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व्यावहारिक आजादी के साथ आध्यात्मिक आजादी भी जरूरी : आचार्य अतिवीर

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 14 Aug 2022 11:00 PM IST
Along with practical freedom, spiritual freedom is also necessary: Acharya Atvir
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रेवाड़ी। जैन आचार्य अतिवीर मुनिराज ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों में हमने नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्य खो दिए हैं। मनुष्य का चारित्रिक पतन हो रहा है। वे जैन पब्लिक स्कूल के सभागार में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व बेला में शिक्षकों एवं समाज के लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने व्यावहारिक आजादी तो पा ली है मगर आत्मा की मुक्ति के लिए आध्यात्मिक आजादी भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आजादी के दीवानों ने देश को तो आजादी दिला दी, किंतु आत्मा की आजादी के लिए आध्यात्मिक आजादी जरूरी है। इस आजादी की शुरूआत प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ ने की थी। उन्होंने कहा कि आजादी का बीज 1857 में मंगल पांडे ने बोया था, जिसका परिणाम 1947 में आया। आज नैतिकता समाप्त हो रही है, निष्ठा पलायन कर रही है और चारित्रिक पतन एवं स्वार्थ के कारण मनुष्य कर्मभूमि को भोगभूमि मान बैठा है। उन्होंने शिवाजी एवं उनके गुरु रामदास का उदाहरण देते हुए कहा कि संतों के आशीर्वाद एवं सद् साहित्य से ही नैतिक मूल्यों को बचाया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने ‘है प्रीत जहां की रीति सदा..., गीत गाकर शिक्षकों को प्रेरित किया कि वे बच्चों में देशभक्ति की भावना पैदा करें। ताकि वे अंकों की दौड़ में न खोकर नैतिकता को आचरण में ढालें।

विद्यालय प्रांगण में पहुंचने पर विद्यालय के बच्चों ने बैंड की धुन पर उनकी अगवानी की। उन्होंने ने विद्यालय की गतिविधियों का अवलोकन किया। ऑडिटोरियम में पहुंचने पर जैन समाज के प्रधान पद्म जैन, उपप्रधान सुरेंद्र जैन, सचिव राहुल जैन, सहसचिव सतीश जैन, मुनि संघ समिति एवं वर्षा योग समिति के पदाधिकारी सतीश जैन, हेमराज जैन सुरेंद्र जैन आदि ने मुनि श्री केचरणों में श्रीफल भेंट किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महावीर के चित्र अनावरण व दीपार्चान से हुआ। बच्चों ने मंगलाचरण पेश किया। समाज के प्रधान पदम कुमार जैन ने मुनिराज के व्यक्तित्व के साथ उनकी दिनचर्या पर प्रकाश डाला तो विद्यालय की प्रधानाचार्या सोनल छाबड़ा ने विद्यालय की प्रगति से अवगत कराया। बच्चों का जय भारती जय भारती नृत्य दिल को छू गया। कृष्ण भक्त कवि रसखान की कृष्ण भक्ति पर आधारित नृत्य नाटिका ने सभी को भाव विभोर कर दिया। नृत्य नाटिका से प्रभावित होकर मुनिराज ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आशीर्वाद दिया और समाज के निर्देश दिए की दीपावली के मौके पर इसी प्रकार का सांस्कृतिक कार्यक्रम तैयार किया जाए।
कार्यक्रम में डॉ. अजेश जैन शास्त्री व कार्यक्रम संचालन राजेश जैन शास्त्री को भी समाज ने सम्मानित किया। मुख्य अध्यापिका विजय गुप्ता ने सबका आभार जताया। इस मौके पर प्रबंधन समिति सदस्य सीमा जैन, सचिन जैन, रेणिका जैन दिल्ली व अन्य स्थानों से आए लोगों के साथ समाज के गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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