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Rewari News: साइकिल से महेश नापेंगे 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 02 Jun 2026 05:12 PM IST
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साइकिलिस्ट महेश कुमार
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प्रवेश चौहान
रेवाड़ी। कालाका रोड स्थित सरस्वती विहार कॉलोनी के निवासी साइकिलिस्ट महेश कुमार (29) यात्राओं और रिकॉर्ड्स के कारण चर्चा में हैं। महेश पांच वर्षों में 150 से अधिक शहरों की साइकिल यात्रा कर चुके हैं।
महेश कुमार ने वर्ष 2020 में साइकिलिंग की शुरुआत की थी। शुरुआती दिनों में ही उन्होंने पंचकूला के एक स्टेडियम में 12 घंटे में 77.47 किलोमीटर और 24 घंटे में 105.2 किलोमीटर साइकिल चलाकर क्षमता का प्रदर्शन किया था। इसके बाद से ही लंबी दूरी की साइकिल यात्राओं का सफर लगातार आगे बढ़ता गया।
महेश अभी 12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम की साइकिल यात्रा पर हैं। इस दौरान भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेश की यात्रा करेंगे। 4 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी हो चुकी है। इसमें यूपी और हरियाणा शामिल है। वर्तमान में राजस्थान के सिरोही जिले में पहुंच चुके हैं। यह यात्रा 15 मार्च को शुरू की थी। करीब डेढ़ साल तक यात्रा चलेगी। करीब 40 हजार किलोमीटर की ये यात्रा है।
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इससे पहले महेश कुमार 14 देशों की यात्रा के लिए निकले थे लेकिन तब नेपाल, भूटान, वियतनाम, थाईलैंड, भारत की यात्रा ही पूरी कर सके थे। उनकी आगे की योजनाओं में कश्मीर से कन्याकुमारी तक 3600 किलोमीटर की साइकिल यात्रा को मात्र 7 दिनों में पूरा करने का रिकॉर्ड बनाना शामिल है। इसके बाद वह रेवाड़ी से इंग्लैंड का सफर भी साइकिल से पूरा करना चाहते हैं। इस दौरान 30 देशों का सफर किया जाएगा।
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कहा-साइकिल चलाने से शरीर रहता है स्वस्थ
महेश ने मार्च व अप्रैल 2021 में छह हजार किमी तक साइकिल चलाकर रिकॉर्ड कायम किया था। उन्होंने क्लीन इंडिया-ग्रीन इंडिया-एजुकेट इंडिया का संदेश लेकर 3 मार्च को इंडिया गेट से साइकिल यात्रा शुरू कर राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश होते हुए 5 अप्रैल को इंडिया गेट पहुंचकर समाप्त की थी। महेश ने बताया कि 2021 में उन्होंने 12 राज्यों के 85 शहरों की 6 हजार किमी की यात्रा साइकिल से 34 दिनों में पूरी कर लौटे थे। उस समय वह 24 वर्ष के थे। उन्होंने 2021 में 6 दिसंबर से 14 जनवरी (2022) तक कश्मीर से कन्याकुमारी तक 4000 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय किया था। इस सफर को तय करने में 40 दिन लगे थे। 3 मार्च 2021 को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता का 34 दिन तक 6 हजार किमी का सफर तय किया था।
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लोगों ने सुविधा के लिए साइकिल चलाना कम कर दिया
महेश ने बताया कि लोगों ने समय की बचत और सुविधा के लिए साइकिल चलाना कम कर दिया है। बाइक, कार को परिवहन का साधन बना लिया गया है। साइकिल के उपयोग और जरूरत के बारे में बच्चों और अन्य लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विश्व साइकिल दिवस की शुरूआत हुई है। साइकिल चलाने से शरीर भी स्वस्थ रहता है। तकनीक के विकास के साथ ही गाड़ियों का उपयोग बढ़ने लगा है। इससे लोगों की दिनचर्या पर गहरा असर पड़ा है। साइकिल चलाने से शरीर भी स्वस्थ रहता है।
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1500 किलोमीटर की लगा चुके हैं दौड़
महेश ने 2024 में इंडिया गेट दिल्ली से गेटवे ऑफ इंडिया मुंबई तक 1500 किलोमीटर तक अंगदान जागरूकता के लिए दौड़ लगाई थी। यह दौड़ 19 मार्च को शुरू की गई थी जो 24 अप्रैल तक मुंबई में समाप्त हुई थी। इसमें महेश ने 1500 किलोमीटर दूरी तय करने में 37 दिन का समय लिया था। इसका मुख्य उद्देश्य के अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करना था। महेश के पिता ओमप्रकाश एयरफोर्स रिटायर्ड हैं। मां सुमित्रा देवी गृहणी है। एक भाई और एक बहन है। महेश सबसे छोटे हैं।
रेवाड़ी। कालाका रोड स्थित सरस्वती विहार कॉलोनी के निवासी साइकिलिस्ट महेश कुमार (29) यात्राओं और रिकॉर्ड्स के कारण चर्चा में हैं। महेश पांच वर्षों में 150 से अधिक शहरों की साइकिल यात्रा कर चुके हैं।
महेश कुमार ने वर्ष 2020 में साइकिलिंग की शुरुआत की थी। शुरुआती दिनों में ही उन्होंने पंचकूला के एक स्टेडियम में 12 घंटे में 77.47 किलोमीटर और 24 घंटे में 105.2 किलोमीटर साइकिल चलाकर क्षमता का प्रदर्शन किया था। इसके बाद से ही लंबी दूरी की साइकिल यात्राओं का सफर लगातार आगे बढ़ता गया।
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महेश अभी 12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम की साइकिल यात्रा पर हैं। इस दौरान भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेश की यात्रा करेंगे। 4 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी हो चुकी है। इसमें यूपी और हरियाणा शामिल है। वर्तमान में राजस्थान के सिरोही जिले में पहुंच चुके हैं। यह यात्रा 15 मार्च को शुरू की थी। करीब डेढ़ साल तक यात्रा चलेगी। करीब 40 हजार किलोमीटर की ये यात्रा है।
इससे पहले महेश कुमार 14 देशों की यात्रा के लिए निकले थे लेकिन तब नेपाल, भूटान, वियतनाम, थाईलैंड, भारत की यात्रा ही पूरी कर सके थे। उनकी आगे की योजनाओं में कश्मीर से कन्याकुमारी तक 3600 किलोमीटर की साइकिल यात्रा को मात्र 7 दिनों में पूरा करने का रिकॉर्ड बनाना शामिल है। इसके बाद वह रेवाड़ी से इंग्लैंड का सफर भी साइकिल से पूरा करना चाहते हैं। इस दौरान 30 देशों का सफर किया जाएगा।
कहा-साइकिल चलाने से शरीर रहता है स्वस्थ
महेश ने मार्च व अप्रैल 2021 में छह हजार किमी तक साइकिल चलाकर रिकॉर्ड कायम किया था। उन्होंने क्लीन इंडिया-ग्रीन इंडिया-एजुकेट इंडिया का संदेश लेकर 3 मार्च को इंडिया गेट से साइकिल यात्रा शुरू कर राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश होते हुए 5 अप्रैल को इंडिया गेट पहुंचकर समाप्त की थी। महेश ने बताया कि 2021 में उन्होंने 12 राज्यों के 85 शहरों की 6 हजार किमी की यात्रा साइकिल से 34 दिनों में पूरी कर लौटे थे। उस समय वह 24 वर्ष के थे। उन्होंने 2021 में 6 दिसंबर से 14 जनवरी (2022) तक कश्मीर से कन्याकुमारी तक 4000 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय किया था। इस सफर को तय करने में 40 दिन लगे थे। 3 मार्च 2021 को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता का 34 दिन तक 6 हजार किमी का सफर तय किया था।
लोगों ने सुविधा के लिए साइकिल चलाना कम कर दिया
महेश ने बताया कि लोगों ने समय की बचत और सुविधा के लिए साइकिल चलाना कम कर दिया है। बाइक, कार को परिवहन का साधन बना लिया गया है। साइकिल के उपयोग और जरूरत के बारे में बच्चों और अन्य लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विश्व साइकिल दिवस की शुरूआत हुई है। साइकिल चलाने से शरीर भी स्वस्थ रहता है। तकनीक के विकास के साथ ही गाड़ियों का उपयोग बढ़ने लगा है। इससे लोगों की दिनचर्या पर गहरा असर पड़ा है। साइकिल चलाने से शरीर भी स्वस्थ रहता है।
1500 किलोमीटर की लगा चुके हैं दौड़
महेश ने 2024 में इंडिया गेट दिल्ली से गेटवे ऑफ इंडिया मुंबई तक 1500 किलोमीटर तक अंगदान जागरूकता के लिए दौड़ लगाई थी। यह दौड़ 19 मार्च को शुरू की गई थी जो 24 अप्रैल तक मुंबई में समाप्त हुई थी। इसमें महेश ने 1500 किलोमीटर दूरी तय करने में 37 दिन का समय लिया था। इसका मुख्य उद्देश्य के अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करना था। महेश के पिता ओमप्रकाश एयरफोर्स रिटायर्ड हैं। मां सुमित्रा देवी गृहणी है। एक भाई और एक बहन है। महेश सबसे छोटे हैं।