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Rewari News: अमेरिका-भारत ट्रेड डील के विरोध में भाकियू चढ़ूनी का प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:07 PM IST
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प्रदर्शन के दौरान पुतला फूंकते भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी। स्रोत : यूनियन
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रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील के विरोध में जिला उपायुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर पुतला जलाया।
संगठन के पदाधिकारियों ने भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील का विरोध करते हुए इसे किसानों, मजदूरों और डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोगों के हितों के खिलाफ बताया।
भाकियू चढ़ूनी के प्रधान समय सिंह ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच जिस व्यापारिक समझौते पर चर्चा चल रही है उससे देश के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनका आरोप है कि अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल सरकार पर इस समझौते को मंजूर कराने के लिए दबाव बना रहा है।
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उन्होंने कहा कि यदि यह समझौता लागू होता है तो भारतीय कृषि और डेयरी क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों को आशंका है कि विदेशी उत्पादों के आयात में बढ़ोतरी से घरेलू उत्पादकों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन ने राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाया है और देशभर के जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी कर ट्रेड डील को मंजूरी दी गई तो किसान और मजदूर संगठन संयुक्त रूप से बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे, जिसमें सड़क जाम जैसे कार्यक्रम भी शामिल हो सकते हैं।
प्रदर्शन के दौरान सुजाता काठूवास को यूनियन का ब्लॉक प्रधान नियुक्त किया गया। इस अवसर पर राजेंद्र कुमार गेरा, महिला जिला प्रधान मुन्नी बूढ़पुर, मनीषा यादव, ओपी लोहाणा, वेद सुल्तानिया, राजकुमार, कमल किशनगढ़, रोशन लाल दरोगा, नीलम मूंदड़ा, सुमन चौहान, ममता यादव मौजूद रहे।
नई खाद वितरण प्रणाली पर उठाए सवाल
किसान नेताओं ने जिले में शुरू की गई नई खाद वितरण प्रणाली पर नाराजगी जताई। कहा कि रेवाड़ी को बार-बार नई योजनाओं और प्रयोगों के लिए चुना जाता है, जिससे किसानों को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर न तो सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि खुलकर बोल रहे हैं और न ही विपक्ष किसानों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा रहा है।
संगठन के पदाधिकारियों ने भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील का विरोध करते हुए इसे किसानों, मजदूरों और डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोगों के हितों के खिलाफ बताया।
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भाकियू चढ़ूनी के प्रधान समय सिंह ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच जिस व्यापारिक समझौते पर चर्चा चल रही है उससे देश के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनका आरोप है कि अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल सरकार पर इस समझौते को मंजूर कराने के लिए दबाव बना रहा है।
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उन्होंने कहा कि यदि यह समझौता लागू होता है तो भारतीय कृषि और डेयरी क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों को आशंका है कि विदेशी उत्पादों के आयात में बढ़ोतरी से घरेलू उत्पादकों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन ने राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाया है और देशभर के जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी कर ट्रेड डील को मंजूरी दी गई तो किसान और मजदूर संगठन संयुक्त रूप से बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे, जिसमें सड़क जाम जैसे कार्यक्रम भी शामिल हो सकते हैं।
प्रदर्शन के दौरान सुजाता काठूवास को यूनियन का ब्लॉक प्रधान नियुक्त किया गया। इस अवसर पर राजेंद्र कुमार गेरा, महिला जिला प्रधान मुन्नी बूढ़पुर, मनीषा यादव, ओपी लोहाणा, वेद सुल्तानिया, राजकुमार, कमल किशनगढ़, रोशन लाल दरोगा, नीलम मूंदड़ा, सुमन चौहान, ममता यादव मौजूद रहे।
नई खाद वितरण प्रणाली पर उठाए सवाल
किसान नेताओं ने जिले में शुरू की गई नई खाद वितरण प्रणाली पर नाराजगी जताई। कहा कि रेवाड़ी को बार-बार नई योजनाओं और प्रयोगों के लिए चुना जाता है, जिससे किसानों को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर न तो सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि खुलकर बोल रहे हैं और न ही विपक्ष किसानों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा रहा है।