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Noida News: रंगदारी मांगने के मामले में जेल में ही रहेंगे डिलीवरी बॉय और भाई
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कोर्ट से राहत नहीं मिली, न्यायिक हिरासत मंजूर
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-150 स्थित एजीएस रेस्तरां से कथित रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किए गए डिलीवरी बॉय मुनेंद्र और उसके भाई नरेंद्र को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत मंजूर कर ली। ऐसे में दोनों भाई जेल में ही रहेंगे। अदालत में सोमवार को सुनवाई के दौरान दोनों भाई मौजूद रहे।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सेक्टर-150 स्थित एजीएस रेस्तरां के संचालक पवन अरोड़ा ने प्राथमिकी दर्ज कराई है कि मुनेंद्र रेस्तरां पर आकर हर माह 25 हजार रुपये की रंगदारी मांगता था। शिकायत के अनुसार आरोपी ने कहा था कि यदि रकम नहीं दी गई तो वह रेस्तरां क्षेत्र में नहीं चलने देगा। आरोपी क्षेत्र के अन्य दुकानदारों से भी रंगदारी मांगता था और कई बार जान से मारने की धमकी दे चुका है। बचाव पक्ष का कहना है कि मुनेंद्र को झूठा फंसाया गया है। पुलिसकर्मी द्वारा उसकी पिटाई की गई है। वहीं उसे छुड़ाने के लिए कोतवाली पहुंचे उसके भाई नरेंद्र को भी जबरन बंद कर दिया गया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोनों भाइयों की न्यायिक हिरासत को मंजूर कर लिया। बता दें पुलिस ने आरोपियों की रिमांड के लिए अर्जी लगाई थी। शनिवार को इस मामले में सुनवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद अदालत ने सोमवार को दोनों भाइयों को तलब किया था। पुलिस की ओर से इस मामले में जल्द ही कस्टडी रिमांड के लिए अर्जी लगाई जा सकती है।
राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत
मुनेंद्र के भाई सोमिंदर सिंह ने बताया कि 3 जून की रात करीब साढ़े नौ से दस बजे के बीच अंतरिक्ष सोसाइटी के बाहर मौजूद उसके भाई को नॉलेज पार्क कोतवाली में तैनात कुछ पुलिसकर्मी अपने साथ ले गए। उनका आरोप है कि थाने ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई। परिवार को उसकी गिरफ्तारी और ठिकाने के बारे में समय पर जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि तीन दिन तक परिवार को यह भी पता नहीं चल सका कि मुनेंद्र कहां है और किस आधार पर उसे हिरासत में लिया गया है। पुलिस द्वारा की जा रही जबरन कार्रवाई की शिकायत राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से करेंगे।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-150 स्थित एजीएस रेस्तरां से कथित रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किए गए डिलीवरी बॉय मुनेंद्र और उसके भाई नरेंद्र को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत मंजूर कर ली। ऐसे में दोनों भाई जेल में ही रहेंगे। अदालत में सोमवार को सुनवाई के दौरान दोनों भाई मौजूद रहे।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सेक्टर-150 स्थित एजीएस रेस्तरां के संचालक पवन अरोड़ा ने प्राथमिकी दर्ज कराई है कि मुनेंद्र रेस्तरां पर आकर हर माह 25 हजार रुपये की रंगदारी मांगता था। शिकायत के अनुसार आरोपी ने कहा था कि यदि रकम नहीं दी गई तो वह रेस्तरां क्षेत्र में नहीं चलने देगा। आरोपी क्षेत्र के अन्य दुकानदारों से भी रंगदारी मांगता था और कई बार जान से मारने की धमकी दे चुका है। बचाव पक्ष का कहना है कि मुनेंद्र को झूठा फंसाया गया है। पुलिसकर्मी द्वारा उसकी पिटाई की गई है। वहीं उसे छुड़ाने के लिए कोतवाली पहुंचे उसके भाई नरेंद्र को भी जबरन बंद कर दिया गया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोनों भाइयों की न्यायिक हिरासत को मंजूर कर लिया। बता दें पुलिस ने आरोपियों की रिमांड के लिए अर्जी लगाई थी। शनिवार को इस मामले में सुनवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद अदालत ने सोमवार को दोनों भाइयों को तलब किया था। पुलिस की ओर से इस मामले में जल्द ही कस्टडी रिमांड के लिए अर्जी लगाई जा सकती है।
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राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत
मुनेंद्र के भाई सोमिंदर सिंह ने बताया कि 3 जून की रात करीब साढ़े नौ से दस बजे के बीच अंतरिक्ष सोसाइटी के बाहर मौजूद उसके भाई को नॉलेज पार्क कोतवाली में तैनात कुछ पुलिसकर्मी अपने साथ ले गए। उनका आरोप है कि थाने ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई। परिवार को उसकी गिरफ्तारी और ठिकाने के बारे में समय पर जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि तीन दिन तक परिवार को यह भी पता नहीं चल सका कि मुनेंद्र कहां है और किस आधार पर उसे हिरासत में लिया गया है। पुलिस द्वारा की जा रही जबरन कार्रवाई की शिकायत राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से करेंगे।