धान, बाजरा, कपास व गन्ना की फसलों को नुकसान

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 18 Oct 2021 07:00 PM IST
Crop down to heavy rain and air
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पलवल। जिले में दो दिन से हो रही बारिश ने किसानों को बरबाद कर दिया है। राजस्व विभाग की माने तो पलवल जिले में दो दिन की बारिश से 90 प्रतिशत फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं। बारिश से जहां खेतों में खड़ी धान, बाजरा, गन्ना व कपास की फसल से बरबाद हो गई है। वहीं, खेतों से काटकर धान और बाजरा की फसल मंडी में बारिश से भीगकर पूरी तरह से खराब हो गई है।
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पिछले 15 साल बाद इतनी अधिक बारिश हुई है। इस बारिश से जिले के कृषि योग्य भूमि पूरी तरह से पानी से डूब गई है। किसानों ने बारिश से नष्ट हुई फसल की तुरंत गिरदावरी करा मुआवजा देने की मांग की है। उधर, जिला उपायुक्त कृष्ण कुमार के आदेश पर तहसीलदार रोहताश ने पटवारियों को जिले में बारिश से नष्ट फसलों की गिरदावरी करने के आदेश जारी कर दिए हैं। मौसम विभाग की माने तो पलवल जिले में इस बार पिछले 20 साल बाद इतनी बारिश हुई है। पलवल में 90 एमएम बारिश नोट की गई है। होडल में 34 एमएम, हथीन में 30 एमएम, हसनपुर में 40 एमएम बारिश नोट की गई है। जिले की अनाज मंडियों पलवल, होडल, हसनपुर, हथीन, बडौली तथा मंडकौला में बिकने के लिए पड़ा धान और बाजरा बारिश से पूरी तरह से भीग गया है। तहसीलदार रोहताश ने बताया कि रविवार से हो रही बारिश से करीब 90 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई है। किसानों के खेतों में नष्ट फसल की गिरदावरी सोमवार से ही शुरू करा दी गई है।

खेतों में जलभराव से नष्ट हुई फसल
होडल। मौसम भी किसानों के सब्र की रह-रहकर परीक्षा ले रहा है। पहले तो अत्यधिक बरसात के कारण बड़े रकबे में फसल खराब हो गई। रविवार की सुबह से ही तेज हवा के बीच रह-रहकर हल्की बारिश होती रही। सोमवार की सुबह आठ बजे तक कृषि विभाग की ओर से 34 एमएम बारिश दर्ज की गई। किसानों का कहना है कि जिस रकबे में धान की फसल जलभराव से बच गई, वहां पर अब बीमारी का प्रकोप भी है। इससे बचाव के लिए स्प्रे किया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारी कुलदीप तेवतिया ने बताया कि रविवार की देर रात बारिश के हुई है। मगर इसके साथ-साथ जो तेज हवा चल रही है, उससे फसल अधिक खराब हुई है।
बारिश से नष्ट फसल का जायजा लेने के लिए सोमवार को हरियाणा भंडारण निगम के चेयरमैन एवं विधायक नयनपाल रावत ने पृथला क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। उन्होंने किसानों से भी बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि विपदा के इस समय में सरकार पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि धान की करीब 80 प्रतिशत फसल अभी खेतों में खड़ी है, जबकि 20 प्रतिशत फसल ही कट पाई है और इस बरसात से खराब हो गई है इसलिए फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए खेतों की गिरदावरी करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी उन्होंने फोन पर बात की है और पलवल व फरीदाबाद दोनों जिलों के डीसी से भी बात हो गई है, डीआरओ को आदेश दे दिए गए है। इस मौके पर उनके साथ संदीप शर्मा पन्हेड़ा, ज्ञान कौशिक, गजेंद्र रावत, शोभा भाटी आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।
मंडी के मुख्य गेट पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित
हथीन। स्थानीय अनाज मंडी के गेट के सामने पानी भरने से मंडी में आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। मार्केट कमेटी ने पानी निकासी के कोई उपाय अभी तक नहीं किए हैं। इस कारण मंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मंगल सिंह राघव ने मांग की है कि अविलंब पानी निकासी की व्यवस्था की जाए जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। संवाद

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