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अस्पताल कर्मचारी मौत मामला: आर्थिक तंगी नहीं है शहाना की मौत की वजह, इन सुबूतों से सामने आया चौंकाने वाला सच

महिला के साथ एक दरोगा लिव इन में रह रहा हो उसे आर्थिक तंगी होगी, यह बात शायद ही किसी के गले उतरे। फिर, शहाना ने आर्थिक तंगी की वजह से आत्महत्या की, यह कहानी भी शायद ही किसी के गले से उतरे। अमर उजाला की पड़ताल में ऐसे कई कारण मिले हैं, जो यह साबित करने के लिए पर्याप्त हैं कि शहाना को पैसे की वैसी दिक्कत तो नहीं ही थी, जिसके चलते उसे जान देनी पड़े।

महिला अस्पताल में कार्यरत होने के बावजूद शहाना ने प्रसव एक निजी अस्पताल में कराया था। एकदम ताजा बात करें तो शहाना ने ही मां, बहन व भाई को मुंबई भेजने का इंतजाम किया था। तीनों के लिए ट्रेन का टिकट करवाया था। शहाना की मौत नहीं हुई होती तो पूरा परिवार इस वक्त मुंबई में होता। शहाना का गोरखपुर से अक्सर बेलीपार के भीटी गांव जाना होता था। रहन-सहन भी अच्छा था। उसके कपड़े व श्रृंगार कहीं से भी आर्थिक तंगी की गवाही नहीं देते थे। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए पूरी कहानी...
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शहाना मौत मामला: दरोगा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने केस दर्ज, गिरफ्तार

गोरखपुर महिला अस्पताल की संविदाकर्मी शहाना निशा उर्फ सुहानी की मौत के मामले में पुलिस की आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल उठने पर रविवार को आरोपी दरोगा राजेंद्र सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (306 आईपीसी) का केस दर्ज कर लिया गया। एलआईयू में तैनात आरोपी दरोगा को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के इस कदम से शहाना और उसके साल भर के बेटे के लिए न्याय की उम्मीद जग गई है। शनिवार को कोतवाली पुलिस ने इस मामले को दफन करने के साथ ही आरोपी के राहत का पूरा इंतजाम कर दिया था।

शहाना की मौत 15 अक्तूबर को हुई थी। उसकी लाश घर में दुपट्टे से लटकी मिली। उसको सात माह से मानदेय नहीं मिला था, लिहाजा कोतवाली पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, और आर्थिक तंगी के हवाले से इसे सीधे आत्महत्या का मामला बता दिया। वैसे पुलिस ने घटना के तत्काल बाद घटनास्थल की अन्य परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया और शहाना की मौत का प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कारण बने दरोगा राजेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया। यहां तक सब ठीक चला, मगर शनिवार को कोतवाली पुलिस ने ट्रैक बदल दिया। उनकी आंखों पर आत्महत्या का ऐसा चश्मा चढ़ा कि और कुछ दिखाई देना बंद हो गया।

परिजन लगातार हत्या का आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि शहाना की हत्या करके खुदकुशी का रूप दिया गया है। वे हत्या के लिए गोरखपुर एलआईयू में तैनात बलिया जिले के रहने वाले दरोगा राजेन्द्र सिंह पर आरोप लगा रहे थे। परिजनों के हत्या के आरोप कोतवाली पुलिस के कानों से टकराकर इधर-उधर जाने लगे।

केस दर्ज करने के लिए कोतवाली पुलिस और अफसरों के बीच 60 घंटे तक माथापच्ची होती रही। दो दिन तक तो तहरीर न मिलने का कोतवाली पुलिस ने हवाला दिया। रविवार सुबह मीडिया ने कोतवाली पुलिस को वह चश्मा उतारने के लिए मजबूर कर दिया। नतीजा, रविवार को पूरे दिन शहाना की मां-बहन और भाई तथा रिश्तेदारों को कोतवाली थाने में पुलिस अफसरों के साथ ही एलआईयू के अफसर समझाते रहे। तहरीर लिखी जाती रही और फाड़ी जाती रही। रविवार देर शाम कोतवाली इंस्पेक्टर कल्याण सिंह सागर ने बताया कि शहाना की मां की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है।
 
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज करके आरोपित दरोगा को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे अनुसंधान में जैसे साक्ष्य मिलेंगे, वैसा किया जाएगा। मामले की जांच जारी है। बच्चा किसका है, यह भी जांच के दायरे में है। बच्चे का वाजिब हक उसे मिलेगा। इसके लिए वैज्ञानिक जांच की जरूरत पड़ी तो वह करवाई जाएगी।
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संतकबीरनगर: पति ने रचाई दूसरी शादी, नाराज पहली पत्नी ने कर लिया घातक कदम

उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पति के जरिए दूसरी शादी कर लेने और ससुरालियों की प्रताड़ना से परेशान होकर विवाहिता ने अपने मायके में ही शनिवार को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पीड़िता की मां ने ऐसा आरोप मढ़ते हुए पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पति ,सास और सौतन के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का केस दर्ज किया।  

महुली क्षेत्र के खिरिया गांव निवासी परमेश्वर पाठक की 26 वर्षीय बेटी प्रियंका  की शादी 28 नवंबर 2019 को क्षेत्र के अतरौलिया उर्फ मठिया गांव निवासी सुधीर त्रिपाठी पुत्र रामानंद के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही प्रियंका मायके आकर रहने लगी थी। शनिवार को मायके में कमरे में फंदे से लटकता प्रियंका का शव मिला।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में ले लिया। पीड़ित मां उर्मिला का आरोप है कि शादी के बाद ससुराली बेटी प्रियंका को प्रताड़ित करते थे। बाद में बेटी प्रियंका अपने पति के सात मुंबई चली गई। उसी दौरान उसके पति सुधीर का मुंबई में पायल नाम की युवती से संबंध हो गया।
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गोरखपुर: विवाहिता की मौत, दहेज हत्या का केस दर्ज

गोरखपुर में झंगहा इलाके के भैसही गांव में बृहस्पतिवार की रात विवाहिता नीलम (27) की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। आनन-फानन ससुराल वालों ने शुक्रवार की तड़के सुबह नीलम का दाह संस्कार कर दिया था। मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।

पुलिस ने पिता सत्यवान सिंह की तहरीर पर पति सत्येंद्र सिंह, देवर रवि प्रताप उर्फ टिंकू सिंह, सास सरोज देवी व देवरानी गोल्डी देवी के खिलाफ दहेज हत्या और साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस पति को हिरासत में लेकर मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर के देवरिया देहात गांव निवासी सत्यवान सिंह की बेटी नीलम की शादी 2019 में सत्येंद्र सिंह के साथ हुई थी। पिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया जाता था। बृहस्पतिवार को आधी रात में बताया गया कि नीलम ने खुदकुशी कर ली है। जब हम लोग नीलम के ससुराल पहुंचे तो वहां पर बिस्तर पर उसका शव पड़ा था और बगल में एक रस्सी थी।

बताया गया कि इसी से उसने खुदकुशी कर ली है। अभी अन्य लोग आते इसके पहले ही शव के दाह संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई। पिता ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस आई मगर सुबह मामले को देखने की बात कहकर लौट आई। मौका पाकर तड़के सुबह ही शव का दाह संस्कार किया गया। शुक्रवार को पुलिस ने पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

गोरखपुर: पुलिस पर पशु तस्करों ने पिकअप चढ़ाने की कोशिश की, आठ गोवंश बरामद

गोरखपुर जिले के चौरीचौरा इलाके के सोनबरसा बाजार में पशु तस्करों ने शुक्रवार की सुबह पुलिस वालों पर पिकअप चढ़ाने की कोशिश की। खुद को बचाते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो तस्कर पिकअप छोड़कर फरार हो गए। पिकअप गाड़ी से आठ पशु बरामद हुए। अज्ञात पशु तस्करों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।

 जानकारी के मुताबिक, सोनबरसा चौकी प्रभारी मदनमोहन मिश्र, सिपाही प्रदीप कुमार और निलेश कुमार शुक्रवार की सुबह क्षेत्र में गश्त कर रहे थे कि इस बीच मुखबिर से सूचना मिली कि पिकअप पर गोवंश लेकर पशु तस्कर कसया की तरफ जा रहे हैं।

पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर एक पिकअप को रोकने का प्रयास किया तो पिकअप चालक ने पुलिसवालों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। हालांकि खुद को बचाते हुए पुलिसवालों ने पीछा किया पिकअप चालक ने गाड़ी सोनबरसा हाइवे क्रासिंग से मोड़कर सरदारनगर की तरफ जाने के लिए सर्विस लेन में छोड़ दी और फरार हो गया।

मौके पर पहुंची पुलिस ने पिकअप पर से 8 राशि गोवंश बरामद किया। जिसमे 4 गाय और 4 बछड़े हैं। पुलिस ने पिकअप को अपने कब्जे में लेकर अज्ञात के खिलाफ हत्या की कोशिश, गोवध अधिनिवारण अधिनियम व 11पशु क्रुरता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर तस्करों की तलाश शुरू कर दी है।
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बस्ती: लापता युवती का तालाब में मिला शव, सहेली के घर जाने की बात कहकर निकली थी लड़की

बस्ती जिले में 24 घंटे पहले घर से लापता युवती का थाना क्षेत्र के पुरसिया गांव के पश्चिम तरफ तालाब में शव मिला। जिसे देख ग्रामीणों में सनसनी फैल गई। कुछ देर में ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गयी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दिया। सूचना पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर नमूने एकत्र किए।

शव की पहचान पुरसिया निवासिनी 18 वर्षीय सोनाली सिंह पुत्री अवधेश सिंह के रूप में हुई। पुलिस की पूछताछ में परिजनों ने बताया कि वह बृहस्पतिवार को सहेली के घर जाने की बात कहकर दोपहर बाद घर से निकली थी। लेकिन वह कब और कैसे तालाब में पहुंच गई, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।

मौत की खबर से घर में कोहराम मच गया। मृतका की मां उषा देवी बहन चांदनी, भाई आलोक, मनोज, सहित परिवार के सभी लोगों का रो रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष दुर्विजय ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। युवती की मौत कैसे हुई यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट किया जा सकता है।
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गोरखपुर: गोला के व्यापारी का था गगहा में मिला शव लावारिस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

गोरखपुर जिले के गगहा इलाके के गांगूपार के पास बुधवार को मिले शव की शिनाख्त गोला के व्यापारी सुरेश गौड़ (45) के रूप में हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल फोटो के आधार पर भाई गणेश गौड़ ने थाने पहुंचकर सुरेश की शिनाख्त की। शरीर पर चोट के निशान होने की जानकारी होने पर भाई ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, बुधवार की दोपहर में लावारिस हाल में शव बरामद किया गया था। गगहा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही सोशल मीडिया पर फोटो वायरल किया था। इसकी मदद से गुरुवार को गोला के मटियरिया निवासी गणेश पहुंचे और शव की शिनाख्त अपने भाई सुरेश के रूप में की।

उन्होंने बताया कि भाई सुरेश गौड़ को मंगलवार को ग्राम पकड़ी में अपने तीन-चार साथियों के साथ देखा था। जब उन्होंने सुरेश को घर चलने के लिए कहा तो सुरेश ने कहा कि तुम जाओ मैं थोड़ी देर में घर आऊंगा, जिसके बाद गणेश घर चले गये। दूसरे दिन बुधवार को सुरेश का शव गांगूपार के पास लावारिस हाल में पाया गया था। मृतक के शरीर पर चोट के निशान थे। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।

थानाध्यक्ष गगहा अमित कुमार दुबे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के कारण का पता चल पाएगा। जांच पड़ताल की जा रही है।


 
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गोरखपुर: दहेज हत्या के आरोप में पति समेत तीन गिरफ्तार, ननिहाल पक्ष ने बच्चे को पालने से किया इनकार

प्रतीकात्मक तस्वीर
गोरखपुर जिले के सहजनवां इलाके के भीटी रावत के टोला चकिया गांव में 17 अक्तूबर को मधु (26) की मौत मामले में हत्या के आरोपी पति राहुल तिवारी, सास छोटी और ससुर रामसुंदर को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को जेल तो भेज दिया लेकिन इसके साथ ही मधु और राहुल का नौ महीने का बच्चा अनाथ हो गया।

मां की मौत के बाद उसे पिता और दादी-दादा संभाल रहे थे। लेकिन अब तीनों के जेल जाने के बाद ननिहाल पक्ष के लोगों ने बच्चों को लेने से इंकार कर दिया। ऐसे में पुलिस ने एक पट्टीदार को बच्चा सुपुर्द कर दिया है। रो-रोकर बच्चे का बुरा हाल है।

जानकारी के मुताबिक, 17 अक्तूबर को गंभीर रूप से घायल मधु को लेकर ससुराल वाले अस्पताल पहुंचे थे, जहां उसकी मौत हो गई थी। मधु के ससुराल वालों का कहना था कि सीढ़ी से गिरने से उसकी मौत हो गई। जबकि मधु के भाई अंकुश का कहना है कि दहेज के खातिर उसकी हत्या कर दी गई थी।
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गोरखपुर: मां ने प्रेमी संग मिलकर अपने ही बेटे का कर लिया था अपहरण, ऐसे खुल गई पोल

गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां ने अपने प्रेमी संग मिलकर अपने ही बेटे का अपहरण कर लिया। सूचना मिलते ही  पुलिस ने आरोपी प्रेमी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। खबर है कि बच्चे को उसके ननिहाल में रखा गया है। पुलिस को पुख्ता जानकारी मिलने के बाद टीम को रवाना कर दिया गया है। वहीं आरोपित की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

मामला चौरीचौरा के विश्वंभरपुर गांव का है। यहां बुधवार की सुबह धीरेंद्र गौड़ का बेटा अंशु घर के बाहर से लापता हो गया था। कुछ देर पहले उसे घरवालों ने खेलते हुए देखा था। घरवालों ने उसकी काफी तलाश की लेकिन उसकी जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पाते ही एसपी नार्थ मनोज अवस्थी खुद पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए थे। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिल गए थे।

पुलिस को पता चला था कि धीरेंद्र का उसकी पत्नी से मनमुटाव है और वह साथ नहीं रहती है। पुलिस की टीमें जांच करना शुरू की तो पता चला कि चार वर्षीय बच्चे को उसकी मां ने अपने मायके भिजवा दिया है। उसका ही प्रेमी रामू कन्नौजिया उसे लेकर फरार हुआ था।

उधर, पुलिस ने तहरीर के आधार पर अपहरण का केस भी दर्ज कर लिया था। पुलिस ने ननिहाल के पास के थाने की मदद से बच्चे के होने की सूचना को पुख्ता कर लिया जिसके बाद टीमें रवाना कर दी गई है। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। बच्चे के बारे में कुछ जानकारियां मिली है, जल्द ही उसे बरामद कर लिया जाएगा।

 
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गोरखपुर: किशोरी पर चाकू से हमला, हत्या के प्रयास का केस दर्ज

गोरखपुर में खोराबार कॉलोनी में सोमवार की देर शाम चौका बर्तन का काम कर बहन के साथ घर लौट रही लवली (16) के गले पर चाकू से वारकर घायल करने के आरोपी विकास राजभर (25) के खिलाफ पुलिस ने हत्या की कोशिश में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी के परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी फरार है। मंगलवार को पीड़िता के पिता संतोष गुप्ता ने खोराबार थाने में जाकर तहरीर दी थी।

जानकारी के मुताबिक जंगल सिकरी निवासी संतोष गुप्ता सेंट जोसेफ स्कूल के पीछे किराए का कमरा लेकर परिवार सहित रहते हैं और सूबा बाजार कस्बे में एक मिठाई की दुकान पर काम करते हैं। सोमवार की शाम उनकी बेटी लवली बड़ी बहन रोशनी के साथ खोराबार कालोनी से चौका-बर्तन करके घर लौट रही थी।

रास्ते में पहले से दोस्त के साथ खड़े विकास राजभर ने लवली के गले पर चाकू से वार कर दिया। घायल लवली को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया। अब उसकी हालत बेहतर है। लवली की बहन रोशनी का कहना है कि कुछ महीने से आरोपी लवली का पीछा करता था।

लवली के पिता संतोष गुप्ता की तहरीर पर मंगलवार को खोराबार पुलिस ने मरदहवा टोला निवासी विकास राजभर के खिलाफ हत्या की कोशिश में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
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गोरखपुर: गला कसे जाने से हुई थी विवाहिता की मौत, पति समेत चार पर केस

सहजनवां थाना क्षेत्र के भीटी रावत के टोला चकिया गांव में 17 अक्तूबर को विवाहिता मधु की मौत गला कसे जाने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विवाहिता के भाई अंकुश शुक्ला की तहरीर पर पुलिस ने मधु के पति राहुल तिवारी, देवर रोहित तिवारी, सास छोटी, ससुर रामसुंदर तिवारी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक चकिया निवासी राम सुंदर के बेटे राहुल त्रिपाठी का विवाह वर्ष 2019 में जौनपुर निवासी मधु के साथ हुआ था। दोनों का नौ माह का बेटा है। 17 अक्तूबर को मधु की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पति राहुल ने पुलिस को बताया था कि मधु सुबह छत पर कपड़ा सुखाने के लिए गई थीं। अचानक सीढ़ी पर पैर फिसल गया और गिर गईं। जिससे सिर में गंभीर चोट लग गई। जिसके बाद तत्काल सहजनवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

चिकित्सकों ने बताया कि मधु की मौत केंद्र पर पहुंचने से पहले हो गई थी। मंगलवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मधु की गला कसने से मौत की पुष्टि हुई है। मधु के भाई कुशमौल, जौनुपर निवासी अंकुश शुक्ला ने तहरीर देकर ससुराल वालों पर आरोप लगाया है कि दहेज में तीन लाख रुपये मांगे जा रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर बहन को उसके ससुराल वाले लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।

प्रभारी निरीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि मृतका के भाई अंकुर शुक्ल की तहरीर पर पति राहुल तिवारी, देवर रोहित तिवारी, सास छोटी, ससुर रामसुंदर तिवारी के खिलाफ दहेज हत्या के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों की तलाश की जा रही है। सूत्रों के अनुसार मंगलवार की देर शाम पुलिस ने आरोपित पति, सास व ससुर को हिरासत में ले लिया है। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
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Shahana Mystery: रहस्यों से भरी है शहाना की कहानी, अब बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र बना पुलिस के लिए सिरदर्द

आखिर बबलू सिंह कौन है? जिसे शहाना ने अपने बेटे के पिता का नाम दिया। जिस निजी अस्पताल में प्रसव हुआ, उसके रिकॉर्ड में शहाना के पति का नाम बबलू सिंह दर्ज है। क्या यह मामले में आरोपी दरोगा राजेंद्र सिंह का कोई नाम है? यह जांच से साफ हो सकेगा। हां, अमर उजाला की पड़ताल में इतना तो साफ हुआ है कि शहाना की जिंदगी रहस्यों से भरी थी। जितना उसके बारे में जानने की कोशिश की गई, रहस्य और गहराते गए। ऐसा लग रहा, जैसे कोई खेल रहा था, वह खिलौना बन गई थी। उसके पीछे कुछ गलत चल रहा था, जिसे वह देख नहीं पाई और उसकी कीमत उसे जान देकर चुकानी पड़ी।

जानकारी के मुताबिक शहाना को प्रसव के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराने के दो अलग-अलग पर्चे मिले हैं। पहले पर्चे पर राहुल यादव नामक व्यक्ति के भर्ती कराने का जिक्र है। रिकॉर्ड के मुताबिक राहुल ने तीन हजार रुपये जमा कराए थे। इसी बीच अस्पताल में भर्ती कराने का एक और पर्चा सामने आ गया। इसके मुताबिक शहाना के बच्चे की तबीयत खराब हुई थी। तब तिवारीपुर के ही राम अभिलाष साहनी ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। इसमें चार हजार रुपये जमा कराने का जिक्र किया गया है। शहाना को अस्पताल में भर्ती कराने के किसी पर्चे पर पति का नाम नहीं है। अब राहुल यादव व राम अभिलाष साहनी कौन हैं? यह सच भी पुलिस को सामने लाना होगा। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी कहानी...
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गोरखपुर: मनबढ़ों ने रेस्टोरेंट में की तोड़फोड़, तीन नामजद सहित नौ पर केस

गोरखपुर जिले में कैंपियरगंज इलाके के एक रेस्टोरेंट में रविवार की रात खाने के बिल के भुगतान को लेकर मनबढ़ों ने जमकर उत्पात मचाया। रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ करने के बाद कर्मचारियों के साथ मारपीट की। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।

रेस्टोरेंट संचालक की तहरीर पर तीन नामजद सहित कुल नौ के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। रात में दबिश देकर दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, लेकिन सपा नेताओं के दबाव में हलफनामा लेकर एक आरोपित को छोड़ दिया गया।

स्थानीय नगर पंचायत निवासी अमरनाथ जायसवाल का पेट्रोल पंप के पास रेस्टोरेंट है। आरोप है कि रविवार की रात करीब साढ़े दस बजे पांच-छह लोग खाना खाने के बाद बिल के भुगतान को लेकर विवाद करने लगे। बात बढ़ने पर उन्होंने बिल जमा कर दिया, लेकिन बाद में हॉकी-डंडे से लैस होकर आए और मारपीट करने लगे।

रेस्टोरेंट संचालक के मुताबिक मनबढ़ों ने उनकी मां, साले और कर्मचारी पर हमला बोल दिया। उन्होंने रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ भी की। जान से मारने की धमकी देते हुए लौट गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने तहरीर के आधार पर हरनाथपुर निवासी अजय यादव, राजपुर निवासी संजय पासवान, बादशाहपुर निवासी विक्रम यादव एवं छह अज्ञात के खिलाफ मारपीट, जानमाल की धमकी आदि धाराओं में केस दर्ज किया है।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मनबढ़ों की पहचान कर ली है। रात में ही दो आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी विक्रम यादव को लेकर सपा नेताओं ने घेरेबंदी शुरू कर दी। बाद में वादी अमरनाथ जायसवाल द्वारा हलफनामा देने पर विक्रम यादव को छोड़ दिया गया। अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
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