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समस्या: गोरखपुर में लगातार बढ़ रहे हैं डेंगू के मरीज, रैपिड जांच की सूचना नहीं दे रहे निजी पैथोलॉजी

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 29 Oct 2021 11:23 AM IST
सार

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में 25 डेंगू के केस हैं जबकि 200 से अधिक मरीजों के रिपोर्ट का इंतजार भी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

गोरखपुर में निजी पैथोलॉजी डेंगू की रैपिड जांच की सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दे रहे हैं। जिले में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उस पर निजी पैथालॉजी लापरवाही बरत रहे हैं। निजी पैथालॉजी में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीजों की रैपिड किट से जांच की जा रही है। इनमें 30 प्रतिशत मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। लेकिन इसकी जानकारी निजी पैथालॉजी विभाग को नहीं दे रहे हैं। इसकी वजह से इन मरीजों की एलाइजा जांच भी नहीं हो पा रही है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में 25 डेंगू के केस हैं जबकि 200 से अधिक मरीजों के रिपोर्ट का इंतजार भी है।


जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल और रेलवे अस्पताल मिलाकर कुल डेंगू के 11 मरीज इलाज के लिए भर्ती हैं। इन मरीजों के प्लेटलेट्स बड़ी तेजी से घट रहे थे। ऐसे में डॉक्टरों ने इन्हें भर्ती करने की सलाह दी है। सभी मरीज जिले के ही निवासी हैं। विभाग के मुताबिक प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज निजी पैथालॉजी में रैपिड जांच करा रहे हैं। इनमें 30 प्रतिशत मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव भी आ रही है लेकिन इनकी रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। ऐसे में इन मरीजों की एलाइजा जांच नहीं हो की जा सकी है। बगैर एलाइजा जांच के विभाग डेंगू की पुष्टि नहीं कर रहा है। इस लापरवाही की वजह से डेंगू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

 
लगातार बढ़ रहे हैं मरीज  
मलेरिया विभाग की ओर से डेंगू की रोकथाम के लिए सात सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। लेकिन यह टीम डेंगू का सोर्स ऑफ रिडक्शन की तलाश नहीं कर पा रही है। इसकी वजह से लगातार डेंगू के मरीज बढ़ते जा रहे हैं।
 
रेलवे कर्मी सबसे ज्यादा डेंगू पीड़ित
मलेरिया विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक शहर के रेलवे कॉलोनी में सबसे ज्यादा डेंगू का खतरा है। मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि रेलवे प्रशासन को दो बार पत्र लिखकर एंटी लार्वा के छिड़काव की मांग की जा चुकी है। लेकिन अब तक छिड़काव नहीं हो सका है। बताया कि रेलवे के कालोनियों में 70 प्रतिशत मामले डेंगू के मिले हैं। सबसे ज्यादा मरीज यांत्रिक कारखाना में काम करने वाले कर्मचारी हैं।
 
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार के साथ सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते और थकान होना।  
 
एक नजर में आंकड़े  
सन     केस   मौत
2017   11     02
2018   25     00
2019   114   01
2020   09    00
2021   25    00
 
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा कि निजी पैथालॉजी रैपिड किट से जांच तो कर रहे हैं लेकिन इसकी सूचना नहीं दे रहे हैं। ऐसे पैथालॉजी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब तक जिले में डेंगू के 25 केस मिल चुके हैं। इनमें 11 मरीजों का इलाज जिला और रेलवे अस्पताल में चल रहा है।

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