गोरखपुर: एम्स और बीआरडी में जल्द शुरू होगी एंजियोग्राफी, ओपीडी खुलने के बाद लिया गया फैसला

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 29 Nov 2021 01:41 PM IST

सार

दोनों जगहों पर हृदय विभाग की ओपीडी खुलने के बाद लिया गया फैसला, अभी मरीजों को देने पड़ते हैं 12 से 15 हजार रुपये, एम्स में एंजियोग्राफी के लिए बनाई जाएगी कैथ लैब।
AIIMS Gorakhpur
AIIMS Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

गोरखपुर में दिल के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जल्द ही एंजियोग्राफी जांच की सुविधा शुरू हो जाएगी। दोनों ही जगहों पर हृदय विभाग की ओपीडी खुलने के बाद यह फैसला लिया गया है।
विज्ञापन


एंजियोग्राफी के लिए एम्स में कैथ लैब का निर्माण किया जाएगा। इस सुविधा के शुरू होने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को जांच के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। मौजूदा समय में निजी अस्पतालों में एंजियोग्राफी के लिए 12 से 15 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। सरकारी अस्पतालों में फिलहाल इसकी सुविधा उपलब्ध नहीं है।  


बता दें कि एम्स को हाल ही में 27 नए डॉक्टर मिले हैं। इनमें ह्दय रोग विशेषज्ञ भी हैं। इधर, बीआरडी में सुपर स्पेशियलिटी सेवा शुरू की गई है। इनमें कार्डियोलॉजी से लेकर कैंसर सर्जन, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी के डॉक्टर शामिल हैं। इन डॉक्टरों के पास इलाज के लिए मरीज पहुंच रहे हैं।

इनमें गंभीर रूप से हृदय के मरीजों को डॉक्टर एंजियोग्राफी जांच की सलाह भी दे रहे हैं, लेकिन बीआरडी में यह सुविधा नहीं होने की वजह से मरीजों को निजी अस्पतालों और निजी पैथालॉजी में जांच के लिए रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ने एंजियोग्राफी जांच की सुविधा जल्द शुरू करने का फैसला लिया है।

कॉलेज के पास लैब पहले से मौजूद है। केवल कुछ जरूरी उपकरण ही मंगाने हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि हृदय रोग की ओपीडी शुरू हो गई है। ईसीजी की सुविधा है। जल्द ही एंजियोग्राफी जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

 

एम्स में बनेगा कैथ लैब

एम्स में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो चुकी है। डॉ अनिमेष मिश्रा का इस पद पर चयन हुआ है। इसके बाद से कार्डियोलॉजी यूनिट के संचालन की तैयारियां तेज हो गई हैं। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले यूनिट शुरू हो जाएगी। इसके बाद एम्स में एंजियोग्राफी सहित अन्य जांच के लिए कैथ लैब बनाई जाएगी।

क्या है एंजियोग्राफी
लोकल एनेस्थीसिया देकर रोगी की बांह या जांघ के पास से कैथेटर और तार डालकर उसकी धमनियों में आए अवरोधों की एंजियोग्राफी की जाती है। इससे पता चल जाता है कि हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज कहां है और कितना बड़ा है।  

एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने कहा कि एम्स में हृदय रोग विभाग की ओपीडी जल्द शुरू हो जाएगी। डॉक्टर का चयन हो चुका है। एंजियोग्राफी सहित अन्य जांच के लिए जल्द ही कैथ लैब का निर्माण कराया जाएगा।

 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00