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रंगोत्सव: 'मुक्तिगाथा' से आजादी के नायकों की शहादत को किया याद, चौरी-चौरा शताब्दी वर्ष पर आयोजित रंगोत्सव का हुआ समापन

संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 09 Jan 2022 12:18 PM IST
सार

योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित समापन समारोह में सोनचिरैया, लखनऊ द्वारा संगीतमय नाट्य प्रस्तुति ‘मुक्तिगाथा’ का मंचन पद्मश्री मालिनी अवस्थी के निर्देशन में किया गया।

‘मुक्तिगाथा’ का मंचन मालिनी अवस्थी के निर्देशन में हुआ।
‘मुक्तिगाथा’ का मंचन मालिनी अवस्थी के निर्देशन में हुआ। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

आजादी का अमृत महोत्सव एवं चौरी-चौरा शताब्दी वर्ष पर भारतेंदु नाट्य अकादमी, संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन की ओर से आयोजित पांच दिवसीय ‘आजादी का रंगोत्सव’ कार्यक्रम का शनिवार को समापन हो गया।



योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित समापन समारोह में सोनचिरैया, लखनऊ द्वारा संगीतमय नाट्य प्रस्तुति ‘मुक्तिगाथा’ का मंचन पद्मश्री मालिनी अवस्थी के निर्देशन में किया गया। इस नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से आजादी के नायकों की शहादत को उन गीतों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया जो गांव-गांव गूंजे और गाये गए। इन गानों की लोकप्रियता से भयभीत होकर तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था। नाटक में दिखाया गया कि भारत को स्वाधीनता दिलाने में यूनाइटेड प्रोविंस अर्थात आज के उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण स्थान रहा। स्वतंत्रता संग्राम की जो चिंगारी मेरठ में धधकी, वो लखनऊ, कानपुर एवं झांसी से भड़कती हुई पूरे देश में फैल गई।


मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहब, बेगम हजरत महल के शौर्य ने भारत में आजादी की लौ जगा दी। काकोरी कांड एवं चौरी-चौरा की घटना ने देश में क्रांति की लहर पैदा की। चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, अशफाक उल्ला खां आदि सभी हमारे देश की ऐसी पुण्य आत्माएं हैं जिनके आह्वान एवं प्राणाहुति से भारत का स्वाभिमान जाग गया और जन-जन में ब्रिटिश साम्राज्य से मुक्ति पाने की अलख जग गई। आज ये शहीद नहीं हैं, लेकिन भारत को आजादी दिलाने के लिए हमारे इन नायकों के योगदान की गाथाएं युगों-युगों तक गाई जाएंगी।
 

75 जिलों से आई मिट्टी में लगा रुद्राक्ष का पौधा

पांच दिवसीय आजादी का रंगोत्सव कार्यक्रम के समापन समारोह में शनिवार को योगिराज बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह शहीदों की याद में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों से आई मिट्टी में रुद्राक्ष का पौधा लगाया गया। इस अवसर पर पद्मश्री मालिनी अवस्थी, मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह, उप निदेशक बौद्ध संग्रहालय डॉ. मनोज गौतम, रमेश गुप्ता, प्रिवेंद्र सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
 

सांसद रवि किशन ने जताया आभार

सांसद रवि किशन ने आजादी का रंगोत्सव कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश के कलाकारों को प्रेक्षागृह की सौगात मिली है। वहीं, अब हिंदी और भोजपुरी फिल्मी दुनिया की हस्तियों को बाबा गोरक्षनाथ की धरती पर आकर अभिनय का अवसर मिला है।

 

निबंध लेखन प्रतियोगिता में अंशिका ने मारी बाजी

रंगोत्सव के अंतर्गत गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित ‘निबंध लेखन प्रतियोगिता’ का परिणाम रंगोत्सव के समापन अवसर पर घोषित किया गया। प्रतियोगिता में 51 प्रतिभागियों ने भागीदारी की। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार अंशिका तिवारी, द्वितीय पुरस्कार अन्नू निषाद व प्रियांशु कुमार गुप्ता, तृतीय पुरस्कार आशुतोष चतुर्वेदी व सुश्री नेहा चौधरी ने प्राप्त किया। विजेताओं को नकद पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

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