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Bhiwani News: लाडो को लक्ष्मी का इंतजार
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भिवानी में महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय।
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भिवानी। हरियाणा सरकार की आपकी बेटी हमारी बेटी (पूर्व में लाडली योजना ) योजना में पंजीकृत 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी बेटियों को डेढ़ साल से परिपक्वता राशि का इंतजार है। जिले के 9 खंडों में 650 से अधिक बेटियों के आवेदन लंबित हैं। राशि नहीं मिलने से किसी लाडली का उच्च शिक्षा का सपना धूमिल हो रहा है तो कई परिजन बेटी के हाथ पीले करने के लिए आर्थिक मदद की बाट जोह रहे हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से अनुसूचित जाति/बहुल वर्ग के परिवारों की पहली बेटी और किसी भी जाति के परिवार की दूसरी बेटी के जन्म पर उसके नाम जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में बॉन्ड के रूप में 21 हजार रुपये की राशि जमा की जाती है। बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर यह राशि ब्याज सहित उसके खाते में दी जाती है। बेटियों के जन्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना भुगतान में देरी के कारण सवालों के घेरे में है। अकेले भिवानी खंड में ही 300 से अधिक बेटियों के आवेदन डेढ़ साल से लंबित हैं। (संवाद )
250 बेटियों के खातों में ही पहुंची राशि
सूत्रों के अनुसार साल भर में जिले की करीब 250 बेटियों के खातों में ही योजना की परिपक्वता राशि पहुंची है। बेटियों के अभिभावक भी यह उम्मीद लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग के खंड कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं कि शायद राशि आ गई हो। स्थानीय अधिकारी भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं क्योंकि राशि कब जारी होगी इसकी जानकारी उनके पास भी नहीं है।
बेटी के हाथ पीले करने में मददगार है योजना
हरियाणा सरकार ने योजना को इसलिए शुरू किया था कि परिवार में दूसरी बेटी जन्म लेती है तो अभिभावकों को उसके हाथ पीले करने (शादी) की चिंता नहीं रहेगी। आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से बेटी का इस योजना में पंजीकरण होने के बाद उसके नाम एलआईसी बॉन्ड के जरिए 21000 रुपये एकमुश्त जमा कराए जाते हैं। वर्ष 2015 से पहले लाडली योजना में यह राशि पांच साल तक सालाना 5000 रुपये यानी कुल 25000 रुपये थी। 24 अगस्त 2015 के बाद से किसी भी जाति के परिवारों में जन्मी तीसरी बेटी को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
योजना का उद्देश्य
- कन्या भ्रूण हत्या रोकना
- बेटियों के जन्म को बढ़ावा देना
- परिवारों को आर्थिक सहायता देना
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भिवानी शहरी खंड में योजना से जुड़ी बेटियों की आयु 18 साल पूरी होने के बाद राशि का क्लेम किया गया है। अब तक 300 से अधिक बेटियों की राशि पिछले छह माह से लेकर डेढ़ साल से लंबित हैं। मुख्यालय को राशि क्लेम के आवेदन भेजे जा चुके हैं जिन पर कोई आपत्ति भी नहीं आई है। - किरण, सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) भिवानी शहरी।
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मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। ऐसा है तो भुगतान में क्यों देरी हुई है इसका पता लगाकर जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी बेटी को योजना का लाभ लेने के लिए दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। -श्रुति चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री हरियाणा सरकार।
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250 बेटियों के खातों में ही पहुंची राशि
सूत्रों के अनुसार साल भर में जिले की करीब 250 बेटियों के खातों में ही योजना की परिपक्वता राशि पहुंची है। बेटियों के अभिभावक भी यह उम्मीद लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग के खंड कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं कि शायद राशि आ गई हो। स्थानीय अधिकारी भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं क्योंकि राशि कब जारी होगी इसकी जानकारी उनके पास भी नहीं है।
बेटी के हाथ पीले करने में मददगार है योजना
हरियाणा सरकार ने योजना को इसलिए शुरू किया था कि परिवार में दूसरी बेटी जन्म लेती है तो अभिभावकों को उसके हाथ पीले करने (शादी) की चिंता नहीं रहेगी। आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से बेटी का इस योजना में पंजीकरण होने के बाद उसके नाम एलआईसी बॉन्ड के जरिए 21000 रुपये एकमुश्त जमा कराए जाते हैं। वर्ष 2015 से पहले लाडली योजना में यह राशि पांच साल तक सालाना 5000 रुपये यानी कुल 25000 रुपये थी। 24 अगस्त 2015 के बाद से किसी भी जाति के परिवारों में जन्मी तीसरी बेटी को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
योजना का उद्देश्य
- कन्या भ्रूण हत्या रोकना
- बेटियों के जन्म को बढ़ावा देना
- परिवारों को आर्थिक सहायता देना
भिवानी शहरी खंड में योजना से जुड़ी बेटियों की आयु 18 साल पूरी होने के बाद राशि का क्लेम किया गया है। अब तक 300 से अधिक बेटियों की राशि पिछले छह माह से लेकर डेढ़ साल से लंबित हैं। मुख्यालय को राशि क्लेम के आवेदन भेजे जा चुके हैं जिन पर कोई आपत्ति भी नहीं आई है। - किरण, सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) भिवानी शहरी।
मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। ऐसा है तो भुगतान में क्यों देरी हुई है इसका पता लगाकर जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी बेटी को योजना का लाभ लेने के लिए दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। -श्रुति चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री हरियाणा सरकार।