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गोरखपुर रजिस्ट्री दफ्तर में बना रिकार्ड, एक डीड से हुई 53.19 करोड़ की आय

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 11 Jan 2021 05:52 PM IST
गोरखपुर रजिस्ट्री ऑफिस में अब तक की सबसे बड़ी रजिस्ट्री कराते रजिस्टार योगेंद्र प्रताप सिंह और एचयूआरएल के एमडी सुबोध दीक्षित एसबीआई के मनन ओबरॉय।
गोरखपुर रजिस्ट्री ऑफिस में अब तक की सबसे बड़ी रजिस्ट्री कराते रजिस्टार योगेंद्र प्रताप सिंह और एचयूआरएल के एमडी सुबोध दीक्षित एसबीआई के मनन ओबरॉय। - फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर सदर तहसील क्षेत्र स्थित उप निबंधक प्रथम कार्यालय को सोमवार को एक ही डीड (निबंधन अभिलेख) से रिकार्ड 53 करोड़ 19 लाख 33 हजार रुपये की आय हुई। विभाग के अफसरों के मुताबिक गोरखपुर के रजिस्ट्री विभाग में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ जब एक ही डीड से इतनी भारी-भरकम आय हुई हो।



दरअसल गोरखपुर में खाद कारखाने का निर्माण करा रही कंपनी हिंदुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) ने सोमवार को कारखाने की जमीन बंधक रख 53 अरब 14 करोड़ 53 लाख रुपये का लोन लिया। कंपनी ने यह लोन दिल्ली के सात बैंकों से लिया जिनका प्रतिनिधित्व एसबीआई कैप ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड कर रही है।


इसी लोन के पंजीकरण में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क के तौर पर रजिस्ट्री विभाग को 53.19 करोड़ रुपये की यह रकम मिली। इस दौरान एचयूआरएल के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित और एसबीआई कैप ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड के मनन ओबेराय और उप निबंधक प्रथम योगेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

 

दो महीने से चल रही थी प्रक्रिया

उप निबंधक प्रथम योगेंद्र सिंह ने बताया कि लोन के पंजीकरण की प्रक्रिया करीब दो महीने पहले से चल रही थी। विभिन्न बैंकों की दिल्ली स्थित सात शाखाओं ने एचयूआरएल को यह लोन दिया है। इन सभी सात बैंकों का प्रतिनिधित्व एसबीआई कैप ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड कर रही है। ऐसे में बहुत से दस्तावेज यहां से दिल्ली भेजे गए। जब तैयारियां पूरी हो गईं तो पंजीकरण कराया गया।

स्टांप ड्यूटी से ज्यादा रजिस्ट्रेशन शुल्क से हुई आय
उप निबंधक प्रथम योगेंद्र सिंह के मुताबिक बंधक रख लोन लेने के मामले में ग्रामीण क्षेत्रों पर 0.5 और शहर में 2.5 फीसदी स्टांप ड्यूटी लगती है लेकिन यह रकम पांच लाख रुपये से अधिक नहीं हो सकती। ऐसे में इस मामले में स्टांप ड्यूटी से तो बहुत ज्यादा आय नहीं हुई लेकिन रजिस्ट्रेशन शुल्क से 53 करोड़ 14 लाख के करीब आय हुई। रजिस्ट्रेशन शुल्क, लोन की कुल रकम का एक फीसदी लगता है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर रजिस्ट्री दफ्तर के इतिहास में यह पहला मौका है जब विभाग को एक ही डीड से इतनी बड़ी आय हुई है।

गोरखपुर एचयूआरएल के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित ने कहा कि कारखाना की जमीन बंधक रखकर 53 अरब 14 करोड़ 33 लाख रुपये का बैंक से कर्ज लिया गया है। इससे कारखाने के संचालन में मदद मिलेगी। इसके पंजीकरण में गोरखपुर रजिस्ट्री विभाग को रिकार्ड 53.19 करोड़ रुपये की आय हुई है। कारखाने का निर्माण कार्य तकरीबन पूरा हो गया है। जल्द ही इसका संचालन शुरू हो जाएगा।

 
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