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घायल बंदर को दिया सहारा, अब लगता है सबको प्यारा

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jan 2022 01:15 AM IST
Support given to the injured monkey, now everyone love him
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नोएडा। इंसान हो या जानवर चोट लगने पर दर्द दोनों को होता है। हम जितनी तत्परता से इंसान का इलाज कराते हैं, शायद उतनी अहमियत किसी घायल पशु-पक्षी को नहीं देते हैं, लेकिन सेक्टर-15ए के निवासियों इस बात को गलत साबित किया है। बीते शुक्रवार को पार्क में अचानक एक बंदर आ गया। इससे वहां मौजूद लोग डर गए। भगाने के प्रयास में लोगों के हाथों अनजाने में बंदर को चोट लग गई। अगले दिन घायल बंदर पार्क में एक लड़की की गोद में बैठ गया। उसकी परेशानी देखकर अन्य लोगों ने तत्काल उसे सेक्टर-94 स्थित आश्रय गृह पहुंचाया। जहां इलाज के बाद बंदर अब खेल-कूद रहा है।
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निवासियों ने बताया कि सेक्टर में बंदरों की मौजूदगी की शिकायत संबंधित विभाग से की गई थी। इस पर बीते शुक्रवार को कुछ कर्मी बंदरों को पकड़कर ले गए थे। रास्ते में एक बंदर पशु एंबुलेंस के दरवाजे की कुंडी खोलकर भाग निकला और सेक्टर स्थित पार्क पहुंच गया था। शुक्रवार की घटना के बाद शनिवार को फिर से बंदर को सांस्कृतिक क्लब के पास देखा गया। लोगों ने बताया कि बंदर पूरी तरह से प्रशिक्षित लग रहा है। उसने कई लोगों से हाथ मिलाया। इतना ही नहीं हिंदी गानों पर नृत्य भी किया।

कुछ निवासियों ने भोजन दिया तो आराम से लेकर खा लिया। उसकी हरकतों से ये नहीं लगा कि वह किसी को नुकसान पहुंचाना चाहता हो। यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि कुछ लोगों ने डर कर उसे चोट पहुंचा दी। सेक्टर निवासी विनायक की बेटी रागिनी ने सबसे पहले घायल बंदर को देखा। चोट लगने के बाद बंदर उसी की गोद में बैठा था। लोगों ने बताया कि पशु प्रेमी विनीत अरोड़ा से संपर्क किया गया। वह तुरंत मौके पर पहुंचे और बंदर को आश्रय गृह ले गए। जहां उसका इलाज किया गया है।
जंगल में नहीं छोेड़ने की मांग
सेक्टर के निवासियों ने बताया कि पता नहीं कि बंदर कहां से आया है, लेकिन यह प्रशिक्षित बंदर है। लोगों से हाथ मिलाना, उनके साथ घूमना और मनोरंजन करना, यह प्रशिक्षित बंदर ही कर सकता है। विक्रम सेठी ने बताया कि सेक्टरवासियों की मांग है कि बंदर को जंगल में नहीं छोड़ा जाए। उन्हें आशंका है कि यदि बंदर को जंगल में छोड़ा गया तो वह जीवित नहीं बचेगा। उसे लोगों के बीच रहने की आदत है। ऐसे में उसे आश्रय गृह में शरण देनी चाहिए।

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