धान खरीद: केंद्र को मनाकर मनोहर ने विरोधियों से छीना मुद्दा, विपक्ष ने शुरू कर दी थी सियासत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Trainee Trainee Updated Sat, 02 Oct 2021 09:59 PM IST

सार

खरीद 11 अक्तूबर से शुरू होने के पक्ष में मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित पूरी सरकार नहीं थी। जैसे ही केंद्र की तरफ से पत्र जारी हुआ, वैसे ही प्रदेश सरकार ने केंद्रीय कृषि एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री से तुरंत संपर्क साधा। मुख्यमंत्री ने खरीद जल्द शुरू कराने के लिए खुद कमान संभाली और उपमुख्यमंत्री के साथ ही कृषि मंत्री को लेकर शनिवार को दिल्ली पहुंच गए।
 
सीएम मनोहर लाल।
सीएम मनोहर लाल। - फोटो : एएनआई
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विस्तार

हरियाणा में कांग्रेस, इनेलो और किसान संगठन अब धान खरीद में देरी को मुद्दा नहीं बना सकेंगे। मनोहर लाल सरकार ने धान खरीद तत्काल शुरू करने के लिए केंद्र सरकार को मनाकर विरोधियों से मुद्दा ही छीन लिया है। विरोधी दलों और किसानों ने धान खरीद स्थगित होने पर सियासत शुरू कर दी थी, जिसे मुख्यमंत्री ने आरंभ के साथ ही खत्म कर दिया।
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खरीद 11 अक्तूबर से शुरू होने के पक्ष में मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित पूरी सरकार नहीं थी। जैसे ही केंद्र की तरफ से पत्र जारी हुआ, वैसे ही प्रदेश सरकार ने केंद्रीय कृषि एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री से तुरंत संपर्क साधा। मुख्यमंत्री ने खरीद जल्द शुरू कराने के लिए खुद कमान संभाली और उपमुख्यमंत्री के साथ ही कृषि मंत्री को लेकर शनिवार को दिल्ली पहुंच गए।


यह भी पढ़ें - किसानों की मांग पूरी: सरकार का यू-टर्न, हरियाणा और पंजाब में कल से ही शुरू होगी धान की खरीद

केंद्रीय खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने मुख्यमंत्री के तर्कों को सही माना और खरीद रविवार से ही शुरू करने की अनुमति दे दी। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की तरफ से खरीद के आदेश भी हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव को जारी कर दिए गए हैं।


तीन अक्तूबर से मंडियों में धान खरीद शुरू कराने के लिए भाकियू प्रदेश महासचिव भूपेंद्र सिंह लाडी और मान ग्रुप के संगठन के प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद किया है। मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार विनोद मेहता ने दोनों नेताओं के आभार जताते हुए वीडियो भी ट्वीट किए हैं। लाडी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों की धान की फसल बर्बाद होने से बचा ली। अगर वह प्रमुखता से दिल्ली में मुद्दे को नहीं उठाते तो खरीद में देरी तय थी।


गुणी प्रकाश का कहना है कि मुख्यमंत्री ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत केंद्र सकरार से संपर्क स्थापित किया जो काम आया। वह आंदोलन कर रहे किसान भाईयों से कहना चाहते हैं कि संवाद के जरिये भी समस्याओं का समाधान निकल सकता है। मुख्यमंत्री ने यह साबित कर दिया कि वह किसान हितैषी हैं। किसानों की पीड़ा को वह अपनी पीड़ा मानते हैं।

48 घंटे से केंद्र सरकार के साथ चल रही थी चर्चा : मनोहर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि धान खरीद अविलंब शुरू कराने के लिए केंद्र सरकार के साथ 48 घंटों से बातचीत चल रही थी। किसानों की समस्याओं और फसल बर्बादी को देखते हुए हम आंखें मूंदकर नहीं बैठे। किसान हमारे भाई हैं, उनका दुख दर्द सरकार बखूबी समझती है।


पहली-दो की शेड्यूलिंग वाले आज मंडी में लाएं धान
खाद्य एवं आपूर्ति उपभोक्ता मामले विभाग ने सूचित किया है कि पहली-दो अक्तूबर की शेड्यूलिंग वाले किसान तीन अक्तूबर को अपना धान संबंधित मंडियों में बेचने के लिए ला सकते हैं। चार अक्तूबर से निर्धारित शेड्यूलिंग अनुसार ही किसानों का धान मंडियों में खरीदा जाएगा।
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