हरियाणा में बड़ा हादसा: यूपी की दो महिलाएं डूबीं, बड़ा सवाल- जब तैरना नहीं आता था फिर क्यों उतरीं माइनर में?
कपड़े धोने के बाद दोनों जब नहाने के लिए एनसीआर माइनर में उतरीं तो उनका गहरे पानी में पैर फिसल गया। दोनों को तैरना नहीं आता था और जोर-जोर से चिल्लाते हुए बचाने की गुहार लगाई। मौके पर मौजूद अन्य महिला श्रमिकों ने शोर मचाया और बचाने का प्रयास किया लेकिन देखते ही देखते दोनों गहरे पानी में डूब गईं।
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हरियाणा के बादली क्षेत्र से गुजरने वाली एनसीआर माइनर में डूबने से एक नाबालिग लड़की और एक महिला की मौत हो गई। मरने वाली दोनों उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं और बादली के ईंट भट्टे पर काम करती थीं जो कि नहाने और कपड़े धोने के लिए मंगलवार की सुबह एनसीआर माइनर पहुंची। जहां गहरे पानी में पैर फिसलने से डूब गईं।
घटना मंगलवार करीब 11 बजे हुई। गांव बहरद, जिला अलीगढ़ (यूपी) निवासी कमलेश पत्नी सुभाष और व खेड़िया जिला कासगंज (यूपी) निवासी शालू पुत्री कालीचरण कुछ अन्य महिला श्रमिकों के साथ एनसीआर माइनर पर कपड़े धोने और नहाने के लिए आई थीं।
बताया गया है कि 30 वर्षीय कमलेश और 17 साल की शालू कपड़े धोने के बाद जब नहाने के लिए एनसीआर माइनर में उतरीं तो उनका गहरे पानी में पैर फिसल गया। दोनों को तैरना नहीं आता था और जोर-जोर से चिल्लाते हुए बचाने की गुहार लगाई। मौके पर मौजूद अन्य महिला श्रमिकों ने शोर मचाया और बचाने का प्रयास किया लेकिन देखते ही देखते दोनों गहरे पानी में डूब गईं।
आसपास के किसान भी मौके पर एकत्रित हुए और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया गया। घटना के आधा घंटे बाद कमलेश का शव घटनास्थल से 20 मीटर की दूरी पर मिला जबकि शालू का शव करीब 50 मीटर की दूरी पर 2 घंटे बाद मिला।
दोनों के शव ग्रामीण और अन्य श्रमिकों की मदद से तलाश किए गए जबकि पुलिसकर्मियों ने भी पानी में छलांग लगाकर शव को बाहर निकलवाया। सब इंस्पेक्टर सोहेल खान ने बताया कि दोनों शवों को बहादुरगढ के राजकीय अस्पताल में भिजवाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए हैं।