Hindi News ›   Education ›   Success Story Pujya Priyadarshni failed three times in upsc exam with family support achieve success and secures 11th rank in 2018 

Success Story : तीन बार विफलता के बाद भी नहीं मानी हार, फिर प्रियदर्शनी ऐसे बनीं आईएएस

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: राहुल मानव Updated Mon, 17 Jan 2022 09:31 PM IST

सार

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की छात्रा रही पूज्य प्रियदर्शनी ने तीन बार असफलता मिलने के बाद यूपीएससी में 2018 में देश भर में 11वीं रैंक हासिल की थी। तीसरी बार के प्रयास में असफल होने के बाद निराश होकर छोड़ दिया था आईएएस बनने के सपना। लेकिन, परिवार के साथ ने नई दिशा दी और फिर से जगी आईएएस अधिकारी बनने की चेतना।
पूज्य प्रियदर्शनी
पूज्य प्रियदर्शनी - फोटो : social media
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विस्तार

सफलता के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए, मजबूत हौसलों के साथ कुछ भी हासिल किया जा सकता है। इस बात को पूज्य प्रियदर्शनी ने सही साबित किया है। वर्ष 2018 में उन्होंने पूरे देश में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में 11वीं रैंक हासिल की थी। इससे पहले वह तीन बार यूपीएससी परीक्षा में असफल रहीं थीं, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अपने इरादों में कमी नहीं छोड़ी और लगातार अपना प्रयास जारी रखा। इसके लिए उन्हें सबसे बड़ा समर्थन अपने परिवार से मिला। जिसके बाद वह अपने नसीब को फिर से आजमा पाई और अपने आईएएस अधिकारी बनने के सपने को पूरा कर दिखाया।

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डीयू से की है पढ़ाई

पूज्य प्रियदर्शनी ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बीकॉम की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद वह सार्वजनिक प्रशासन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने के लिए न्यूयॉर्क की कोलंबिया विश्वविद्यालय में गईं। इसके बाद उन्होंने दो वर्ष एक कंपनी में काम भी किया।

कई बार किया असफलता का सामना लेकिन नहीं मानी हार

पूज्य प्रियदर्शनी की कामयाबी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह दृढ़ संकल्पित रहीं और उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी। उन्होंने सबसे पहले वर्ष 2013 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को दिया था। जिसमें वह असफल रही थीं। इसके बाद उन्होंने दूसरा प्रयास वर्ष 2016 में किया। उन्होंने तीन वर्ष के अंतराल के बाद कोशिश की थी, जिसमें वह साक्षात्कार के राउंड तक पहुंचीं थीं। लेकिन उनका नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाया। दो बार असफल होने के बाद भी वह निराश नहीं हुईं और उन्होंने फिर से प्रयास करने का मन बनाया और अपनी यूपीएससी की तैयारी को जारी रखा। इसके बाद भी उन्हें वर्ष 2017 में फिर से निराशा का सामना करना पड़ा, जब वह 2017 की यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में असफल रहीं।

परिवार के साथ ने दी नई दिशा

तीन बार असफलता मिलने के बाद पूज्य प्रियदर्शनी ने मन बना लिया था कि वह अब दोबारा यूपीएससी सिविल परीक्षा के लिए तैयारी नहीं करेंगी। इस बेहद ही कठिन समय में उन्हें उनके परिवार ने सहारा दिया। उनके अंदर फिर से यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल करने की चेतना को जगाया। इसके बाद उन्होंने अपनी रणनीति पर काम किया और अंत में अपने चौथे प्रयास में सफलता हासिल कर ली।

सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करें

पूज्य ने दूसरे उम्मीदवारों को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाने के लिए सलाह देते हुए कहा कि इस परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत करें, रणनीति बनाएं और धैर्य रखें। पूज्य का मानना है कि परीक्षा के लिए अच्छी तरह से अभ्यास करें और लगातार तैयारी करते रहें। अगर आप असफल होते हैं तो बिल्कुल भी घबराएं नहीं। अपनी गलतियों की पहचान करें और दोबारा प्रयास करें। उन्होंने कहा कि अगर आप कड़ी मेहनत करते हैं और पूरे समर्पण से यूपीएससी की तैयारी करते हैं, तो आप निश्चित रूप से सफल होंगे।
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