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CUET 2022: सीयूईटी को लेकर डीयू और सेंट स्टीफेंस कॉलेज के बीच टकराव, संस्थान ने जारी किया अपडेट

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Tue, 24 May 2022 11:36 AM IST
सार

कॉलेज ने बताया है कि CUET के तहत सीटों पर प्रवेश के लिए परीक्षा के 85 फीसदी अंकों को मान्य माना जाएगा। इसके बाद बाकी के 15 फीसदी अंक साक्षात्कार के माध्यम से जोड़े जाएंगे।

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Delhi University - फोटो : Social Media
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विस्तार

CUET 2022: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी सीयूसीटी के तहत पाठ्यक्रमों में प्रवेश को लेकर दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज ने बड़ा अपडेट जारी किया है। कॉलेज ने बताया है कि CUET के तहत सीटों पर प्रवेश के लिए परीक्षा के 85 फीसदी अंकों को मान्य माना जाएगा। इसके बाद बाकी के 15 फीसदी अंक साक्षात्कार के माध्यम से जोड़े जाएंगे। कॉलेज का यह फैसला दिल्ली विश्वविद्यालय के उस आदेश के बाद आया है, जिसमें कॉलेज को अनारक्षित सीटों पर सीयूईटी के माध्यम से प्रवेश आयोजित करने के लिए कहा गया है।  

कॉलेज ने जारी किया प्रोस्पेक्टस
कॉलेज की ओर से अंडरग्रेजुएट कोर्स 2022-23 के लिए जारी किए गए प्रोस्पेक्टस में कहा गया है कि सेंट स्टीफंस कॉलेज पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए CUET के मानदंडों को अपनाएगा। हालांकि, इसमें 85 फीसदी वेटेज परीक्षा में अंकों का होगा। वहीं, 15 फीसदी वेटेज शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के साक्षात्कार का होगा।

CUET 2022: विश्वविद्यालय और कॉलेज में टकराव की स्थिति
सीयूईटी के तहत प्रवेश को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय और सेंट स्टीफेंस कॉलेज के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। कॉलेज ने कि बीते महीने जारी किए गए अपने एडमिशन नोटिस में सभी उम्मीदवारों को प्रवेश 85 फीसदी अंक सीयूईटी और 15 फीसदी अंक साक्षात्कार के आधार पर देने की बात कही थी। हालांकि, कॉलेज के प्रिंसिपल जॉन वर्गीज ने पीटीआई को कॉल और मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया है।
 

कार्यकारी परिषद के प्रस्ताव का पालन करें
ममाले पर दिल्ली विश्वविद्यालय का कहना है कि साक्षात्कार केवल आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए आयोजित किए जाने चाहिए। विश्वविद्यालय ने कॉलेज को दिए गए निर्देश में लिखा था कि कॉलेज को सीयूईटी स्कोर के आधार पर सामान्य सीटों पर प्रवेश आयोजित करने के लिए कार्यकारी परिषद के प्रस्ताव का पालन करना होगा। वहीं, सेंट स्टीफंस कॉलेज का कहना है कि वह अल्पसंख्यक संस्थान के रूप में गारंटीकृत अपनी नीति के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया को अपनाने का अधिकार सुरक्षित रखता है। दिल्ली विश्वविद्यालय ने मामले में कानूनी राय मांगी है।
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