सिद्धार्थनगर: नदी में कूदे पिता और तीन बच्चे तीसरे दिन भी नहीं मिले, 48 घंटे बाद भी हाथ खाली

संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 22 Oct 2021 07:28 PM IST

सार

युवक और उसके तीनों बच्चों को ढूंढ रही पीएसी की टीम, ढेबरुआ थाना क्षेत्र के गांव के युवक ने चार बच्चों के साथ ही लगाई थी नदी में छलांग।
पिता और तीनों बच्चों को स्टीमर से खोजा जा रहा है।
पिता और तीनों बच्चों को स्टीमर से खोजा जा रहा है। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

सिद्धार्थनगर में ढेबरुआ थाना क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद गांव के रहने वाले राजन राजभर (35) व उनके तीनों पुत्रों का 48 घंटे बाद भी नदी में पता नहीं चला। पीएसी की बाढ़ बचाव दल के जवानों ने शुक्रवार को भी स्टीमर की सहायता से बूढ़ी राप्ती नदी में चारों की तलाश की। उधर राजन की 65 वर्षीय मां अनारा का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बुधवार को पुलिस ने बताया था कि गांव के किसी भी व्यक्ति ने उनके नदी में कूदने का ठोस सबूत नहीं दिया था। पुलिस की बात पर विश्वास का एक कारण और भी है। ग्रामीणों के मुताबिक, जब राजन ने अपने तीनों पुत्रों के साथ नदी में छलांग लगाई तो उस समय गांव के ही एक युवक का अंतिम संस्कार घटना स्थल से मात्र 100 मीटर की दूरी पर हो रहा था।


कुछ ग्रामीणों ने स्वयं को प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए कहा था कि पहले राजन ने अपने बड़े पुत्र सात वर्षीय पतलू का पीछे हाथ बांध कर उसे नदी में ढकेल दिया। लोगों ने उसे अपने पुत्र को ढकेलते हुए देखा भी। उसके बाद वह अपने अन्य दो पुत्रों के साथ नदी में कूद गया। सवाल यह उठता है कि जब वह यह सब कर रहा था तो कुछ ही दूरी पर खड़े लोग क्या कर रहे थे। जबकि नदी के किनारे बसे गांवों के अधिकतर लोग अच्छे तैराक भी होते हैं।

 

ससुराल गया था युवक

इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। वहीं पुलिस के मुताबिक विश्वास के साथ कोई भी उनके नदी में कूदने की बात नहीं कर रहा है। हालांकि इस सूचना के 48 घंटे बीत गए हैं। पीएससी की बाढ़ बचाव दल के जवानों ने नदी को स्टीमर और जाल व कांटे की सहायता से काफी दूर तक तलाश की। वहीं लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि अगर वे चारों नदी में कूदे नहीं हैं और घर पर भी नहीं हैं तो कहां गए।

राजन की बुजुर्ग मां अनारा ने बताया कि चारों बुधवार की सायं छह बजे तक घर पर ही थे। क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि राजन अपने पुत्रों के साथ तीन महीने पहले ससुराल गया था। फिर बुधवार को ऐसा क्या हुआ कि उसने अपने तीन पुत्रों सहित खुद नदी में कूदने का कदम उठाया।

इस संबंध में एसएचओ ढ़ेबरुआ ब्रह्मा गौड़ ने कहा कि बृहस्पतिवार को भी पीएससी की टीम ने बूढ़ी राप्ती नदी में चारों की तलाश की। चारों में से किसी का कुछ पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि कोई भी ग्रामीण ठोस तरीके से उनके नदी में कूदने की बात नहीं कह रहा है। फिर भी आगामी एक-दो दिन में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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