हरियाणा: खराब फसलों की शिकायतें 60 हजार तक पहुंचीं, जाता मानसून कर गया नुकसान

अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: प्रमोद कुमार Updated Fri, 22 Oct 2021 08:30 AM IST

सार

हरियाणा में जाता मानसून किसानों को तबाह कर गया है। अधिकतर फसलें खराब हो गई हैं। किसान लगातार विभाग के पास शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं। खराब फसलों की शिकायतें 60 हजार तक पहुंच गई हैं। पहले मानसून ने सितंबर और फिर अक्तूबर में किसानों को खूब नुकसान पहुंचाया। मंडियों में आई फसल भी भीग गई है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

हरियाणा में इस बार मानसून जाते-जाते भी किसानों का नुकसान कर गया। सितंबर माह में आई बारिश के चलते जहां कृषि विभाग के पास नुकसान की 55 हजार शिकायतें आई थीं, अब इनकी संख्या बढ़कर 60 हजार पहुंच गई है। 17 से 19 अक्तूबर तक प्रदेश के कई इलाकों में हुई बारिश से जहां धान और कपास की फसल को नुकसान हुआ। वहीं, इससे सरसों और गेहूं की बिजाई भी प्रभावित होनी तय है। फसलों में हुए नुकसान को लेकर अब प्रदेश सरकार ने गिरदावरी का फैसला लिया है। गिरदावरी के बाद ही असल नुकसान के आंकड़े सामने आ पाएंगे।
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मंडियों में पड़ा धान भी भीगा
इससे पहले सितंबर माह में भी कई दिन तक चली बारिश के कारण फसलों को नुकसान हुआ था। अक्तूबर माह में वापस जाते मानसून के चलते प्रदेश के अधिकतर जिलों में बारिश हुई। इससे न केवल मंडियों में पड़ा धान भीग गया, बल्कि खेतों में खड़ी धान और कपास की फसल पर भी इसका खराब असर पड़ा है। बारिश से धान की फसल जमीन पर बिछ गई, साथ ही कपास के टिंडे खराब हो गए। फतेहाबाद, सिरसा, रेवाड़ी, हिसार, नारनौल, सोनीपत, जींद, रोहतक, झज्जर और भिवानी जिले में नरमा कपास, बाजरा और मूंग की फसल में नुकसान हुआ है।

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लगातार शिकायत कर रहे किसान
इसके अलावा, कैथल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल और अंबाला में धान की फसल में पानी जमा हो गया। किसानों का कहना है कि अधिक बारिश के कारण इस बार फसलों में नुकसान काफी हुआ है। नुकसान की भरपाई को लेकर किसान लगातार कृषि विभाग के पास शिकायत दर्ज करा रहे हैं। कृषि विभाग भी नुकसान का आकलन कर रहा है, लेकिन अब यह कार्य राजस्व विभाग को सौंपा गया है।

कितनी फसल की है बिजाई
  • फसल हेक्टेयर
  • धान  13.64
  • मक्का  0.10
  • ज्वार  0.18
  • बाजरा 3.95
  • गन्ना 1.12
  • कपास 6.95
  • गुआर  1.07
  • दाल  1.01
(नोट : लाख हेक्टेयर में)

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बारिश हुए नुकसान को लेकर पहले कृषि विभाग सर्वे कर रहा था, लेकिन अब सरकार ने गिरदावरी के आदेश दिए हैं। इसलिए राजस्व विभाग इसका आकलन कर रहा है। पिछले दिनों आई बारिश से यकीनन धान, कपास समेत अन्य फसलों पर असर पड़ा है।
-डॉ. जगराज ढांडी, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग

इस बार बारिश से फसलों में नुकसान अधिक हुआ है। कई जिलों में तो 50 प्रतिशत तक फसलें खराब हुई हैं। तुरंत प्रभाव से प्रभावित किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। गिरदावरी में भी तेजी लाई जाए।
-रतन मान, प्रदेशाध्यक्ष, भाकियू

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