देवरिया जिले के महुआडीह थानाक्षेत्र के बसंतपुर चौराहा पर शनिवार को ट्रक की चपेट में आने से एक मासूम की मौत हो गई। लोगों ने शोर मचाकर ट्रक को रोक लिया। मगर, चालक ट्रक खड़ी कर मौके से भाग निकला। मौत की जानकारी होते ही घर में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार, थानाक्षेत्र के हरैया बसंतपुर गांव के जशवंत कुमार सिंह की पत्नी शैल कुमारी शनिवार को स्थानीय चौराहा पर कोटेदार की दुकान पर राशन लेने पहुंची थी। उसके साथ चार वर्षीय एकलौता बेटा यश कुमार सिंह भी था। वह राशन लेने के लिए अपने नंबर की प्रतीक्षा में खड़ी थी। इसी बीच उसका बेटा उसकी उंगली छोड़कर वहीं खेलने लगा।
शैल कुमारी की नजर हट गई और मासूम बालक खेलते हुए सड़क पर चला गया। इसी बीच हाटा की तरफ से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आ गया। स्थानीय लोगों ने शोर मचाकर ट्रक को रोक लिया। मगर, चालक मौके से भाग निकला। गंभीर रूप से घायल यश को स्थानीय लोगों के सहयोग से इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एकलौते बेटे की मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। जसवंत कुमार इस समय मुंबई में है। बेटे की मौत से मां शैल कुमारी और सात वर्षीय बहन ओमी का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया।
इस संबंध में एसओ कवींद्र नाथ सिंह ने बताया कि ट्रक की चपेट में आने से मासूम यश कुमार सिंह की मौत हो गई है। ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है। चालक फरार हो गया है।
साथ न ले जाती तो नहीं बुझता घर का चिराग
एकलौते बेटे यश कुमार (04) को खोकर बदहवाश शैल कुमारी बार- बार अचेत हो जा रही है। उसके मुंह से निकले उस शब्द को 'राशन लेने बच्चे की जिद पर उसे काश साथ नहीं ले गई होती तो घर का एकलौता चिराग नहीं बुझता।' को सुनकर गांव के लोगों की आंखें भी नम हो गई। वह भी अपने आंसुओं को नहीं रोक पा रहे। पूरा गांव इस घटना से मर्माहत है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक चालक गाड़ी तेज नहीं चला रहा होता तो यश हादसे का शिकार नहीं हुआ होता।
विस्तार
देवरिया जिले के महुआडीह थानाक्षेत्र के बसंतपुर चौराहा पर शनिवार को ट्रक की चपेट में आने से एक मासूम की मौत हो गई। लोगों ने शोर मचाकर ट्रक को रोक लिया। मगर, चालक ट्रक खड़ी कर मौके से भाग निकला। मौत की जानकारी होते ही घर में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार, थानाक्षेत्र के हरैया बसंतपुर गांव के जशवंत कुमार सिंह की पत्नी शैल कुमारी शनिवार को स्थानीय चौराहा पर कोटेदार की दुकान पर राशन लेने पहुंची थी। उसके साथ चार वर्षीय एकलौता बेटा यश कुमार सिंह भी था। वह राशन लेने के लिए अपने नंबर की प्रतीक्षा में खड़ी थी। इसी बीच उसका बेटा उसकी उंगली छोड़कर वहीं खेलने लगा।
शैल कुमारी की नजर हट गई और मासूम बालक खेलते हुए सड़क पर चला गया। इसी बीच हाटा की तरफ से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आ गया। स्थानीय लोगों ने शोर मचाकर ट्रक को रोक लिया। मगर, चालक मौके से भाग निकला। गंभीर रूप से घायल यश को स्थानीय लोगों के सहयोग से इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एकलौते बेटे की मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। जसवंत कुमार इस समय मुंबई में है। बेटे की मौत से मां शैल कुमारी और सात वर्षीय बहन ओमी का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया।
इस संबंध में एसओ कवींद्र नाथ सिंह ने बताया कि ट्रक की चपेट में आने से मासूम यश कुमार सिंह की मौत हो गई है। ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है। चालक फरार हो गया है।
साथ न ले जाती तो नहीं बुझता घर का चिराग
एकलौते बेटे यश कुमार (04) को खोकर बदहवाश शैल कुमारी बार- बार अचेत हो जा रही है। उसके मुंह से निकले उस शब्द को 'राशन लेने बच्चे की जिद पर उसे काश साथ नहीं ले गई होती तो घर का एकलौता चिराग नहीं बुझता।' को सुनकर गांव के लोगों की आंखें भी नम हो गई। वह भी अपने आंसुओं को नहीं रोक पा रहे। पूरा गांव इस घटना से मर्माहत है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक चालक गाड़ी तेज नहीं चला रहा होता तो यश हादसे का शिकार नहीं हुआ होता।