हरियाणा: आईएएस अशोक खेमका का 54वां तबादला, सरकार ने नहीं दिए महत्वपूर्ण विभाग, अब विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग में भेजा

अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: प्रमोद कुमार Updated Sat, 23 Oct 2021 12:49 PM IST

सार

हरियाणा सरकार ने आईएएस अशोक खेमका का फिर ट्रांसफर कर दिया है। अब तक इस अधिकारी का 54 बार तबादला हो चुका है। खास बात यह है कि सरकार ने इस बार भी उन्हें महत्वपूर्ण विभाग देने के बजाय विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग में प्रधान सचिव की जिम्मेदारी दी है।
अशोक खेमका
अशोक खेमका - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

हरियाणा सरकार ने एक बार फिर आईएएस अशोक खेमका का तबादला किया है। 1981 बैच के आईएएस का यह 54वां तबादला है। उन्हें पुरातत्व, अभिलेखागार व संग्रहालय विभाग से हटा मत्स्य और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का प्रधान सचिव लगाया गया है। शुक्रवार देर शाम सरकार ने दो आईएएस का तबादला एवं नियुक्ति आदेश जारी किया। आईएएस अरुण गुप्ता को पुरातत्व, अभिलेखागार व संग्रहालय विभाग के प्रधान सचिव का अतिरिक्त कार्यभार मिला है। 30 साल के कार्यकाल में खेमका एक पद पर अधिक समय तक नहीं टिके, वह जिस भी विभाग में गए, उन्होंने कुछ न कुछ गड़बड़ी पकड़ ही डाली।
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हर बार तबादले को लेकर छलकता रहा दर्द
22 अक्तूबर 2021 को उनका एक और तबादला तो हुआ, पर इस बार भी खुड्डेलाइन नियुक्ति ही मिली। उन्होंने कोई ज्यादा महत्व वाले विभाग नहीं दिए गए हैं। खेमका को 2019 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव पद से हटाकर ही अभिलेखगार, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया था। मार्च 2019 में वह खेल एवं युवा मामले विभाग के प्रधान सचिव थे, सरकार ने उन्हें इस पद से हटाकर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव का जिम्मा सौंपा था। नवंबर 2018 में ही उन्होंने खेल एवं युवा मामले विभाग में कार्यभार संभाला था। तबादलों पर खेमका का दर्द समय-समय पर छलकता रहा है। इस तबादले के बाद उनके पहले ट्वीट पर सबकी नजरें टिक गई हैं।

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हुड्डा सरकार में झेले 22 तबादले
खेमका जिस भी विभाग में जाते हैं, वहां पर घोटाले पकड़ ही लेते हैं। पूर्व हुड्डा सरकार में उन्हें बीज विकास निगम में घोटाला पकड़ा, 2012 में अरावली क्षेत्र में फरीदाबाद के कोट गांव में 3100 एकड़ जमीन की चकबंदी रोकी व रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी कंपनी की डीएलएफ के साथ डील को रद्द कर दिया। इससे बवाल मच गया और खेमका खुड्डेलाइन कर दिए गए। हुड्डा सरकार के 10 साल में खेमका को 22 तबादलों का सामना करना पड़ा। भाजपा सरकार में खेमका ने समाज कल्याण विभाग में गड़बड़ी पाए जाने पर तीन लाख पेंशनर्स की पेंशन रोकी। खेल विभाग में अनेक अनियमितताएं उजागर कीं। इससे वह भाजपा सरकार के निशाने पर आ गए। अपनी एसीआर के नंबर को लेकर वह सीधा सरकार तक से टकरा चुके हैं।

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