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विश्व का पहला पंजाबी धाम बनेगा पर्यटन नगरी कुरुक्षेत्र में

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Aug 2022 02:39 AM IST
World's first punjabi dham will be built in the tourism city of Kurukshetra
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धर्मनगरी की पावन धरा पर विश्व का पहला पंजाबी धाम बनेगा। इस पंजाबी धाम में भारत-पाक बंटवारे के दृश्य देखने को मिलेंगे। इसके अलावा कुरुक्षेत्र की जमीन पर हिंदुस्तान-पाकिस्तान विभाजन के समय करीब 10 लाख लोगों की शहादत की याद में बनने वाला स्मारक भी एक दर्शनीय स्थल बनेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली लाल किले से गत 14 अगस्त के दिन को विभाजन विभीषिका दिन के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस घोषणा के अनुसार ही 14 अगस्त को पंचनद स्मारक ट्रस्ट की तरफ से विभाजन विभीषिका दिवस पर कार्यक्रम का भव्य आयोजन थानेसर अनाज मंडी में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के मुख्यातिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल होंगे। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वयं अपनी पुश्तैनी जमीन बेचकर एक एकड़ जमीन कुरुक्षेत्र मसाना में पंचनद स्मारक ट्रस्ट को भेंट की है। 14 अगस्त के विभाजन विभीषिका दिवस का निमंत्रण देने के लिए पूरे हरियाणा, पंजाब और आस-पास के राज्यों में जाकर विधायक सुभाष सुधा निमंत्रण दिया गया है। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।

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प्रदर्शनी संग विभाजन पर डाक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई जाएगी
कुरुक्षेत्र। इस कार्यक्रम स्थल पर विभाजन को लेकर सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग, हरियाणा इतिहास एवं संस्कृति अकादमी द्वारा एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही विभाजन को लेकर बनाई गई डाक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएगी।
विधायक सुभाष सुधा वीरवार को थानेसर अनाज मंडी कार्यक्रम स्थल पर विभाजन विभीषिका दिवस की तैयारियों को लेकर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उक्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान के विभाजन के समय में अनुमानित पंजाबी समुदाय के साथ-साथ अन्य समाज के करीब 10 लाख लोग शहीद हुए थे। इन लोगों के बलिदान को पंजाबी समुदाय कभी भुला नहीं पाया है और न ही इनकी स्मृति में देश में कहीं भी स्मारक बनाया गया। इस स्मारक के निर्माण कार्य को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पंचनद स्मारक ट्रस्ट से स्वामी धर्मदेव महाराज के अगुवाई में रूपरेखा तैयार की गई और वर्ष 2015 में शहीदी स्मारक बनाने की योजना को अमलीजामा पहनाने का काम किया गया। गांव मसाना में शहीदी स्मारक बनाने के लिए करीब 25 एकड़ जमीन उपलब्ध है। यह सारी जमीन सरकार को दी गई हैै और सरकार की तरफ से इस प्रोजेक्ट पर करीब 200 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम थानेसर अनाज मंडी में सबसे लंबे शेड के नीचे किया जा रहा है। सारा पंडाल तिरंगे रंग में नजर आएगा। इतना ही नहीं अनाज मंडी में 10 हजार से ज्यादा झंडे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल जुड़ेंगे इस बार काफी समय से चर्चा चल रही थी। इस पर विधायक सुभाष सुधा का कहना है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रधानमंत्री से समय लेने का प्रयास कर रहे हैं।

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