लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra ›   21 contemporary sculptures not installed even after eight months, Kurukshetra

आठ माह बाद भी स्थापित नहीं हुई 21 समकालीन मूर्तियां

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Aug 2022 02:12 AM IST
मूर्ति पर कीड़े मकोड़ों की ओर से बनाए गए घर।  संवाद
मूर्ति पर कीड़े मकोड़ों की ओर से बनाए गए घर। संवाद - फोटो : Kurukshetra
विज्ञापन
ख़बर सुनें
संवाद न्यूज एजेंसी

कुरुक्षेत्र। विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध कलाकारों की ओर से तैयार की गई 21 समकालीन मूर्तियां कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने आठ माह बीत जाने पर अपनी-अपनी जगह स्थापित नहीं की हैं।दिसंबर 2021 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में इन मूर्तियों को तैयार करने के बाद करीब एक माह में ही एशिया के सबसे बड़े सरोवर ब्रह्मसरोवर की शान बढ़ाने के लिए गैलरी बनाकर स्थापित करने की योजना थी।
कई माह बीत गई, लेकिन केडीबी प्रशासन की यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। आलम यह है कि 21 में से दो मूर्तियां को नीचे गिरी पड़ी हैं और कुछ पर कीड़े मकोड़ों ने अपने घर बना लिए हैं। वहीं पर्यटक फोटो खिंचवाने के लिए इन मूर्तियों के ऊपर तक चढ़ने लगे हैं। ऐसे में पांच से 12 टन वजनी कोई मूर्ति गिर जाए तो बड़ा हादसा भी हो सकता है।

काले संगमरमर से बनी मूर्तियां हरियाणा, असम, तेलंगाना, राजस्थान, ओडिशा और चंडीगढ़ के कलाकारों ने तैयार की थीं। मूर्तियों को एकल चट्टान को तराश कर बनाया गया है। यह परियोजना राज्य सरकार ने ब्रह्मसरोवर के सुंदरीकरण करने और महत्व बढ़ाने के लिए शुरू की थी। यह आकर्षक मूर्तियां जहां तैयार की गई थी, वहीं पर खड़ी हैं।
इन मूर्तियों को निर्धारित स्थान पर स्थापित करने में अभी भी कई माह लगने वाले हैं। क्योंकि मूर्तियों के लिए आरसीसी के पेडस्टल तैयार किए जाएंगे। रोशनी व सुंदरीकरण का कार्य भी किया जाना है। वैसे तो परियोजना को तीन महीने में पूरा किया जाना चाहिए क्योंकि गीता महोत्सव इस साल 19 नवंबर को सारस मेले के साथ शुरू होगा।
बेशक अधिकारी प्रक्रिया जारी होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन सितंबर में कनाडा में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के चलते अधिकारी व्यस्त होंगे तो यह काम सिरे नहीं चढ़ पाएगा। विदेश में गीता महोत्सव के बाद दिसंबर में कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 की तैयारी शुरू हो जाएगी, ऐसे में अधिकारी यहां की तैयारियों में जुट जाएंगे ।
महाभारत और गीता पर आधारित
इस मूर्तियों का खर्च हरियाणा कला और सांस्कृतिक मामलों के विभाग ने वहन किया है। मूर्तियां महाभारत पर आधारित विषयों पर तैयार की गई हैं। वहीं इनमें आजादी का अमृत महोत्सव और गीता को भी दर्शाया गया है। 21 कलाकारों और उनके सहायकों सहित 42 व्यक्तियों की एक टीम ने मात्र 18 दिन में इन्हें तैयार किया था। यहां कलाकारों ने अपनी रचनाओं में चौपड़, शंख, शक्ति स्तंभ, कछुआ, अर्जुन का धनुष, टटीरी वाली घंटी, सुदर्शन चक्र, ज्ञान की पोटली, सैनिकों की राइफल सहित महाभारत के विभिन्न पात्रों का इस्तेमाल किया है।
इन कलाकारों ने तैयार की
असम के अरुणा धती चौधरी, उड़ीसा के राकेश पटनायक, राजस्थान के नेमा राम जांगीर, चंडीगढ़ के वीरेंद्र राणा, हरियाणा के हृदय कौशल, हरपाल सिरसा, दिनेश रोहतक, महिपाल सोनीपत, स्वीप राज सोनीपत, अनूप भिवानी, गोल्डी कुरुक्षेत्र, प्रिंस कुरुक्षेत्र, कुलदीप करनाल, अमित, नरेंद्र झज्जर, मदन, मीनाक्षी शर्मा, सुशांक, मोनू खंडेरवाल व राहुल ने इन मूर्तियों का निर्माण किया था।
समकालीन मूर्तियों के लिए टेंडर लगने की प्रक्रिया लगभग पूरा हो चुका है। मूर्तियों के पेडस्टल तैयार किए जाएंगे और लाइटें लगाई जाएंगी। यह मूर्तियां पुरुषोत्तमपुरा बाग वाली सड़क के दोनों और रखी जाएंगी। प्रयास है कि गीता महोत्सव से पहले यह काम हो जाए। - मदन मोहन छाबड़ा, मानद सचिव, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड।

ब्रह्मसरोवर परिसर में द्रोपदी कूप के पास रखी समकालीन मूर्तियां।  संवाद

ब्रह्मसरोवर परिसर में द्रोपदी कूप के पास रखी समकालीन मूर्तियां। संवाद- फोटो : Kurukshetra

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00