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Bhiwani News: मशीन से धान की सीधी बिजाई पर मिलेंगे 4500 रुपये प्रति एकड़
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भिवानी। धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) तकनीक अपनाने वाले किसानों को खरीफ सीजन-2026 में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से 4500 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही डीएसआर मशीन खरीदने पर 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 40 हजार रुपये तक का अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा। इच्छुक किसान 15 जून तक पंजीकरण कर सकते हैं।
सहायक कृषि अभियंता नसीब धनखड़ ने बताया कि धान की सीधी बिजाई प्रदर्शन योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर 15 जून तक पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। योजना के तहत प्रति किसान क्षेत्रफल की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है तथा लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि डीएसआर तकनीक पारंपरिक धान रोपाई की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक पानी की बचत करती है, जिससे भूजल संरक्षण में मदद मिलती है। विभाग के अनुसार हरियाणा सरकार खरीफ-2026 में राज्यभर में 600 डीएसआर मशीनें अनुदान पर उपलब्ध करवाएगी। इसके अलावा मक्का बिजाई मशीन पर भी 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। किसान विभाग की वेबसाइट एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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उप कृषि निदेशक डॉ. विनोद फोगाट ने बताया कि डीएसआर तकनीक में प्रति एकड़ लगभग आठ किलोग्राम बीज पर्याप्त रहता है। उन्होंने बताया कि कम पानी वाली फसलें जैसे मक्का, कपास, अरहर, मूंग, मोठ, उड़द, सोयाबीन, तिल तथा सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को आठ हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। वहीं दलहन, तिलहन और कपास की खेती करने वाले किसानों को दो हजार रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 20 मई से शुरू हो चुकी है और ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले किसान ही इस योजना के पात्र होंगे।
सहायक कृषि अभियंता नसीब धनखड़ ने बताया कि धान की सीधी बिजाई प्रदर्शन योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर 15 जून तक पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। योजना के तहत प्रति किसान क्षेत्रफल की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है तथा लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि डीएसआर तकनीक पारंपरिक धान रोपाई की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक पानी की बचत करती है, जिससे भूजल संरक्षण में मदद मिलती है। विभाग के अनुसार हरियाणा सरकार खरीफ-2026 में राज्यभर में 600 डीएसआर मशीनें अनुदान पर उपलब्ध करवाएगी। इसके अलावा मक्का बिजाई मशीन पर भी 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। किसान विभाग की वेबसाइट एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 20 मई से शुरू हो चुकी है और ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले किसान ही इस योजना के पात्र होंगे।