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Ambala News: मृतक संदीप की पत्नी बोलीं- पति को पाई-पाई के लिए कर दिया था मोहताज
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बिचपड़ी का तिहरा हत्याकांड-
- कहा- ससुराल में जान का खतरा था, इसलिए परिजनों ने बुला लिया था मायके
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। शहजादपुर के बिचपड़ी गांव में तिहरे हत्याकांड की परतें अब भी पूरी तरह नहीं खुली हैं। इसी बीच आरोपी अभिषेक के बड़े भाई मृतक संदीप की पत्नी नेहा देवी वारदात के दिन ही ससुराल छोड़कर मायके ठसका चली गईं थीं। उन्होंने ससुर सतबीर, सास व देवर अभिषेक के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मंगलवार को अमर उजाला से बातचीत में नेहा देवी ने बताया कि फरवरी में उनकी शादी को दो साल पूरे हुए थे। पति स्वभाव से सीधे थे। गृहस्थी शुरू हुई तो खर्चे भी बढ़े। खर्चे के लिए वह ससुर सतबीर पर निर्भर थे। पति को पाई-पाई का मोहताज बना दिया था, इसी कारण झगड़े बढ़ने लगे।बार-बार रुपयाें के लिए उन्हें पिता से बोलना अच्छा नहीं लगता था। दूसरी तरफ ससुर देवर पर जमकर खर्च कर रहे थे। देवर कभी चंडीगढ़ तो कभी कसौली में घूमता रहता था। इसी बात पर कई बार कलह हुई। मुझे क्या पता था कि यह सभी मिलकर उनकी हत्या करा देंगे।
कर्ज लेकर खरीदी थी भैंसें
नेहा ने बताया कि घर के खर्चे, बच्चों की दवाई के खर्च बढ़ रहे थे, घरवालों ने खर्चा देना काफी कम कर दिया था। ऐसे में पति ने चाचा महेंद्र से बात की। इसके बाद चाचा ने किसी से एक लाख रुपये तो अन्य धनराशि कहीं और से प्रबंध कर चार भैंसें खरीदी थीं। इन भैंसों का दूध सुबह पंचकूला तो शाम को शहजादपुर में बेचने जाते थे। काम अच्छा चलने लगा, उधारी भी चुकता होने लगी थी।
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मिट्टी के 50 लाख रुपये भी हड़प लिए
नेहा देवी ने बताया कि पिछले साल पहले खेत से मिट्टी उठी थी। तब करीब 50-52 लाख रुपये आए थे। इनमें से कुछ रुपये देवर पर ससुर खर्च कर रहे थे तो पति संदीप ने कहा था कि इतने रुपये से अभिषेक का घर बनवा दो या उनके लिए कुछ कर दो ताकि उनकी गृहस्थी चल सके। घरवालों ने बात नहीं सुनी तो यहीं से तकरार बढ़ती गई। चाचा महेंद्र की देखरेख भी संदीप ही करते थे, ऐसे में उनका लगाव भी उनके साथ था। कुछ दिन पहले पता चला कि चाचा के हिस्से की जमीन की भी मिट्टी बेचने की किसी से 50 हजार रुपये साई ले ली है। इस पर चाचा ने भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा भी था कि जब वह उनके खेत की मिट्टी बेच देंगे तो वह खेत में खेती कैसे करेंगे। इसी बात पर संदीप की ससुर से काफी बहस हुई। पहले भी रिटायरमेंट में मिले रुपयों को अभिषेक ने खर्च कर दिए थे।
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- कहा- ससुराल में जान का खतरा था, इसलिए परिजनों ने बुला लिया था मायके
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। शहजादपुर के बिचपड़ी गांव में तिहरे हत्याकांड की परतें अब भी पूरी तरह नहीं खुली हैं। इसी बीच आरोपी अभिषेक के बड़े भाई मृतक संदीप की पत्नी नेहा देवी वारदात के दिन ही ससुराल छोड़कर मायके ठसका चली गईं थीं। उन्होंने ससुर सतबीर, सास व देवर अभिषेक के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मंगलवार को अमर उजाला से बातचीत में नेहा देवी ने बताया कि फरवरी में उनकी शादी को दो साल पूरे हुए थे। पति स्वभाव से सीधे थे। गृहस्थी शुरू हुई तो खर्चे भी बढ़े। खर्चे के लिए वह ससुर सतबीर पर निर्भर थे। पति को पाई-पाई का मोहताज बना दिया था, इसी कारण झगड़े बढ़ने लगे।बार-बार रुपयाें के लिए उन्हें पिता से बोलना अच्छा नहीं लगता था। दूसरी तरफ ससुर देवर पर जमकर खर्च कर रहे थे। देवर कभी चंडीगढ़ तो कभी कसौली में घूमता रहता था। इसी बात पर कई बार कलह हुई। मुझे क्या पता था कि यह सभी मिलकर उनकी हत्या करा देंगे।
कर्ज लेकर खरीदी थी भैंसें
नेहा ने बताया कि घर के खर्चे, बच्चों की दवाई के खर्च बढ़ रहे थे, घरवालों ने खर्चा देना काफी कम कर दिया था। ऐसे में पति ने चाचा महेंद्र से बात की। इसके बाद चाचा ने किसी से एक लाख रुपये तो अन्य धनराशि कहीं और से प्रबंध कर चार भैंसें खरीदी थीं। इन भैंसों का दूध सुबह पंचकूला तो शाम को शहजादपुर में बेचने जाते थे। काम अच्छा चलने लगा, उधारी भी चुकता होने लगी थी।
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मिट्टी के 50 लाख रुपये भी हड़प लिए
नेहा देवी ने बताया कि पिछले साल पहले खेत से मिट्टी उठी थी। तब करीब 50-52 लाख रुपये आए थे। इनमें से कुछ रुपये देवर पर ससुर खर्च कर रहे थे तो पति संदीप ने कहा था कि इतने रुपये से अभिषेक का घर बनवा दो या उनके लिए कुछ कर दो ताकि उनकी गृहस्थी चल सके। घरवालों ने बात नहीं सुनी तो यहीं से तकरार बढ़ती गई। चाचा महेंद्र की देखरेख भी संदीप ही करते थे, ऐसे में उनका लगाव भी उनके साथ था। कुछ दिन पहले पता चला कि चाचा के हिस्से की जमीन की भी मिट्टी बेचने की किसी से 50 हजार रुपये साई ले ली है। इस पर चाचा ने भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा भी था कि जब वह उनके खेत की मिट्टी बेच देंगे तो वह खेत में खेती कैसे करेंगे। इसी बात पर संदीप की ससुर से काफी बहस हुई। पहले भी रिटायरमेंट में मिले रुपयों को अभिषेक ने खर्च कर दिए थे।