बदलकर पेप्सी शर्मा रख लिया। बाद में यही नाम उनकी पहचान बन गया।
ग्रामीणों के अनुसार, करीब 20 वर्ष पहले एक मामले में जेल जाने के दौरान उनका नाम पप्पी शर्मा था। परिवार का कहना है कि अदालत में नाम को लेकर हुई चर्चा के बाद महिला जज ने पप्पी नाम के स्थान पर पेप्सी नाम रखने के लिए कहा। इस पर उन्होंने अपना नाम बदलकर पेप्सी शर्मा रख लिया। बाद में यही नाम उनकी पहचान बन गया।