रेल रोको आंदोलन: किसानों के प्रदर्शन का 150 जगहों पर दिखा असर, 50 ट्रेनें प्रभावित, हजारों यात्री परेशान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Published by: प्राची प्रियम Updated Mon, 18 Oct 2021 05:20 PM IST

सार

किसानों के आंदोलन से हजारों की संख्या में ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर किसानों ने रेलवे ट्रैक जाम किया तो कहीं प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई।
रेल रोको आंदोलन
रेल रोको आंदोलन - फोटो : एएनआई
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विस्तार

लखीमपुर खीरी में बीते दिनों हुई हिंसा के विरोध में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने देशव्यापी रेल रोको आंदोलन चलाया, जिसका असर देशभर में 150 जगहों पर देखने को मिला। इस आंदोलन के चक्कर में 50 ट्रेनें प्रभावित हुईं। किसानों के आंदोलन से हजारों की संख्या में ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर किसानों ने रेलवे ट्रैक जाम किया तो कहीं प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। वहीं, कुछ जगहों पर पुलिस की सक्रियता और सख्ती के कारण किसान रेलवे ट्रैक तक पहुंचकर यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी करने में कामयाब ही नहीं हो पाए।
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पंजाब और हरियाणा में लगभग 130 स्थानों पर रेल सेवा प्रभावित
इस आंदोलन के आह्वान पर सुबह 11 बजे के करीब किसानों ने हरियाणा के बहादुरगढ़, अमृतसर, देवी दासपुरा समेत कई जगहों पर ट्रैक जाम कर दिया। सोनीपत में भारी संख्या में रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई जिसके कारण किसान सफन नहीं हो पाए।  आंदोलन के कारण पंजाब और हरियाणा में लगभग 130 स्थानों पर रेल सेवा प्रभावित हुई। फिरोजपुर से अंबाला खंड में लगभग 50 ट्रेनें प्रभावित हुईं। 







उत्तर पश्चिम रेलवे पर भी दिखा आंदोलन का असर
किसान आंदोलन के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे पर भिवानी-रेवाड़ी, सिरसा-रेवाड़ी, लोहारू-हिसार, सूरतगढ़-बठिंडा, सिरसा-बठिंडा हनुमानगढ़-बठिंडा, रोहतक-भिवानी, रेवाड़ी-सादुलपुर, हिसार-बठिंडा, हनुमानगढ़-सादुलपुर तथा श्रीगंगानगर- रेवाड़ी रेलखंडों के बीच रेल यातायात प्रभावित रहा।

यूपी में कहीं भी रेल यातायात बाधित नहीं: एडीजी (कानून व्यवस्था)
उत्तर प्रदेश के एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि कहीं भी रेल यातायात बाधित नहीं रहा, कुछ जगहों पर जब ट्रेन नहीं जा रही थी तो किसानों ने प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। एतियातन लगभग 160 कंपनी पीएससी और 9 कंपनी पैरामिलेट्री लगाई गई हैं। महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिलों में बाहर से भी अधिकारी भेजे गए हैं जो लगातार किसान संगठनों और अन्य नेताओं से बात कर रहे हैं। 

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