एड्स एंप्लाइज एसोसिएशन ने काले दिवस के रूप में मनाया विश्व एड्स दिवस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Dec 2021 01:36 AM IST
AIDS Employees Association celebrates World AIDS Day as Black Day
AIDS Employees Association celebrates World AIDS Day as Black Day - फोटो : Kaithal
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कैथल। हरियाणा एड्स एंप्लाइज एसोसिएशन की ओर से विश्व एड्स दिवस को काले दिवस के रूप में मनाया गया। एसोसिएशन से जुड़े जिले के कर्मचारियों ने बुधवार को अपना काम छोड़कर नागरिक अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया और मांगों को लेकर नारेबाजी की। कर्मचारियों के कार्य पर नहीं होने के कारण बुधवार को करीब 300 लोगों की एचआईवी से संबंधित जांच नहीं हो पाई। इसके अलावा अस्पताल में बने एआरटी सेंटर में दवाई लेने के लिए आने वाले दर्जनों लोगों को दवाएं भी उपलब्ध नहीं हो पाई। प्रदर्शन के दौरान सभी कर्मचारी काले कपड़ों में दिखाई दिए।
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प्रदर्शन में शामिल कर्मचारी अनूप कौशिक, जिले सिंह, गुरमीत, सुनील लोकेश, राजीव शर्मा, सोनिया, गीता, कविता, विजेता व राजेश ने कहा कि नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन द्वारा पिछले 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे अनुबंधित कर्मचारियों का केवल शोषण किया जा रहा है। अनुबंधित कर्मचारी अब इतने मजबूर हो चुके हैं कि अपने इतने महत्वपूर्ण दिन को भी काले दिवस के रूप में मना रहे हैं। 25 नवंबर से कर्मचारी काला रिबन बांधकर अपना कार्य कर रहे हैं। विश्व एड्स दिवस एड्स कंट्रोल विभाग में सभी कर्मचारियों द्वारा हर साल 1 त्योहार की तरह ही मनाया जाता है, इस बार उन्होंने इसे काले दिवस के रूप में मनाया है।

कर्मचारियों ने बताया कि 2002 में अनुबंधित कर्मचारी को 6500 रुपये मानदेय मिलता था। पहले एचआईवी टेस्टिंग और काउंसलिंग 7000 के लगभग होती थी, जो अब 10 गुना बढ़कर लाखों में हो गई है। नैको ने सन 2022 में हरियाणा राज्य को 15 लाख तक टेस्टिंग का लक्ष्य दिया है। उन्हें लक्ष्य तो बड़ा दे दिया है, लेकिन कर्मचारियों का वेतनमान केवल 13 हजार रुपये तक है। जो डीसी रेट के कर्मचारी की तनख्वाह के बराबर भी नहीं है। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी की जाए। कर्मचारियों ने बताया कि कोरोना के समय में भी जब पूरा विश्व इस भयंकर महामारी से जूझ रहा था, तब उन्होंने पीड़ित मरीजों को काउंसलिंग देकर डर से उबारा था। सरकार ने केवल एनएचएम विभाग के कर्मचारियों को ही कोरोना योद्धा मानकर 5000 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी। उन्होंने सरकार से प्रोत्साहन राशि देने की भी मांग की।
जिले में नहीं किए गए कार्यक्रम
कर्मचारियों ने बताया कि विश्व एड्स दिवस पर हर बार जिले में कई स्थानों पर कार्यक्रम होते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया। न ही लोगों को जागरूक किया गया और न ही अन्य प्रकार के कार्य किए हैं। शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक स्थानों या फिर संस्थाओं के साथ मिलकर किए जाने वाले कार्यक्रमों से भी किनारा रखा।

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