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Rewari News: टेली ईसीजी सेवा शुरू, अब गांवों में होगी दिल की बीमारी की पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 01 Jun 2026 11:34 PM IST
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रेवाड़ी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हृदय रोगियों के लिए राहत की खबर है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल रेवाड़ी, कोसली उपमंडल अस्पताल, पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा 18 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में टेली ईसीजी सेवा शुरू कर दी है। इस सुविधा से अब मरीजों को हार्ट अटैक या अन्य हृदय रोगों की जांच के लिए शहरों के बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह सेवा 24 घंटे निशुल्क उपलब्ध रहेगी।
ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में ईसीजी मशीनें तो उपलब्ध होती हैं लेकिन विशेषज्ञ हृदय रोग चिकित्सकों की कमी के कारण रिपोर्ट की सही व्याख्या नहीं हो पाती है। टेली ईसीजी तकनीक में डिजिटल ईसीजी मशीन को इंटरनेट के माध्यम से कार्डियोलॉजिस्ट से जोड़ा जाता है। मरीज की रिपोर्ट सीधे विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंचती है और वे उसका विश्लेषण कर तुरंत राय देते हैं।
सीने में दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीज का ईसीजी स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर किया जाएगा। रिपोर्ट ऑनलाइन विशेषज्ञों के पास भेजी जाएगी और लगभग 10 मिनट के भीतर निदान रिपोर्ट वापस अस्पताल को प्राप्त हो जाएगी। इससे यह तुरंत स्पष्ट हो जाएगा कि मरीज को हृदय रोग है या नहीं।
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तत्काल उपचार से मिलेगी राहत
दिल का दौरा पड़ने के बाद का पहला घंटा मरीज के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। टेली ईसीजी सेवा के माध्यम से इसी अवधि में बीमारी की सटीक पहचान कर उपचार शुरू किया जा सकेगा। पहले मामूली सीने के दर्द की स्थिति में भी मरीजों को रेवाड़ी या रोहतक पीजीआई रेफर करना पड़ता था लेकिन अब अनावश्यक रेफरल की जरूरत नहीं पड़ेगी। तत्काल इलाज शुरू होने से मरीज को राहत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ईसीजी सेवा चौबीसों घंटे संचालित होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय भी विशेषज्ञों की राय उपलब्ध रहेगी जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सकेगी। इससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
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वर्जन
टेली ईसीजी तकनीक से गांव स्तर पर ही हृदय रोगों की समय रहते पहचान हो सकेगी। इससे मरीजों को तुरंत उपचार मिल सकेगा और गंभीर मामलों में जान बचाने की संभावना बढ़ेगी।- डॉ. सुभाष, जिला नोडल अधिकारी।
ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में ईसीजी मशीनें तो उपलब्ध होती हैं लेकिन विशेषज्ञ हृदय रोग चिकित्सकों की कमी के कारण रिपोर्ट की सही व्याख्या नहीं हो पाती है। टेली ईसीजी तकनीक में डिजिटल ईसीजी मशीन को इंटरनेट के माध्यम से कार्डियोलॉजिस्ट से जोड़ा जाता है। मरीज की रिपोर्ट सीधे विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंचती है और वे उसका विश्लेषण कर तुरंत राय देते हैं।
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सीने में दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीज का ईसीजी स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर किया जाएगा। रिपोर्ट ऑनलाइन विशेषज्ञों के पास भेजी जाएगी और लगभग 10 मिनट के भीतर निदान रिपोर्ट वापस अस्पताल को प्राप्त हो जाएगी। इससे यह तुरंत स्पष्ट हो जाएगा कि मरीज को हृदय रोग है या नहीं।
तत्काल उपचार से मिलेगी राहत
दिल का दौरा पड़ने के बाद का पहला घंटा मरीज के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। टेली ईसीजी सेवा के माध्यम से इसी अवधि में बीमारी की सटीक पहचान कर उपचार शुरू किया जा सकेगा। पहले मामूली सीने के दर्द की स्थिति में भी मरीजों को रेवाड़ी या रोहतक पीजीआई रेफर करना पड़ता था लेकिन अब अनावश्यक रेफरल की जरूरत नहीं पड़ेगी। तत्काल इलाज शुरू होने से मरीज को राहत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ईसीजी सेवा चौबीसों घंटे संचालित होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय भी विशेषज्ञों की राय उपलब्ध रहेगी जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सकेगी। इससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
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टेली ईसीजी तकनीक से गांव स्तर पर ही हृदय रोगों की समय रहते पहचान हो सकेगी। इससे मरीजों को तुरंत उपचार मिल सकेगा और गंभीर मामलों में जान बचाने की संभावना बढ़ेगी।- डॉ. सुभाष, जिला नोडल अधिकारी।