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भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षण आवश्यक : सुषमा
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:06 PM IST
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प्रशिक्षण शिविर में एकजुट विद्यार्थी व मुख्य अतिथि सुषमा गुप्ता साथ में अन्य। स्रोत : विभाग
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रेवाड़ी। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की ओर से वीरवार को आस्था-कुंज परिसर में जिला बाल कल्याण अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें राज्य के विभिन्न जिलों से आए बाल कल्याण अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि परिषद की मानद महासचिव सुषमा गुप्ता ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षण जरूरी है।
सुषमा गुप्ता ने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों को नई तकनीकों और कार्य प्रणालियों से अवगत कराया जाता है, जिससे परिषद के कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में आने वाली चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए निरंतर सीखना और स्वयं को अपडेट रखना जरूरी है।
जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत की और जिला परिषद के ऑनलाइन पोर्टल की जानकारी साझा की। शिविर में विभिन्न जिलों में संचालित गतिविधियों पर चर्चा की गई तथा परिषद को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ।
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कार्यक्रम में सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार यादव, अधिवक्ता राजेंद्र सिंह, लेफ्टिनेंट कमांडेंट (सेवानिवृत्त) शंकर सिंह, मुख्य लेखा अधिकारी अनिल कुमार शर्मा तथा अन्य विशेषज्ञों ने नैतिकता, पारदर्शिता, कानूनी प्रावधानों और वित्तीय प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
शिविर के दौरान प्रतिभागियों को बाल भवन रेवाड़ी और बाल भवन बावल का भ्रमण भी कराया गया, जहां उन्हें विभिन्न गतिविधियों और योजनाओं की जानकारी दी गई।
सुषमा गुप्ता ने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों को नई तकनीकों और कार्य प्रणालियों से अवगत कराया जाता है, जिससे परिषद के कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में आने वाली चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए निरंतर सीखना और स्वयं को अपडेट रखना जरूरी है।
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जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत की और जिला परिषद के ऑनलाइन पोर्टल की जानकारी साझा की। शिविर में विभिन्न जिलों में संचालित गतिविधियों पर चर्चा की गई तथा परिषद को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ।
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शिविर के दौरान प्रतिभागियों को बाल भवन रेवाड़ी और बाल भवन बावल का भ्रमण भी कराया गया, जहां उन्हें विभिन्न गतिविधियों और योजनाओं की जानकारी दी गई।