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Rewari News: बच्चों को बताई हरियाणा के व्यंजनों की गुणवत्ता
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:29 PM IST
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भारतीय भाषा समर कैंप के चौथे दिन की गतिविधि में भाग लेते विद्यार्थी। स्रोत : स्कूल
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रेवाड़ी। ततारपुर इस्तमुरार स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सात दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप के चौथे दिन बच्चों को हरियाणा के व्यंजनों की गुणवत्ता बताई गई।
कैंप प्रभारी नीतू यादव, सुरक्षा और सुषमा ने बच्चों को मौसमी फलों एवं सब्जियों के हिंदी नामों से परिचित कराया। विद्यार्थियों ने टमाटर, भिंडी, आलू, आम, केला और अन्य फलों-सब्जियों की पहचान कर उनके नाम लिखने का अभ्यास किया।
रसोई सत्र के दौरान बच्चों को भारतीय रसोई में उपयोग होने वाले प्रमुख मसालों जैसे हल्दी, जीरा, धनिया, लाल मिर्च और अजवाइन के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने मसालों की खुशबू और उनके उपयोग को समझा।
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इस दौरान आयोजित मसालों को पहचानों खेल में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी समझ का प्रदर्शन किया। हरियाणा के पारंपरिक व्यंजनों पर भी चर्चा की गई।
विद्यार्थियों को बाजरा खिचड़ी, कढ़ी-चावल, लस्सी और अन्य स्थानीय व्यंजनों के पोषण मूल्य तथा सांस्कृतिक महत्व के बारे में बताया गया। स्वस्थ भोजन क्यों जरूरी है विषय पर आयोजित समूह चर्चा में बच्चों ने जंक फूड के दुष्प्रभाव और हरी सब्जियों, फलों तथा संतुलित आहार के लाभों पर अपने विचार साझा किए।
दिन की प्रमुख आकर्षण गतिविधियों में सब्जी अंताक्षरी और थाली सजाओ प्रतियोगिता शामिल रहीं। इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और ज्ञान का परिचय दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय की ओर से सम्मानित किया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद मेहता ने कहा कि भारतीय भाषा समर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को भाषा शिक्षण के साथ भारतीय संस्कृति, खान-पान की परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़ना है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से फीडबैक लिया गया तथा पूरे आयोजन की फोटो और वीडियो डॉक्यूमेंटेशन की गई। कैंप के पांचवें दिन महान व्यक्तियों की जानकारी विषय पर विविध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
कैंप प्रभारी नीतू यादव, सुरक्षा और सुषमा ने बच्चों को मौसमी फलों एवं सब्जियों के हिंदी नामों से परिचित कराया। विद्यार्थियों ने टमाटर, भिंडी, आलू, आम, केला और अन्य फलों-सब्जियों की पहचान कर उनके नाम लिखने का अभ्यास किया।
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रसोई सत्र के दौरान बच्चों को भारतीय रसोई में उपयोग होने वाले प्रमुख मसालों जैसे हल्दी, जीरा, धनिया, लाल मिर्च और अजवाइन के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने मसालों की खुशबू और उनके उपयोग को समझा।
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विद्यार्थियों को बाजरा खिचड़ी, कढ़ी-चावल, लस्सी और अन्य स्थानीय व्यंजनों के पोषण मूल्य तथा सांस्कृतिक महत्व के बारे में बताया गया। स्वस्थ भोजन क्यों जरूरी है विषय पर आयोजित समूह चर्चा में बच्चों ने जंक फूड के दुष्प्रभाव और हरी सब्जियों, फलों तथा संतुलित आहार के लाभों पर अपने विचार साझा किए।
दिन की प्रमुख आकर्षण गतिविधियों में सब्जी अंताक्षरी और थाली सजाओ प्रतियोगिता शामिल रहीं। इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और ज्ञान का परिचय दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय की ओर से सम्मानित किया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद मेहता ने कहा कि भारतीय भाषा समर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को भाषा शिक्षण के साथ भारतीय संस्कृति, खान-पान की परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़ना है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से फीडबैक लिया गया तथा पूरे आयोजन की फोटो और वीडियो डॉक्यूमेंटेशन की गई। कैंप के पांचवें दिन महान व्यक्तियों की जानकारी विषय पर विविध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।